होमHealthबिहार में कोरोना पॉजिटिव की संख्या दस

बिहार में कोरोना पॉजिटिव की संख्या दस

Published on

वार्ड बॉय के रिश्तेदार में मिला कोविड-19

KKN न्यूज ब्यूरो। बिहार में कोरोना पीड़ितो की संख्या धीरे-धीरे बढ़ने लगा है। शनिवार को राज्य में कोरोना पीड़ितों की संख्या 10 हो गई। आज आरएमआरआई से मिली रिपोर्ट में एक को कोरोना पॉजिटिव पाया गया। गौरकरने वाली बात ये है कि यहां कुल 90 लोगों के सैंपल की जांच हुई थीं। इनमें से 89 निगेटिव मिले, जबकि एक रिपोर्ट पॉजिटिव मिलते ही हड़कंप मच गया। अस्पताल के सूत्रों ने बताया कि यह रिपोर्ट एक महिला की है, जो वार्ड बॉय की रिश्तेदार है।

अस्पतालो से आई अच्छी खबर

पटना के आईजीआईएमएस, पीएमसीएच और एम्स से राहत की खबर आई है। यहां शुक्रवार को भेजे गए सभी सैंपल की रिपोर्ट शनिवार को निगेटिव रही। शुक्रवार को इन अस्पतालो में कुल 18 लोगों का सैंपल जांच के लिए गया था। राज्य में अब तक दस मरीजों में कोरोना की पुष्टि हुई है। इसमें राजधानी पटना के पांच, मुंगेर के तीन, सीवान के एक, और नालंदा के एक व्यक्ति शामिल है। इस तरह मो. सैफ के संपर्क में आए अब तक छह लोगों में कोरोना की पुष्टि हो चुकी है। इसमें सैफ के अलावा उसके दो परिजन और शरणम अस्पताल से जुड़े तीन कर्मी और उनके परिजन शामिल हैं। स्मरण रहें कि मुंगेर निवासी मो. सैफ की मौत हो चुकी है। वह कतर से लौटा था।

भारत में कोरोना संक्रमितों की संख्या 945 हुई

भारत में कोरोना वायरस के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में कोरोना वायरस ‘कोविड-19’ के 149 नए मामले सामने आने के बाद कुल कोरोना वायरस संक्रमितों की संख्या बढ़कर 945 हो गई हैं और दो मरीजों की मौत होने की बाद यहां मृतकों का आंकड़ा 21 हो गया है। देश में कोरोना वायरस के 67 मरीज ठीक हो चुके हैं।

प्रवासी मजदूरो को गांव पहुंचाना उचित नहीं है

नीतीश कुमार

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि लॉकडाउन में विशेष बसों से लोगों को एक से दूसरे जगह भेजना ठीक नहीं है। इससे लॉकडाउन करने का कोई फायदा नहीं होगा। एक निजी न्यूजै चैनल से बात करते हुए सीएम नीतीश ने कहा कि अगर इससे बीमारी फैलती है तो उसे रोक पाना मुश्किल होगा। नीतीश कुमार का यह बयान तब आया है जब दिल्ली और उत्तर प्रदेश सरकार बसों के जरिए लोगों को उनके घर तक पहुंचाने का काम कर रही है। नीतीश कुमार ने सुझाव दिया कि लोग जहां फंसे हुए हैं, उनके लिए उसी स्थान पर व्यवस्था किया जाए। कैम्प लगाकर सरकार उन्हें ठहराए और भोजन की व्यवस्था करे।

अमेरिका में हालात बेकाबू

अमेरिका में कोरोना वायरस के मरीज एक लाख के पार पहुंच गए हैं। तेजी से आंकड़ों में बढ़ोतरी जारी है। पिछले 24 घंटों में अमेरिका में 345 लोगों की कोरोना से मौत हो चुकी है। अमेरिका में बेरोजगारों की फौज खड़ी हो गई है जिससे देश में बेरोजगारी का 38 साल पुराना रिकॉर्ड टूट गया है। अमेरिका में संक्रमण की वजह से लॉकडाउन है।

दुनिया में छह लाख से अधिक लोगो में कोरोना की पुष्टि

चीन के वुहान से शुरू हुआ कोरोना वायरस प्रकोप दुनिया को चपेट में ले चुका है और संक्रमण के मामले 6,15,970 के पार हो गई हैं। मौत की संख्या 25 हजार से ज्यादा हो गई है। करीब 21 हजार मरीज अभी गंभीर अवस्था में जूझ रहे हैं। हालांकि, अब तक करीब 1.28 लाख लोग पूरी तरह से स्वस्थ भी हुए हैं। जहां संयुक्त राज्य अमेरिका में संक्रमण के मामले सर्वाधिक हैं तो वहीं, यूरोप के इटली और स्पेन मौतों के आंकड़े में सबसे आगे हैं। इधर, दुनिया में तबाही मचाने वाले कोरोना वायरस से सबक लेते हुए अब बीजिंग ने जंगली जानवरों और कीड़े-मकोड़ों के शिकार और खाने पर रोक लगाने की तैयारी की है। इसके लिए बीजिंग प्रशासन ने कई नियम-कायदों का ड्राफ्ट तैयार किया है।

KKN लाइव WhatsApp पर भी उपलब्ध है, खबरों की खबर के लिए यहां क्लिक करके आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं।

KKN Public Correspondent Initiative


Discover more from

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Latest articles

विश्वकर्मा पूजा: मशीन पर फूल चढ़ाने की परंपरा या इंसान के हुनर को सलाम?

