होमEntertainmentअनुपम खेर ने 'सरदार जी 3' को लेकर जताई नाराज़गी, दिलजीत दोसांझ...

अनुपम खेर ने ‘सरदार जी 3’ को लेकर जताई नाराज़गी, दिलजीत दोसांझ पर साधा निशाना

Published on

‘सरदार जी 3’ फिल्म को सिनेमाघरों में रिलीज़ हुए काफी समय हो चुका है, लेकिन इसके विवाद खत्म नहीं हुए हैं। फिल्म में पाकिस्तानी एक्ट्रेस हानिया आमिर की मौजूदगी को लेकर बहस लगातार जारी है। इसी कड़ी में अब दिग्गज अभिनेता अनुपम खेर ने अपनी कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने न सिर्फ मेकर्स के फैसले की आलोचना की है, बल्कि दिलजीत दोसांझ पर भी तंज कसा है।

अनुपम खेर बोले- कलाकार होने का मतलब संवेदनशीलता से समझौता नहीं

अपनी अपकमिंग फिल्म Tanvi The Great के प्रमोशन के दौरान अनुपम खेर ने कहा कि कलाकार होने का मतलब ये नहीं कि आप देश की भावनाओं को नजरअंदाज करें। उन्होंने कहा कि दिलजीत दोसांझ भले ही अपने expression और freedom का इस्तेमाल कर रहे हों, लेकिन एक जिम्मेदार कलाकार को सीमाएं समझनी चाहिए।

अनुपम ने उदाहरण देते हुए कहा, “मान लो कोई मेरे पिता को थप्पड़ मारे, और वो बहुत अच्छा गाता हो, तो क्या मैं उसे घर पर बुलाकर परफॉर्म करने दूंगा?” उन्होंने कहा कि देश उनके लिए परिवार की तरह है और जो नियम घर पर हैं, वही देश पर भी लागू होते हैं।

ऑपरेशन सिंदूर के बाद बढ़ा विवाद

7 मई 2025 को हुए ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत और पाकिस्तान के रिश्तों में तनाव बढ़ा। इसके बाद भारत सरकार ने कई कठोर फैसले लिए। पहले से बैन पाकिस्तानी कलाकारों के सोशल मीडिया अकाउंट्स भी भारत में ब्लॉक कर दिए गए।

इसी बीच ‘सरदार जी 3’ का ट्रेलर आया और दर्शकों ने देखा कि पाकिस्तानी एक्ट्रेस हानिया आमिर फिल्म में लीड रोल में हैं। इसके बाद सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। कई दर्शकों ने इस मूवी को boycott करने की मांग की।

FWICE और सिंगर्स ने भी की आलोचना

इस विवाद में Federation of Western India Cine Employees (FWICE) समेत कई कलाकार भी कूद पड़े। बी प्राक और मीका सिंह जैसे फेमस सिंगर्स ने भी दिलजीत दोसांझ की आलोचना की और उन्हें फिल्म Border 2 से बाहर करने की बात कही।

लोगों का कहना है कि जो कलाकार देश के खिलाफ खड़ी इंडस्ट्री से जुड़े लोगों के साथ काम करते हैं, उन्हें देशभक्ति फिल्मों में जगह नहीं दी जानी चाहिए।

अनुपम खेर की फिल्म Tanvi The Great पर नजर

इस बीच अनुपम खेर अपनी फिल्म Tanvi The Great के साथ बड़े पर्दे पर वापसी कर रहे हैं। ये फिल्म एक ऑटिस्टिक लड़की की कहानी पर आधारित है। फिल्म में इंसानियत, हिम्मत और परिवार की भावनाओं को बारीकी से दिखाया गया है।

अनुपम खेर ने बताया कि इस फिल्म को बनाने में उन्हें 23 साल लगे। उन्होंने कहा कि अब फिल्में सिर्फ numbers के लिए नहीं बनतीं, उन्हें दिल से बनाना होता है।

Art vs Nation: क्या कलाकारों को सीमा तय करनी चाहिए?

