होमBiharकबाड़ी के यहां से मिला मैट्रिक परीक्षा की कॉपियां

कबाड़ी के यहां से मिला मैट्रिक परीक्षा की कॉपियां

Published on

KKN Live न्यूज वेबसाइट पर सभी खबरो का त्वरित अपडेट पढ़ने के लिए प्लेस्टोर से KKN Live का एप डाउनलोड कर सकतें हैं…

नवादा। बिहार में शिक्षा व्यवस्था का क्या हाल है? इसकी बानगी नवादा में देखने को मिला। मैट्रिक की 42,400 कॉपी एक बकाड़ी के दुकान से बरामद होते ही महकमे में खलबली मच गई है।

दरअसल, नवादा जिले के एक आदेशपाल ने मात्र साढ़े आठ हजार रुपये लेकर मैट्रिक की 42,400 कॉपी को कबाड़ी के हाथो बेच दिया था। इसका खुलासा एआईटी की तफ्तीश के बाद शनिवार को किया गया। टीम ने शहर के हजियापुर के कबाड़ व्यवसायी व एक ऑटो चालक को गिरफ्तार कर लिया है।
अब एसआईटी की टीम ने सीवान व गोपालगंज के कबाड़ बीनने-खरीदने वाले 300 लोगों को चिह्नित कर गायब कॉपियां बरामद करने के लिए छापेमारी व पूछताछ कर रही है। टीम को आशंका है कि कबाड़ से कॉपी खरीदने के बाद उसे दूसरे जिले या फिर राज्य से बाहर बड़े कारोबारियों के हाथों बेच दिया गया होगा। स्मरण रहें कि आदेशपाल छठू सिंह ने स्कूल के स्ट्रांग रूम से कॉपियां निकालकर बेची थीं। खुलासा सीसीटीवी फुटेज के आधार पर हुआ।
ये है पूरा मामला
नवादा जिले की मैट्रिक की कॉपियों को मूल्यांकन के लिए एसएस बालिका प्लस टू स्कूल भेजा गया था। कॉपियों की जांच के बाद परीक्षार्थियों के प्राप्तांक की शीट बोर्ड को भेज दी गई। जब बिहार बोर्ड ने टॉपरों के वेरीफिकेशन के क्रम में कुछ छात्रों की कॉपियों की मांग की तो सोशल साइंस व विज्ञान की चार कॉपियां नहीं मिलीं। बाद में जांच में 215 बैग से 42400 से अधिक कॉपियां गायब पाई गईं। इस मामले में प्राचार्य ने आदेशपाल व अन्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

KKN लाइव WhatsApp पर भी उपलब्ध है, खबरों की खबर के लिए यहां क्लिक करके आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं।

KKN Public Correspondent Initiative


Discover more from

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Latest articles

गुमनाम हकीकत: जब इतिहास के खामोश पन्ने अपनी कहानी कहने लगते हैं

पुस्तक समीक्षा इतिहास की सबसे बड़ी विडंबना शायद यह है कि जो दर्ज है,...

शिक्षक से बड़ा कौन? भारत की उस परंपरा की पड़ताल, जहाँ गुरु को देवता कहा गया

KKN पड़ताल। किसी बच्चे के हाथ में पहली बार कलम आती है, तो वह...

एआई: सुविधा का अगला पड़ाव या इंसान के नियंत्रण से बाहर होती मशीन?

KKN ब्यूरो। कल्पना कीजिए, एक ऐसी मशीन है जिसे आपने कोई काम करने के...

क्या एक विधायक पांच साल में अपने क्षेत्र की तस्वीर बदल सकता है?

KKN ब्यूरो। विधायक के पास अपने विधानसभा क्षेत्र के लिए 5 वर्षों में 20...

More like this

शिक्षक से बड़ा कौन? भारत की उस परंपरा की पड़ताल, जहाँ गुरु को देवता कहा गया

KKN पड़ताल। किसी बच्चे के हाथ में पहली बार कलम आती है, तो वह...