ऋग्वेद के ‘विश्वकर्मन्’ से आधुनिक कारखाने तक पहुंची परंपरा में आखिर छिपा संदेश क्या...

हिंदी सिर्फ एक भाषा नहीं, भारत की चलती-फिरती कहानी है

हिंदी दिवस पर विशेष: क्या आप जानते हैं कि हिंदी को ‘राष्ट्रभाषा’ नहीं, ‘राजभाषा’...

मीनापुर की जुड़वा बहनों ने CSIR-NET में लहराया परचम, शनाया को ऑल इंडिया 92वीं रैंक

मुजफ्फरपुर के मीनापुर प्रखंड की जुड़वा बहनों शनाया निशांत और शोनाया निशांत ने CSIR-NET...

तीस मिनट में 9 मीटर पानी! क्या हिमालय बदल रहा है?

26 अगस्त 2026 को नेपाल-चीन सीमा के पास आई विनाशकारी बाढ़ ने हिमालय की...

More like this

विश्वकर्मा पूजा: मशीन पर फूल चढ़ाने की परंपरा या इंसान के हुनर को सलाम?

ऋग्वेद के ‘विश्वकर्मन्’ से आधुनिक कारखाने तक पहुंची परंपरा में आखिर छिपा संदेश क्या...

हिंदी सिर्फ एक भाषा नहीं, भारत की चलती-फिरती कहानी है

हिंदी दिवस पर विशेष: क्या आप जानते हैं कि हिंदी को ‘राष्ट्रभाषा’ नहीं, ‘राजभाषा’...

ध्वनि प्रदूषण: जुलूस आगे बढ़ता रहा… लेकिन, कानों में पड़ने वाला शोर वहीं रह गया

डीजे की धुन पर नाचते बच्चों को देखकर भीड़ तालियां बजाती है। किसी को...

क्या नकारात्मक सोच इंसान को उसी अंधेरे में धकेल देती है, जिसे वह दुनिया में खोज रहा होता है?

हर घटना में षड्यंत्र, हर परंपरा में खामी, हर व्यक्ति में स्वार्थ और हर...

एनर्जी ड्रिंक से पैकेटबंद खाने तक: सुविधा के नाम पर शरीर के साथ कितना बड़ा सौदा?

बाजार की चमकदार पैकेजिंग के भीतर छिपी चीनी, नमक, वसा और कैफीन शरीर को...

डायबिटीज लाइलाज है या इलाज का तरीका पुराना पड़ चुका है?

भारत में 101 मिलियन लोगों को डायबिटीज, 136 मिलियन प्री-डायबिटीज की जद में; दुनिया...

डैम, मानव सभ्यता की प्यास बुझाने वाला वरदान या आने वाली पीढ़ियों के लिए खड़ा किया जा रहा जल-खतरा?

नदियों को बांधकर इंसान ने पानी, बिजली और खेती पर नियंत्रण हासिल किया। लेकिन...

पढ़ाई महंगी, नौकरी और परीक्षा पर भरोसा भी संकट में

कैंपस से सड़क तक बढ़ती बेचैनी सिर्फ बेरोजगारी की कहानी नहीं; यह उस पीढ़ी...

पेपर लीक का काला कारोबार: किसने चुराए करोड़ों युवाओं के सपने, कौन है इस संगठित अपराध का असली सरगना? (भाग–2)

क्या पेपर लीक केवल आज की समस्या है? KKN ब्यूरो। यदि कोई यह मानता...

पेपर लीक का काला कारोबार: किसने चुराए करोड़ों युवाओं के सपने, कौन है इस संगठित अपराध का असली सरगना?

जब प्रश्नपत्र नहीं, भविष्य लीक होने लगे... KKN ब्यूरो। किसी राष्ट्र का भविष्य उसकी सीमाओं...

भारतीय शिक्षा व्यवस्था के बारे में चौकाने वाला खुलाशा, क्या हर गांव में था स्कूल?

आज भी उपलब्ध है थॉमस मुनरो और विलियम एडम की रिपोर्ट KKN ब्यूरो। ब्रिटिश शासन...

कोल्ड ड्रिंक: ताजगी या धीमा ज़हर? क्या कहती है वैज्ञानिक रिसर्च?

KKN ब्यूरो। गर्मी हो, पार्टी हो या सफर, कोल्ड ड्रिंक आज हमारी जीवनशैली का...

दल-बदल की राजनीति पर लगाम कब?

लोकतंत्र का सबसे बड़ा सवाल: विचारधारा बड़ी या सत्ता? कौशलेन्द्र झा KKN ब्यूरो। भारतीय राजनीति में...

भारत का भविष्य: कौन-कौन से खतरे दरवाजे पर खड़े हैं? और क्या भारत तैयार है?

KKN ब्यूरो। भारत 21वीं सदी की सबसे तेज़ी से उभरती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है।...

हिन्दी पत्रकारिता: मिशन से बाज़ार तक का सफर

क्या हिन्दी पत्रकारिता आज भी जनता की आवाज़ है? हिन्दी पत्रकारिता दिवस विशेष KKN ब्यूरो। क्या...