‘सरदार जी 3’ पर हुआ विवाद भारतीय सिनेमा में बार-बार उठने वाला सवाल है – आर्ट बनाम देशभक्ति। क्या कलाकार को अपनी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के साथ राष्ट्र की भावनाओं को भी समझना चाहिए?

कुछ लोग मानते हैं कि art को politics से अलग रखना चाहिए, लेकिन जब मामला सीमा पार के कलाकारों का हो, तब ये बहस और तीखी हो जाती है। खासकर ऐसे समय में जब सीमा पर तनाव हो।

क्यों नहीं रिलीज हुई ‘सरदार जी 3’ भारत में?

‘सरदार जी 3’ को भारत में रिलीज़ नहीं किया गया। फिल्म की स्टारकास्ट में पाकिस्तानी कलाकार होने और पब्लिक बैकलेश के कारण डिस्ट्रीब्यूटर्स ने जोखिम न उठाने का फैसला लिया।

थिएटर मालिकों को विरोध प्रदर्शन की आशंका थी और कई जगहों से सुरक्षा को लेकर चिंता जताई गई थी। ऐसे में मेकर्स को फिल्म को भारत में रिलीज़ न करने का निर्णय लेना पड़ा।

सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहा है विरोध

सोशल मीडिया पर #BoycottSardaarJi3 और #SupportIndianArtists जैसे हैशटैग्स ट्रेंड कर रहे हैं। ज़्यादातर यूज़र्स का कहना है कि कलाकारों को देश की संवेदनशीलता का ध्यान रखना चाहिए।

कुछ लोग यह भी कहते हैं कि ये decision देश के लिए सही है, तो कुछ इसे censorship मानते हैं। लेकिन ऐसे समय में जब देशभक्ति का माहौल हो, कलाकारों से जिम्मेदारी की उम्मीद की जाती है।

दिलजीत दोसांझ की चुप्पी बनी सवाल

अब तक दिलजीत दोसांझ ने इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। उनकी चुप्पी को कई लोग रणनीतिक कह रहे हैं। कुछ का मानना है कि वह अभी Border 2 की रिलीज़ तक इंतजार कर रहे हैं।

उद्योग के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, निर्माता और कास्टिंग एजेंसियां भी इस विवाद को गंभीरता से देख रही हैं। अगर पब्लिक गुस्सा यूं ही बढ़ता रहा, तो उनके करियर पर असर पड़ सकता है।

‘सरदार जी 3’ सिर्फ एक फिल्म नहीं, एक विचारधारा की टकराहट बन चुकी है। एक तरफ कलाकारों की आज़ादी है, तो दूसरी तरफ देश की भावनाएं।

अनुपम खेर जैसे वरिष्ठ कलाकार की राय इस बहस को और गंभीर बना देती है। अब देखना यह होगा कि Tanvi The Great और Sardaar Ji 3 के बीच पब्लिक किसे ज्यादा समर्थन देती है।

Read this article in

KKN लाइव WhatsApp पर भी उपलब्ध है, खबरों की खबर के लिए यहां क्लिक करके आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं।

KKN Public Correspondent Initiative


Discover more from

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Latest articles

मामुली बारिश… और अंधेरे में डूब जाता है बिहार का गांव

ट्री कटिंग पर हर साल करोड़ों के टेंडर, फिर भी पेड़ की टहनी से...

भारतीय शिक्षा व्यवस्था के बारे में चौकाने वाला खुलाशा, क्या हर गांव में था स्कूल?

आज भी उपलब्ध है थॉमस मुनरो और विलियम एडम की रिपोर्ट KKN ब्यूरो। ब्रिटिश शासन...

बांकीपुर उपचुनाव: क्या बीजेपी का अभेद्य किला दरकेगा या बदलेगी बिहार की राजनीति?

KKN ब्यूरो। पटना का बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र केवल एक सीट नहीं है। यह बिहार...

मोहम्मद रफी के आखरी अल्फाज- तो, मैं चलूं….

