Home Anjuman तीस्ता बराज: एक नदी, दो देश और उम्मीदों की रोचक दास्तान

तीस्ता बराज: एक नदी, दो देश और उम्मीदों की रोचक दास्तान

क्या आप जानते हैं कि भारत में कुछ निर्माण सिर्फ कंक्रीट और लोहे से नहीं, बल्कि संघर्ष, राजनीति और इंसानी जिद से बने हैं? यह वीडियो आपको ले चलता है तीस्ता बराज की उस अनकही यात्रा पर, जहाँ एक नदी ने पूरे उत्तर बंगाल की तस्वीर बदल दी। यह कहानी है तीस्ता नदी की— जहाँ पौराणिक कथाएँ, विज्ञान, भारत–बांग्लादेश जल विवाद, किसानों की पीड़ा, जलवायु परिवर्तन और आधुनिक इंजीनियरिंग—सब एक साथ मिलते हैं। 1975 में शुरू हुई यह परियोजना कैसे 9.22 लाख हेक्टेयर ज़मीन की सिंचाई, बिजली उत्पादन और पीने के पानी की उम्मीद बनी? 2023 की ग्लेशियर त्रासदी ने किन सवालों को जन्म दिया? और कैसे गाजोल-डोबा आज एक उभरता हुआ इको-टूरिज्म हब बन चुका है? यह सिर्फ एक बराज की कहानी नहीं— यह कहानी है इंसान, प्रकृति और सत्ता के टकराव की। वीडियो अंत तक देखिए—यकीन मानिए, आप चौंक जाएंगे।

Previous articleसलमान खान के भांजे अयान अग्निहोत्री की सगाई, Proposal Photos सोशल मीडिया पर वायरल
Next articleबिहार में अगले पांच दिनों तक Cold Wave से राहत नहीं
कौशलेन्द्र झा, KKN Live की संपादकीय टीम का नेतृत्व करते हैं और हिन्दुस्तान (हिन्दी दैनिक) में नियमित रूप से लेखन करते हैं। बिहार विश्वविद्यालय से राजनीति शास्त्र में स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त करने के बाद उन्होंने पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन दशकों से अधिक का अनुभव अर्जित किया है। वे प्रातःकमल और ईटीवी बिहार-झारखंड सहित कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों से जुड़े रहे हैं। सामाजिक सरोकारों में भी उनकी सक्रिय भूमिका रही है—वे अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संघ (भारत) के बिहार प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं और “मानवाधिकार मीडिया रत्न” सम्मान से सम्मानित किए गए हैं। पत्रकारिता में उनकी गहरी समझ और सामाजिक अनुभव उनकी विश्लेषणात्मक लेखन शैली को विशिष्ट बनाते हैं

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Exit mobile version