मंगलवार, फ़रवरी 17, 2026 6:12 अपराह्न IST
होमHealthनई दवाओं की कीमत को पारदर्शी बनाने के लिए नए नियम: पैकिंग...

नई दवाओं की कीमत को पारदर्शी बनाने के लिए नए नियम: पैकिंग से कैसे पता चलेगा कि दवा सस्ती है या महंगी

Published on

भारतीय सरकार ने दवा उद्योग में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इस कदम के तहत, अब दवाओं की पैकिंग में बदलाव किए जाएंगे ताकि मरीज आसानी से यह पहचान सकें कि दवा जनरिक है या ब्रांडेड। यह कदम उन मरीजों के लिए खासा फायदेमंद साबित होगा जो जानकर भी महंगी दवाएं खरीद लेते हैं, जबकि सस्ती जनरिक दवाएं भी उपलब्ध होती हैं। पैकिंग और लेबलिंग में किए गए बदलावों से मरीज अब दवाओं के बारे में बेहतर जानकारी प्राप्त कर सकेंगे और सही विकल्प का चयन कर पाएंगे।

दवाओं की कीमतों और मरीजों की जागरूकता की समस्या

भारत में मरीज अक्सर मेडिकल स्टोर पर ब्रांडेड नाम की दवाइयों की मांग करते हैं, यह मानते हुए कि वही दवाएं सबसे प्रभावी और विश्वसनीय होती हैं। इसके अलावा, कई बार मेडिकल स्टोर के मालिक महंगी ब्रांडेड दवाएं बेचते हैं, यह सोचकर कि इन दवाओं की गुणवत्ता अधिक होती है। हालांकि, इन दवाओं की कीमत सामान्यत: उनकी जनरिक दवाओं से कई गुना अधिक होती है, जबकि जनरिक दवाएं उतनी ही प्रभावी होती हैं और उनकी कीमत में बहुत बड़ा अंतर होता है।

जनरिक दवाओं के बारे में जानकारी की कमी भारतीय दवा बाजार में एक बड़ी समस्या रही है। कई बार, ब्रांडेड और जनरिक दवाओं की पैकिंग में कोई अंतर नहीं होता, जिससे उपभोक्ताओं के लिए दोनों के बीच अंतर करना कठिन हो जाता है। परिणामस्वरूप, कई मरीज बिना समझे महंगी दवाएं खरीद लेते हैं, जबकि वे सस्ती और उतनी ही प्रभावी जनरिक दवाओं का विकल्प चुन सकते थे।

पैकिंग में बदलाव के लिए प्रस्तावित नए नियम

इस समस्या को दूर करने और दवा बाजार को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए, सरकार नए नियम लागू करने की योजना बना रही है। इन नियमों के तहत, दवाओं की पैकिंग पर स्पष्ट रूप से यह दर्शाया जाएगा कि दवा ब्रांडेड है या जनरिक। इन नियमों का उद्देश्य मरीजों को दवाओं की कीमत और गुणवत्ता के बारे में सही जानकारी प्रदान करना है, ताकि वे बेहतर विकल्प का चुनाव कर सकें।

एक प्रस्तावित बदलाव के अनुसार, दवा की एक्सपायरी डेट, निर्माण विवरण और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी अब पैकिंग पर अधिक स्पष्ट रूप से प्रदर्शित की जाएगी। इससे उपभोक्ताओं के लिए यह समझना आसान हो जाएगा कि कौन सी दवा सस्ती है और कौन सी महंगी। इसके अलावा, ब्रांडेड और जनरिक दवाओं के बीच कीमत के अंतर को प्रमुख रूप से दर्शाया जाएगा, ताकि मरीज सही निर्णय ले सकें।

यह बदलाव दवा उद्योग में पारदर्शिता बढ़ाने के व्यापक प्रयासों का हिस्सा है, जिससे उपभोक्ताओं को सभी उपलब्ध विकल्पों के बारे में जानकारी मिल सके, जिसमें सस्ती जनरिक दवाएं भी शामिल हैं। इस कदम से आक्रामक विपणन रणनीतियों को भी काबू पाया जा सकेगा, जो महंगी दवाओं को बढ़ावा देती हैं, जबकि सस्ती और प्रभावी जनरिक दवाओं की उपेक्षा होती है।

नए नियमों के लाभ

1. बेहतर जागरूकता और सूचित चुनाव: इन बदलावों का मुख्य लाभ यह होगा कि मरीजों की जागरूकता में वृद्धि होगी। पैकिंग पर ब्रांडेड और जनरिक दवाओं के बीच स्पष्ट अंतर के कारण मरीज अधिक सूचित निर्णय ले सकेंगे, खासकर जब बात सस्ती दवाओं की हो।

2. मरीजों के लिए लागत में बचत: जनरिक दवाएं आमतौर पर 50-80% सस्ती होती हैं। मरीजों के लिए, खासकर जो लंबी अवधि तक इलाज करवा रहे होते हैं, यह काफी बड़ी बचत हो सकती है। जब जनरिक दवाएं अधिक स्पष्ट रूप से पहचानी जा सकेंगी, तो मरीज महंगी दवाओं के मुकाबले सस्ती और उतनी ही प्रभावी दवाओं का चुनाव करेंगे।

