मौसम विभाग के ताजा Weather Update के अनुसार Bihar में अगले पांच दिनों तक भीषण ठंड से राहत मिलने की संभावना नहीं है। राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम का मिजाज पहले जैसा ही बना रहेगा। ठंडी पछुआ हवाएं, लगातार गिरता न्यूनतम तापमान और घना कोहरा जनजीवन को प्रभावित करता रहेगा। हालांकि, 9 जनवरी के बाद मौसम में धीरे-धीरे सुधार के संकेत मिल रहे हैं।
ठंड का असर लगातार बना हुआ
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि फिलहाल Cold Wave कमजोर नहीं पड़ने वाली है। दिन और रात दोनों समय ठिठुरन बनी रहेगी। सुबह और देर रात ठंड का असर ज्यादा महसूस किया जा रहा है। कई जिलों में न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे दर्ज किया जा रहा है, जिससे आम लोगों की परेशानियां बढ़ गई हैं। कमजोर धूप के कारण दिन में भी ठंड से राहत नहीं मिल पा रही है।
ठंडी हवाओं और पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव
विशेषज्ञों के अनुसार उत्तर-पश्चिम दिशा से आ रही ठंडी हवाएं और पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के कारण मौसम में यह बदलाव देखा जा रहा है। रात के तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। कई क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान सामान्य से तीन से पांच डिग्री सेल्सियस तक नीचे चला गया है। इसका सबसे ज्यादा असर सुबह के समय देखा जा रहा है।
Dense Fog से Visibility प्रभावित
राज्य के कई हिस्सों में Dense Fog की समस्या गंभीर बनी हुई है। सुबह के समय Visibility काफी कम हो जा रही है, जिससे सड़क और रेल यातायात प्रभावित हो रहा है। कई स्थानों पर वाहन चालकों को दिन में भी हेडलाइट जलाकर चलना पड़ रहा है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में सुबह और देर रात मध्यम से घना कोहरा बना रह सकता है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है।
जनजीवन पर साफ दिख रहा असर
भीषण ठंड का असर आम जनजीवन पर साफ नजर आ रहा है। बुजुर्ग, बच्चे और असहाय वर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। ठंड के कारण लोग घरों से निकलने से बच रहे हैं। सुबह और शाम के समय बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर सन्नाटा पसरा रहता है। लोग ठंड से बचने के लिए अलाव का सहारा ले रहे हैं और गर्म कपड़ों की मांग में भी इजाफा हुआ है।
प्रशासन की ओर से राहत के प्रयास
राज्य के कई जिलों में प्रशासन ने ठंड को देखते हुए जरूरी इंतजाम किए हैं। प्रमुख स्थानों पर अलाव की व्यवस्था की गई है और रैन बसेरों को सक्रिय किया गया है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे जरूरतमंदों की मदद करें और ठंड से बचाव के सभी उपाय अपनाएं, ताकि किसी को भी गंभीर परेशानी का सामना न करना पड़े।
कृषि पर भी दिख रहा ठंड का असर
ठंड का असर कृषि क्षेत्र पर भी पड़ रहा है। खेतों में खड़ी फसलों को पाले से नुकसान का खतरा बना हुआ है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे फसलों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाएं। हल्की सिंचाई और खेतों में धुएं की व्यवस्था जैसे उपाय अपनाने की सलाह दी गई है। सब्जी उत्पादकों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत बताई गई है।
स्वास्थ्य को लेकर बढ़ी चिंता
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार ठंड के कारण सर्दी, खांसी, बुखार और सांस से जुड़ी बीमारियों के मामलों में बढ़ोतरी देखी जा रही है। दमा और हृदय रोग से पीड़ित लोगों को ज्यादा सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। डॉक्टरों का कहना है कि सुबह जल्दी बाहर निकलने से बचें, गर्म कपड़े पहनें और गर्म पेय पदार्थों का सेवन करें।
9 जनवरी के बाद मौसम में सुधार की उम्मीद
मौसम विभाग के मुताबिक 9 जनवरी के बाद पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव कमजोर पड़ सकता है। इसके चलते ठंडी हवाओं की रफ्तार में कमी आएगी और न्यूनतम तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी हो सकती है। दिन में धूप तेज होने की संभावना है, जिससे लोगों को ठंड से कुछ राहत मिल सकती है।
सतर्कता अभी भी जरूरी
हालांकि मौसम में सुधार की संभावना जताई जा रही है, लेकिन तब तक लोगों को पूरी सतर्कता बरतने की जरूरत है। कोहरे के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और वाहन चलाते समय विशेष सावधानी रखने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे दिशा-निर्देशों का पालन करें और जरूरतमंदों की मदद करें।
अगले पांच दिन रहेंगे चुनौतीपूर्ण
कुल मिलाकर राज्यवासियों के लिए अगले पांच दिन चुनौतीपूर्ण रहने वाले हैं। भीषण ठंड और कोहरे के कारण जनजीवन प्रभावित रहेगा। 9 जनवरी के बाद राहत की उम्मीद जरूर है, लेकिन तब तक Cold Wave से बचाव ही सबसे बड़ा उपाय माना जा रहा है।
Read this article in
KKN लाइव WhatsApp पर भी उपलब्ध है, खबरों की खबर के लिए यहां क्लिक करके आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं।
Share this:
- Click to share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp
- Click to share on Facebook (Opens in new window) Facebook
- Click to share on X (Opens in new window) X
- Click to share on LinkedIn (Opens in new window) LinkedIn
- Click to share on Threads (Opens in new window) Threads
- Click to share on Telegram (Opens in new window) Telegram