महान पार्श्व गायक मो. रफी आज हमारे बीच भले नही हो, किंतु, उन्हें भूलना...

More like this

भारतीय शिक्षा व्यवस्था के बारे में चौकाने वाला खुलाशा, क्या हर गांव में था स्कूल?

आज भी उपलब्ध है थॉमस मुनरो और विलियम एडम की रिपोर्ट KKN ब्यूरो। ब्रिटिश शासन...

कोल्ड ड्रिंक: ताजगी या धीमा ज़हर? क्या कहती है वैज्ञानिक रिसर्च?

KKN ब्यूरो। गर्मी हो, पार्टी हो या सफर, कोल्ड ड्रिंक आज हमारी जीवनशैली का...

क्या दुनिया बायोलॉजिकल वेपन के मुहाने पर खड़ी है?

सुपर पावरों की गुप्त प्रयोगशालाएं, अमेरिकी फंडिंग और मानव अस्तित्व पर मंडराता नया खतरा KKN...

दल-बदल की राजनीति पर लगाम कब?

लोकतंत्र का सबसे बड़ा सवाल: विचारधारा बड़ी या सत्ता? कौशलेन्द्र झा KKN ब्यूरो। भारतीय राजनीति में...

ईरान के सामने अमेरिका कितना सफल रहा?

क्या दुनिया की सबसे बड़ी सैन्य शक्ति सीमित हो चुकी है? KKN ब्यूरो। जब भारत...

क्या अमेरिका भारत का भरोसेमंद साझेदार है?

दोस्त, साझेदार या सिर्फ अपने हितों का प्रहरी? KKN ब्यूरो। अंतरराष्ट्रीय राजनीति में कोई स्थायी...

भारत का भविष्य: कौन-कौन से खतरे दरवाजे पर खड़े हैं? और क्या भारत तैयार है?

KKN ब्यूरो। भारत 21वीं सदी की सबसे तेज़ी से उभरती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है।...

हिन्दी पत्रकारिता: मिशन से बाज़ार तक का सफर

क्या हिन्दी पत्रकारिता आज भी जनता की आवाज़ है? हिन्दी पत्रकारिता दिवस विशेष KKN ब्यूरो। क्या...

भारत–बांग्लादेश सीमा पर तेज हुई फेंसिंग, लेकिन क्यों बढ़ रहा है तनाव?

KKN ब्यूरो। भारत ने बांग्लादेश सीमा को पूरी तरह सुरक्षित बनाने की दिशा में...

क्या पेट्रोलियम संकट की तरफ बढ़ रहा है भारत?

मिडिल ईस्ट की आग, अमेरिका की शांति वार्ता और भारत पर मंडराता खतरा KKN ब्यूरो।...

क्या ट्रंप हार गए ईरान से? स्ट्रेट ऑफ हार्मुज पर संकट, चीन की एंट्री और भारत के लिए बड़ा खेल

KKN ब्यूरो। क्या सच में Donald Trump ईरान के सामने झुक गए? क्या अमेरिका...

क्या ईरान सिर्फ एक देश है या एक ऐसी रणनीति, जिसे हराना नामुमकिन है?

KKN ब्यूरो। क्या आपने कभी सोचा है… कि दशकों से प्रतिबंध झेल रहा एक...

ट्रंप की दादागिरी का असली चेहरा अब दुनिया के सामने है

KKN ब्यूरो। क्या अमेरिका मिडिल ईस्ट में फंस चुका है? क्या ट्रंप की ‘दादागिरी’...
00:07:59

कर्ज में डूबे राज्य, फिर भी मुफ्त योजनाएं क्यों?

क्या आपने कभी सोचा है कि चुनाव आते ही अचानक मुफ्त योजनाओं की बाढ़...

अफगानिस्तान का नूर खान एयरबेस पर हमला: पाकिस्तान को दिया गया एक रणनीतिक संदेश

KKN ब्यूरो। दक्षिण एशिया की भू-राजनीति में कभी-कभी ऐसी घटनाएँ घटती हैं जो केवल...