3. आवश्यक दवाओं तक बेहतर पहुंच: पैकिंग और कीमतों में पारदर्शिता के कारण, आवश्यक दवाएं ज्यादा लोगों तक पहुंच सकेंगी। खासकर भारत जैसे देश में, जहां कई मरीज महंगी दवाओं के इलाज का खर्च नहीं उठा सकते, यह कदम बहुत महत्वपूर्ण होगा।

4. आक्रामक विपणन का प्रभाव कम होगा: दवा उद्योग में अक्सर भारी विपणन और ब्रांड लॉयल्टी का इस्तेमाल महंगी दवाओं को बढ़ावा देने के लिए किया जाता है। पैकिंग और लेबलिंग में बदलाव से इस प्रभाव को कम किया जा सकेगा, और मरीजों को दवाओं के प्रभाव और लागत के आधार पर चयन करने में मदद मिलेगी।

5. जनरिक दवाओं का उपयोग बढ़ेगा: जैसे-जैसे मरीज जनरिक दवाओं के लाभ को समझेंगे, इन दवाओं की मांग बढ़ेगी, जिससे प्रतिस्पर्धा में वृद्धि होगी और दवाओं की कीमतों में और कमी आ सकती है। इसके परिणामस्वरूप, अधिक फार्मास्युटिकल कंपनियां जनरिक दवा बाजार में प्रवेश करेंगी, जिससे सस्ती दवाओं की उपलब्धता बढ़ेगी।

नए नियमों का कार्यान्वयन

नए नियमों के तहत, दवा की पैकिंग में यह स्पष्ट रूप से उल्लेख किया जाएगा कि दवा जनरिक है या ब्रांडेड। इसके अलावा, एक्सपायरी डेट, निर्माण जानकारी, और कीमत को इस प्रकार से दर्शाया जाएगा कि उपभोक्ता आसानी से दोनों के बीच अंतर समझ सकें। जनरिक दवाओं की पैकिंग में दवा के जनरिक नाम के साथ-साथ निर्माता कंपनी का ब्रांड नाम भी होगा।

नए नियमों से यह भी संभव होगा कि मरीज कीमतों की सीधी तुलना कर सकें। इसमें MRP (मैक्सिमम रिटेल प्राइस) और कुछ मामलों में, ब्रांडेड और जनरिक दवाओं के बीच कीमत तुलना शामिल हो सकती है। इस तरह के उपायों से मरीजों को यह जानकारी मिलेगी कि वे ब्रांडेड दवा चुनने के बजाय जनरिक दवा पर विचार करना चाहेंगे या नहीं।

उद्योग की प्रतिक्रिया

नई नियमों का स्वागत उपभोक्ता अधिकार समूहों और चिकित्सा पेशेवरों ने किया है, जो मानते हैं कि इससे मरीजों पर वित्तीय बोझ कम होगा। इन समूहों का कहना है कि कई मरीज सस्ती विकल्पों के बारे में अनजान होते हैं और उचित लेबलिंग और पैकिंग के बिना महंगी दवाएं खरीद लेते हैं।

हालांकि, कुछ फार्मास्युटिकल कंपनियां इन बदलावों का विरोध कर सकती हैं, खासकर जो ब्रांडेड दवाओं पर निर्भर करती हैं। उनका तर्क हो सकता है कि नए नियम ब्रांडेड दवाओं की मांग को घटा सकते हैं, जिससे उनकी बिक्री में कमी आएगी। इन चिंताओं के बावजूद, सरकार ने मरीजों के हित में यह कदम उठाने का निर्णय लिया है।

आगे का रास्ता: दवा बाजार पर प्रभाव

नई नियमों का लागू होना फार्मास्युटिकल बाजार में महत्वपूर्ण बदलाव ला सकता है। जैसे-जैसे अधिक लोग जनरिक दवाओं का चयन करेंगे, दवा उद्योग में कीमतों में कमी और प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। इससे लंबे समय में स्वास्थ्य देखभाल लागत कम हो सकती है, जो न केवल मरीजों के लिए बल्कि स्वास्थ्य प्रणाली के लिए भी फायदेमंद होगा।

इसके अतिरिक्त, जब जनरिक दवाएं अधिक लोकप्रिय होंगी, तो फार्मास्युटिकल कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और वे बेहतर, सस्ती और प्रभावी दवाएं प्रदान करने के लिए प्रेरित होंगी। यह उद्योग में नवाचार को बढ़ावा देगा और नए जनरिक दवाओं का विकास होगा जो ब्रांडेड दवाओं के समान प्रभावी होंगी लेकिन कम कीमत पर उपलब्ध होंगी।

नई नियमों का उद्देश्य दवा बाजार में अधिक पारदर्शिता और पहुँच सुनिश्चित करना है। ब्रांडेड और जनरिक दवाओं के बीच स्पष्ट अंतर और पैकिंग पर बेहतर जानकारी के साथ, सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि मरीजों को सही जानकारी मिले, ताकि वे अपनी स्वास्थ्य जरूरतों और वित्तीय क्षमताओं के हिसाब से सही निर्णय ले सकें।