क्या एक विधायक पांच साल में अपने क्षेत्र की तस्वीर बदल सकता है?

KKN ब्यूरो। विधायक के पास अपने विधानसभा क्षेत्र के लिए 5 वर्षों में 20...

हिंदी सिर्फ एक भाषा नहीं, भारत की चलती-फिरती कहानी है

हिंदी दिवस पर विशेष: क्या आप जानते हैं कि हिंदी को ‘राष्ट्रभाषा’ नहीं, ‘राजभाषा’...

मीनापुर की जुड़वा बहनों ने CSIR-NET में लहराया परचम, शनाया को ऑल इंडिया 92वीं रैंक

मुजफ्फरपुर के मीनापुर प्रखंड की जुड़वा बहनों शनाया निशांत और शोनाया निशांत ने CSIR-NET...

बिहार की सड़कें बन गईं मौत की सड़क? 5 साल में 34% बढ़े हादसे, 9,347 लोगों की गई जान

आंकड़ों का एक्स-रे: दुर्घटनाएं बढ़ीं, मौतें उससे भी तेज बढ़ीं KKN ब्यूरो। एक सड़क। एक...

बिहार की बाढ़: पानी उतर जाएगा, लेकिन कब तक पटरी पर लौटेंगी लोगों की जिंदगी?

क्या बाढ़ आने के बाद नाव भेज देना, राहत शिविर खोल देना और कुछ...

मीनापुर की क्रांति गाथा: इतिहास के हाशिये से उठती एक पूरी पीढ़ी की आवाज

मीनापुर की क्रांति गाथा पुस्तक की संक्षिप्त समीक्षा लेखक : कौशलेन्द्र झा KKN पुस्तक समीक्षा। इतिहास...

बिहार की जेन-जी के सामने सबसे बड़ा सवाल: नौकरी मिलेगी या भविष्य बदलेगा?

सम्राट चौधरी सरकार ने युवाओं के लिए रोजगार, कौशल, शिक्षा, इंटर्नशिप और परीक्षा सुधार...

पढ़ाई महंगी, नौकरी और परीक्षा पर भरोसा भी संकट में

कैंपस से सड़क तक बढ़ती बेचैनी सिर्फ बेरोजगारी की कहानी नहीं; यह उस पीढ़ी...

बांकीपुर: कैसे टूटा भाजपा का अभेद्य किला, क्यों बना प्रशांत किशोर बिहार की राजनीति का नया केंद्र?

KKN ब्यूरो। बिहार की राजनीति में कई चुनाव हुए, कई सरकारें बनीं और बदलीं।...

बांकीपुर का उपचुनाव: एक सीट की लड़ाई या बिहार की राजनीति का टर्निंग पॉइंट?

एक सीट... लेकिन पूरे बिहार की निगाहें क्यों? KKN ब्यूरो। भारतीय लोकतंत्र में कुछ चुनाव...

बिहार में भूमि सर्वेक्षण और भूमाफिया का कॉकटेल?

क्या रिकॉर्ड सुधार की मुहिम में सेंध लगा रहे हैं फर्जी दावेदार KKN ब्यूरो। जमीन...

बिहार की सड़कें समय से पहले क्यों टूट जाती हैं?

जब सड़क टूटती है, तो केवल डगर नहीं बिखरता... KKN ब्यूरो। बारिश की पहली फुहार...

पेपर लीक का काला कारोबार: किसने चुराए करोड़ों युवाओं के सपने, कौन है इस संगठित अपराध का असली सरगना? (भाग–2)

क्या पेपर लीक केवल आज की समस्या है? KKN ब्यूरो। यदि कोई यह मानता...

पेपर लीक का काला कारोबार: किसने चुराए करोड़ों युवाओं के सपने, कौन है इस संगठित अपराध का असली सरगना?

जब प्रश्नपत्र नहीं, भविष्य लीक होने लगे... KKN ब्यूरो। किसी राष्ट्र का भविष्य उसकी सीमाओं...