बुधवार, जनवरी 14, 2026 6:51 अपराह्न IST
होमKKN Specialउम्र 24 साल कद डेढ फीट

उम्र 24 साल कद डेढ फीट

Published on

खुशबू के लिए मुसीबत बना छोटा कद

​छोटी बहन गयी पिया के घर, किंतु खुशबू को सारी जिंदगी गुजारना होगा बाबूल का घर, आर्थिक तंगी के कारण नही कर सकी मैट्रीक, पिता के लिए चिंता बनी बड़ी बिटिया

संतोष कुमार गुप्ता

मीनापुर। कद का छोटा होना लड़कियो के लिए सबसे बड़ी मुसीबत है। घर ही नही समाजिक स्तर पर भी उसका उपहास उड़ाया जाता है। सबसे बड़ी बात यह है कि उसकी जिंदगी के साथ भी मजाक होता है। मीनापुर प्रखण्ड के मझौलिया गांव के मनोज चौधरी के 24 वर्षिय पुत्री खुशबू कुमारी के साथ प्रकृति ने क्रुर मजाक किया है। वह घूट घूट कर जी रही है। हर पिता का अरमान होता है कि जब उसकी बेटी सयानी हो जाये तो उसको डोली मे चढा कर विदा करे। लेकिन खुशबू की उम्र 24 साल हो गयी है। लेकिन उसकी कद महज डेढ फीट है। उसका कहीं से रिश्ता नही आया। पिता ने दो जगहो पर प्रयास भी किया। किंतु निगेटिव जबाब मिला। नतिजतन खुशबू के कुमारी रहते उसकी छोटी बहन संजना की डोली पिछले साल सजी। उसकी शादी कोलकत्ता मे हुई। वही खुशबू अपनी भाग्य को कोसती रह गयी। वह पुरे जिंदगी भर बाबुल के घर पर ही रहेगी। पिता मनोज चौधरी ताड़ी का कारोबार करते है। उन्हे दो पुत्र व दो पुत्री है। घर चलाने मे आर्थिक तंगी आंड़े आ रही है। नाटे कद की खुशबू पढने मे तेजतर्रार है। किंतु पैसे के अभाव मे नवम से आगे तक की पढाई नही कर सकी। छोटी बहन आठंवा तक ही पढ सकी। मनोज ने नीरा के लिए लाइसेंस हेतु आवेदन दिया। किंतु अब तक नीरा का लाइसेंस नही मिला। ताड़ी का कारोबार आजीविका का प्रमुख साधन है। ताड़ी की बिक्री पर रोक के बाद उसके परिवार पर आफत आ जायेगी। खुशबू को सरकारी सहायता के लिए कई बार प्रखंड कार्यालय का चक्कर लगाया। किंतु कोई सहायता नही मिला। बिहार शिक्षा परियोजना के जिला पदाधिकारी के खेल कार्यकारिणी सदस्य मो सदरूल खान ने कहा कि बच्ची को हर हाल मे न्याय दिलाया जायेगा। वह शीघ्र ही डीएम से मिलेंगे।

KKN लाइव WhatsApp पर भी उपलब्ध है, खबरों की खबर के लिए यहां क्लिक करके आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं।

KKN Public Correspondent Initiative

Latest articles

3 इडियट्स से मिली सीख : आमिर खान अब फिल्मों के टाइटल हिंदी में क्यों रखते हैं

बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता Aamir Khan अपनी फिल्मों को लेकर बेहद सोच समझकर फैसले...

मकर संक्रांति में क्यों दही-चूड़ा सबसे खास और हेल्दी व्यंजन

मकर संक्रांति 2026 के मौके पर देशभर में पारंपरिक उत्साह के साथ पर्व मनाया...

बिहार के मखाना बन रहा रोजगार और आय का नया जरिया

मखाना, जिसे फॉक्स नट के नाम से भी जाना जाता है, वर्षों से बिहार...

Budget Smartphone : कम कीमत में 8GB और 12GB RAM वाले फोन उपलब्ध

स्मार्टफोन खरीदते समय ज्यादा RAM का मतलब अक्सर ज्यादा कीमत होता है। हालांकि अब...

More like this

गुमनाम हकीकत” – संपूर्ण पुस्तक समीक्षा

KKN ब्यूरो। "गुमनाम हकीकत: अ फॉरगॉट्न हिस्ट्री" कौशलेंद्र झा द्वारा लिखी गई एक अतुलनीय...

टू नेशन थ्योरी: विभाजन की वैचारिक नींव और उसका सच

धर्म के आधार पर एक राष्ट्र की परिकल्पना से लेकर भारत के बंटवारे तक KKN...

सहदेव झा…एक गुमनाम शख्सियत

अगस्त क्रांति का महानायक KKN न्यूज ब्यूरो। बिहार में मुजफ्फरपुर जिला का एक कस्बा है-मीनापुर...।...
00:10:01

जब मुजफ्फरपुर बना आज़ादी की जंग का गढ़: खुदीराम, शारदा और सहदेव की अनसुनी कहानी

जब भी हम स्वतंत्रता संग्राम की बात करते हैं, तो दिल्ली, बंगाल और पंजाब...

अगर रामायण की घटनाएं आज होतीं तो कैसी होती खबरें?

KKN न्यूज ब्यूरो। धार्मिक ग्रंथ रामायण का हर प्रसंग हमें जीवन के महत्वपूर्ण संदेश...

गुरु रविदास: समाज सुधार और आध्यात्मिकता के प्रतीक

KKN न्यूज ब्यूरो। हर साल माघ पूर्णिमा के दिन गुरु रविदास जयंती (Guru Ravidas...

कौन थे कनकलता बरुआ और गुरुजी – “भारत छोड़ो आंदोलन” की अनसुनी दास्तान

8 अगस्त 1942, मुंबई के गोवालिया टैंक मैदान में महात्मा गांधी के 'भारत छोड़ो'...

रेजांगला का युद्ध और चीन की हकीकत

KKN न्यूज ब्यूरो। वर्ष 1962 के युद्ध की कई बातें है, जिसको समझना जरूरी...

प्रार्थना पर प्रहार क्यों

तेज आवाज की चपेट में है गांव KKN न्यूज ब्यूरो। चार रोज से चल रहा...

महापर्व छठ का खगोलीय महत्व

KKN न्यूज ब्यूरो। लोक आस्था का महापर्व छठ कार्तिक शुक्ल पक्ष के षष्ठी को...

इलाहाबाद क्यों गये थे चन्द्रशेखर आजाद

KKN न्यूज ब्यूरो। बात वर्ष 1920 की है। अंग्रेजो के खिलाफ सड़क पर खुलेआम...

प्लासी में ऐसा क्या हुआ कि भारत को अंग्रेजो का गुलाम होना पड़ा

इन दिनो भारत में आजादी का अमृत महोत्सव चल रहा है। यह बात हम...

फेक न्यूज की पहचान का आसान तरिका

सूचनाएं भ्रामक हो तो गुमराह होना लाजमी हो जाता है। सोशल मीडिया के इस...

इन कारणो से है मुजफ्फरपुर के लीची की विशिष्ट पहचान  

अपनी खास सांस्कृतिक विरासत के लिए दुनिया में विशिष्ट पहचान रखने वाले भारत की...

माउंट एवरेस्ट का एक रोचक रहस्य जो हमसे छिपाया गया

हिमालय पर्वत माला की सबसे उंची चोटी है माउंट एवरेस्ट। इस नाम को लेकर...