गुरूवार, दिसम्बर 11, 2025 12:00 अपराह्न IST
होमKKN Specialमीनापुर के बाढ़ पीड़ितो तक नही पहुंच रहा है राहत

मीनापुर के बाढ़ पीड़ितो तक नही पहुंच रहा है राहत

Published on

आधा पेट खाकर सड़क किनारे खुले में रहने वालो ने सुनाई दर्द भरी आपबीती

कौशलेन्द्र झा
हो बउआ, दुपहरिया में एक बेर खाना मिलन ह… उहे खएले, फेनू बिहान खाएला मिलतई…। बाकी किछुओ न मिलल ह…। मीनापुर हाई स्कूल के समीप, शिवहर सड़क किनारे, धूप से बचने के लिए लकड़ी के सहारे फटा हुआ पन्नी टांग कर धूप से बचने की जद्दोजहद में जुटी पुरैनिया गांव की 65 वर्षीय मुसमात विस्फी देवी का दर्द बाढ़ राहत की कलई खोलने के लिए प्रयाप्त है। विस्फी बताती है कि यह पन्नी भी उसका अपना है। सरकार की ओर से अभी तक एक अदद प्लास्टिक भी नही मिला है।
सड़क किनारे गुजर बसर कर रहें महापति देवी हो या अशोक प्रसाद सभी की दास्तान कमोवेश एक जैसी है। राधा कुमारी और विरेन्द्र कुमार, यहां मौजूद दो दर्जन से अधिक बाढ़ पीड़ितो ने बताया कि लोग आतें हैं और फोटो खींच कर चलें जातें हैं। बतातें चलें कि यहां करीब 200 परिवार सड़क पर शरण लिए हुआ है। क्योंकि, उनके घर में चार से पांच फीट तक पानी भरा हुआ है।
मीनापुर चौक से थोड़ी दूर आगे बढ़ते ही रास्ता बंद है। शिवहर सड़क पर तीन से चार फीट पानी बह रहा है। लोग ट्रैक्टर से सड़क पार कर रहें हैं। यही पर कॉग्रेस नेता सुलतान अहमद खान बतातें है कि भीतर गांव में हालात और भी भयावह है। तुर्की, गंगटी, डाकबंगला व हथिआवर में लोग चौकी पर चौकी रख कर, भूखे प्यासे रतजग्गा करने को विवश है। कोइली से किसी तरह पानी हेल कर बाहर आये गरीबनाथ राय बतातें है कि पानी की तेज बहाव से मछुआ पुल के समीप जबरदस्त कटाव होने से पुल कभी भी उखड़ सकता है। लिहाजा, कोइली और टेंगराहां सहित करीब दो हजार लोगो दहशत में है।
इधर, प्रखंड मुख्यालय में नाव की मांग को लेकर पहुंचे दरहीपट्टी के शिवजी पासवान बतातें हैं कि सड़क टूट जाने से उनके गांव का करीब 700 परिवार गांव में ही फंसा हुआ है और उसको बाहर आने का कोई रास्ता नही है। ब्रहण्डा के मो. सदरुल खान बतातें है कि गांव में सैकड़ो परिवार भूखे प्यासे फंसा हुआ और अभी तक प्रशासन की ओर से कोई राहत नही पहुंचा है। पैगम्बरपुर के राजन कुमार, हरशेर के गौरीशंकर सिंह, तालिमपुर के प्रेमलाल राय, टेंगरारी के प्रो. लक्ष्मीकांत और झोंझा के राकेश कुमार सहित दर्जनो लोगो ने राहत नही मिलने पर नाराजगी प्रकट करते हुए बताया कि यहां बाढ़ पीड़ितो की सुधि लेने वाला कोई नही है।

KKN लाइव WhatsApp पर भी उपलब्ध है, खबरों की खबर के लिए यहां क्लिक करके आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं।

KKN Public Correspondent Initiative

Latest articles

सोने और चांदी की कीमतों में बढ़ रही तेजी

सोने और चांदी की कीमतों में आज, 11 दिसंबर 2025 को तेजी देखने को...