जैसे-जैसे मरीज जनरिक दवाओं के लाभ को समझेंगे, दवा बाजार में खरीदारी के रुझान में बदलाव आ सकता है, जो स्वास्थ्य देखभाल लागत को घटा सकता है। यह कदम भारत में स्वास्थ्य देखभाल को सस्ता और सुलभ बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

Read this article in

KKN लाइव WhatsApp पर भी उपलब्ध है, खबरों की खबर के लिए यहां क्लिक करके आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं।

KKN Public Correspondent Initiative

Latest articles

क्या पाकिस्तान टूटने जा रहा है? बलुचिस्तान में खुली बगावत, कहा गिरे सेना के ठिकाने

क्या पाकिस्तान की नींव में ऐसी दरार पड़ चुकी है, जिसे अब जोड़ा नहीं...

महिला रोजगार योजना बिहार : होली के बाद दूसरी किस्त के रूप में 20 हजार रुपये जारी होंगे

Mahila Rojgar Yojana Bihar के तहत राज्य सरकार ने दूसरी किस्त जारी करने की...

Army Agniveer Vacancy 2026 आवेदन शुरू, आयु सीमा में एक वर्ष की छूट

Army Agniveer Vacancy 2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 13 फरवरी 2026 से शुरू...

BRABU मुजफ्फरपुर में छात्राओं की फीस माफ, SC/ST छात्रों को भी राहत

बाबासाहेब भीवराव अंबेडकर बिहार यूनिवर्सिटी मुजफ्फरपुर (BRABU) ने छात्राओं के लिए बड़ी राहत की...

More like this

महिला रोजगार योजना बिहार : होली के बाद दूसरी किस्त के रूप में 20 हजार रुपये जारी होंगे

Mahila Rojgar Yojana Bihar के तहत राज्य सरकार ने दूसरी किस्त जारी करने की...

Army Agniveer Vacancy 2026 आवेदन शुरू, आयु सीमा में एक वर्ष की छूट

Army Agniveer Vacancy 2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 13 फरवरी 2026 से शुरू...

BRABU मुजफ्फरपुर में छात्राओं की फीस माफ, SC/ST छात्रों को भी राहत

बाबासाहेब भीवराव अंबेडकर बिहार यूनिवर्सिटी मुजफ्फरपुर (BRABU) ने छात्राओं के लिए बड़ी राहत की...

बिहार मौसम अपडेट : शुष्क रहेगा मौसम, सुबह-रात हल्की ठंड बरकरार

फरवरी का महीना आगे बढ़ने के साथ ही बिहार में मौसम का मिजाज धीरे-धीरे...
00:10:10

क्या चीन-बांग्लादेश की साज़िश से घिर गया भारत? सिलिगुड़ी कॉरीडोर पर क्यों मंडराया खतरा

भारत का सबसे संवेदनशील इलाका — सिलिगुड़ी कॉरीडोर, जिसे दुनिया चिकेन नेक के नाम...

बिहार के इंजीनियरिंग कॉलेजों को नहीं मिली NBA मान्यता, छात्रों के भविष्य पर असर

बिहार का एक भी इंजीनियरिंग कॉलेज अभी तक NBA यानी National Board of Accreditation...

₹10,000 से कम में Samsung के दमदार स्मार्टफोन, 50MP कैमरा और 5000mAh बैटरी के साथ

अगर आप budget segment में Samsung का स्मार्टफोन खरीदने की planning कर रहे हैं,...

मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना : महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ी पहल

Mukhyamantri Mahila Rozgar Yojana के तहत राज्य सरकार महिलाओं को रोजगार और स्वरोजगार के...

आज का राशिफल, सभी 12 राशियों का दैनिक भविष्यफल

Horoscope 10 February 2026 Aaj Ka Rashifal ग्रहों और नक्षत्रों की चाल के आधार...

Bank of Baroda Recruitment 2026 : बैंकिंग सेक्टर में करियर बनाने का सुनहरा मौका, ऑनलाइन आवेदन शुरू

बैंकिंग सेक्टर में नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर सामने...

Raxaul में श्रीमद्भागवत कथा के दौरान भगदड़ जैसी स्थिति, तीन श्रद्धालु घायल

बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के Raxaul में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दौरान रविवार...

परीक्षा पे चर्चा 2026 परीक्षा के तनाव पर पीएम मोदी करेंगे छात्रों से संवाद

Pariksha Pe Charcha 2026 एक बार फिर देशभर के छात्रों से जुड़ने जा रहा...

पटना समेत पूरे बिहार में न्यूनतम तापमान में गिरावट की संभावना

बिहार में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलता नजर आ रहा है। राज्य...

खराब lifestyle बना फैटी लिवर की बड़ी वजह, जानिए क्या न खाएं

आज के समय में फैटी लिवर की समस्या तेजी से बढ़ रही है। पहले...

जानिए महाशिवरात्रि 2026 की सही तिथि, पूजा का समय और धार्मिक महत्व

हिंदू पंचांग के अनुसार महाशिवरात्रि फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को...