बिहार में इस बार छठ पूजा के दौरान मौसम में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल रहा है। राजधानी पटना सहित राज्य के अन्य हिस्सों में सुबह के समय कोहरा और हल्की ठंड महसूस हो रही है। मौसम विभाग के अनुसार, 28 अक्टूबर के बाद राज्य में हल्की वर्षा और बादल छाए रहने की संभावना जताई गई है। पश्चिमी विक्षोभ के कारण तापमान में गिरावट की संभावना है। छठ पूजा के दौरान भगवान सूर्य को अर्घ्य देने के समय विशेष रूप से सुबह और शाम में बादल छाए रहने की संभावना है, जो इस साल के छठ पूजा अनुभव को और भी खास बना देगा।
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छठ पूजा के दौरान मौसम में बदलाव
छठ पूजा बिहार के प्रमुख पर्वों में से एक है और यह विशेष रूप से सूर्य देवता की पूजा के रूप में मनाई जाती है। इस पूजा के दौरान मौसम का खास महत्व होता है क्योंकि इसमें सुबह और शाम के वक्त सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है। इस बार बिहार में मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। राज्य के विभिन्न हिस्सों में सुबह के समय कोहरा और हल्की ठंड की स्थिति बनी हुई है।
मौसम विज्ञान केंद्र पटना के मुताबिक, आगामी कुछ दिनों में 28 अक्टूबर के बाद हल्की वर्षा और बादल छाए रहने की संभावना है। अगले 24 घंटों के भीतर पटना और आसपास के इलाकों में कोहरा छाए रहने के साथ सुबह और शाम हल्की ठंड भी महसूस होगी। दिन के समय में धूप निकलने से मौसम में कुछ सामान्य स्थिति बनेगी, लेकिन छठ पूजा के दौरान, खासकर सुबह और शाम के समय, भगवान सूर्य को अर्घ्य देने के समय बादल छाए रहने की संभावना है।
पश्चिमी विक्षोभ और तापमान में गिरावट
मौसम विभाग के अनुसार, 27 अक्टूबर को पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालय क्षेत्र को प्रभावित करेगा। इसका असर बिहार में भी देखने को मिलेगा। इस विक्षोभ के प्रभाव से राज्य में तापमान में गिरावट की संभावना है। छठ पूजा के दौरान अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री की गिरावट हो सकती है। इसका असर पटना और अन्य शहरों में महसूस किया जाएगा, जहां तापमान धीरे-धीरे कम होने लगेगा।
इस मौसम परिवर्तन से विशेष रूप से उन लोगों को राहत मिलेगी जो गर्मी से परेशान थे। हालांकि, मौसम के इस बदलाव के दौरान सुबह और शाम की ठंड में सावधानी बरतने की आवश्यकता होगी।
प्रमुख शहरों का तापमान
हाल ही में पटना में अधिकतम तापमान 33.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 24.1 डिग्री सेल्सियस रहा। अररिया फारबिसगंज में अधिकतम तापमान 35.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो राज्य में सबसे अधिक था।
वहीं, गयाजी में अधिकतम तापमान 32.6 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 21.6 डिग्री सेल्सियस रहा। भागलपुर में अधिकतम तापमान 33.1 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 23.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मुजफ्फरपुर का अधिकतम तापमान 31.0 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 23.6 डिग्री सेल्सियस रहा। इन आंकड़ों से यह स्पष्ट है कि बिहार के प्रमुख शहरों में तापमान में कुछ उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है, और आने वाले दिनों में तापमान में और गिरावट की संभावना है।
छठ पूजा पर मौसम का असर
छठ पूजा में मौसम का सीधा असर श्रद्धालुओं के अनुभव पर पड़ता है। इस पूजा के दौरान, विशेष रूप से सुबह और शाम के वक्त, सूर्य देवता को अर्घ्य दिया जाता है। इस समय की ठंडक और मौसम की स्थिति पूजा की आस्था और धार्मिक महत्व को और भी बढ़ा देती है। इस बार, जिस प्रकार का मौसम रहेगा, उससे छठ पूजा का माहौल और भी खास होगा।
कूल और धुंधली सुबह और शाम का मौसम श्रद्धालुओं के लिए आदर्श रहेगा, क्योंकि इससे सूर्य की तपिश से राहत मिलेगी। हालांकि, ठंड के मौसम में श्रद्धालुओं को गर्म कपड़े पहनने और उचित सावधानी बरतने की आवश्यकता होगी।
मौसम विभाग की भविष्यवाणी
मौसम विभाग का कहना है कि 27 अक्टूबर के बाद, पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता बिहार में मौसम पर असर डाल सकती है। पश्चिमी विक्षोभ के कारण राज्य में हल्की वर्षा और बादल छाए रहने की संभावना है। इससे छठ पूजा के दौरान ठंडक और मौसम में सुकून देने वाली स्थिति बनेगी। इस मौसम परिवर्तन के कारण अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री की गिरावट हो सकती है, जो बिहारवासियों के लिए राहतकारी साबित होगा।
छठ पूजा के लिए सावधानियां
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ठंड के प्रभाव से बचाव: पूजा के दौरान, खासकर सुबह और शाम के समय ठंडक बढ़ सकती है। श्रद्धालुओं को गर्म कपड़े पहनने और जलवायु के अनुसार तैयारी करने की सलाह दी जाती है।
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कोहरे से बचाव: सुबह के समय कोहरा छाया रहेगा, जिसके चलते विजिबिलिटी कम हो सकती है। रास्तों पर सुरक्षित यात्रा के लिए अतिरिक्त सावधानी बरतें।
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स्वास्थ्य की देखभाल: ठंडी के मौसम में शरीर को ठंड से बचाने के लिए पर्याप्त गर्म कपड़े पहनें। साथ ही, बड़ों और बच्चों को अतिरिक्त देखभाल की आवश्यकता हो सकती है।
इस वर्ष के छठ पूजा के मौसम में बदलाव ने राज्य के लोगों के लिए एक नई चुनौती पेश की है। पश्चिमी विक्षोभ और उसके प्रभाव से तापमान में गिरावट के साथ ही वर्षा और बादल भी देखे जा सकते हैं। इन बदलावों से छठ पूजा का वातावरण और भी शानदार हो सकता है, खासकर सूर्य देवता को अर्घ्य देने के समय। हालांकि, श्रद्धालुओं को मौसम के इस बदलाव के अनुरूप तैयारी करनी होगी ताकि पूजा के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
बिहारवासियों के लिए यह बदलाव एक राहत का कारण बनेगा, और छठ पूजा की धार्मिक माहौल को और भी सुंदर बना देगा।
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