कहते हैं कुंडली में जो लिखा होता है, वही होता है… लेकिन आज की यह बातचीत उस सोच को तोड़ती है। यह पॉडकास्ट किसी की कुंडली पढ़ने के लिए नहीं था, बल्कि यह दिखाने के लिए था कि अगर इंसान ठान ले, तो वह अपनी ग्रह-दशा खुद बदल सकता है। एक ऐसा युवा, जो दलित समाज से आता है, जिसने बनारस से शास्त्री की पढ़ाई पूरी की और आज भारत ही नहीं, इंडोनेशिया समेत दुनिया के चार देशों में लोगों की समस्याओं का समाधान कर रहा है। यह कहानी सिर्फ़ ज्योतिष की नहीं है… यह कहानी है — ✔ संघर्ष की ✔ पहचान की ✔ और हौसले की उड़ान की इस पॉडकास्ट में जानिए: • ज्योतिष को करियर बनाने का सफ़र • जातिगत संघर्ष और सामाजिक चुनौतियाँ • पहला विदेशी क्लाइंट कैसे मिला? • भारत बनाम विदेश — ज्योतिष की सोच • युवाओं के लिए जीवन और करियर संदेश ? यह वीडियो अंत तक ज़रूर देखिए, और कमेंट में बताइए — यह बातचीत आपको कैसी लगी?