बिहार BSSC स्पोर्ट्स ट्रेनर भर्ती 2025 : 379 पदों के लिए करें आवेदन

यदि आप सरकारी नौकरी की तलाश में हैं तो आपके लिए बिहार कर्मचारी चयन...

बिहार मौसम अपडेट : ठंड और कोहरे का असर जारी रहेगा

बिहार में सर्दी का असर धीरे-धीरे महसूस होने लगा है। सुबह और रात के...

जानिए कब तक बनेगा चांदपरना पुल

मीनापुर में चांदपरना पुल बनाने की मांग हो या कोल्ड स्टोरेज बनाने की मांग।...

More like this

गुमनाम हकीकत” – संपूर्ण पुस्तक समीक्षा

KKN ब्यूरो। "गुमनाम हकीकत: अ फॉरगॉट्न हिस्ट्री" कौशलेंद्र झा द्वारा लिखी गई एक अतुलनीय...

टू नेशन थ्योरी: विभाजन की वैचारिक नींव और उसका सच

धर्म के आधार पर एक राष्ट्र की परिकल्पना से लेकर भारत के बंटवारे तक KKN...

सहदेव झा…एक गुमनाम शख्सियत

अगस्त क्रांति का महानायक KKN न्यूज ब्यूरो। बिहार में मुजफ्फरपुर जिला का एक कस्बा है-मीनापुर...।...
00:10:01

जब मुजफ्फरपुर बना आज़ादी की जंग का गढ़: खुदीराम, शारदा और सहदेव की अनसुनी कहानी

जब भी हम स्वतंत्रता संग्राम की बात करते हैं, तो दिल्ली, बंगाल और पंजाब...

अगर रामायण की घटनाएं आज होतीं तो कैसी होती खबरें?

KKN न्यूज ब्यूरो। धार्मिक ग्रंथ रामायण का हर प्रसंग हमें जीवन के महत्वपूर्ण संदेश...

गुरु रविदास: समाज सुधार और आध्यात्मिकता के प्रतीक

KKN न्यूज ब्यूरो। हर साल माघ पूर्णिमा के दिन गुरु रविदास जयंती (Guru Ravidas...

कौन थे कनकलता बरुआ और गुरुजी – “भारत छोड़ो आंदोलन” की अनसुनी दास्तान

8 अगस्त 1942, मुंबई के गोवालिया टैंक मैदान में महात्मा गांधी के 'भारत छोड़ो'...

रेजांगला का युद्ध और चीन की हकीकत

KKN न्यूज ब्यूरो। वर्ष 1962 के युद्ध की कई बातें है, जिसको समझना जरूरी...

प्रार्थना पर प्रहार क्यों

तेज आवाज की चपेट में है गांव KKN न्यूज ब्यूरो। चार रोज से चल रहा...

महापर्व छठ का खगोलीय महत्व

KKN न्यूज ब्यूरो। लोक आस्था का महापर्व छठ कार्तिक शुक्ल पक्ष के षष्ठी को...

इलाहाबाद क्यों गये थे चन्द्रशेखर आजाद

KKN न्यूज ब्यूरो। बात वर्ष 1920 की है। अंग्रेजो के खिलाफ सड़क पर खुलेआम...

प्लासी में ऐसा क्या हुआ कि भारत को अंग्रेजो का गुलाम होना पड़ा

इन दिनो भारत में आजादी का अमृत महोत्सव चल रहा है। यह बात हम...

फेक न्यूज की पहचान का आसान तरिका

सूचनाएं भ्रामक हो तो गुमराह होना लाजमी हो जाता है। सोशल मीडिया के इस...

इन कारणो से है मुजफ्फरपुर के लीची की विशिष्ट पहचान  

अपनी खास सांस्कृतिक विरासत के लिए दुनिया में विशिष्ट पहचान रखने वाले भारत की...

माउंट एवरेस्ट का एक रोचक रहस्य जो हमसे छिपाया गया

हिमालय पर्वत माला की सबसे उंची चोटी है माउंट एवरेस्ट। इस नाम को लेकर...