क्या आपने कभी गंभीरता से सोचा है कि जिन रिश्तों को हम अनमोल कहते हैं, वही रिश्ते आज सौदेबाजी का शिकार क्यों हो रहे हैं। दहेज अब सिर्फ एक सामाजिक बुराई नहीं, बल्कि संबंधों के बाजार का सबसे क्रूर चेहरा बन चुका है।
इस विशेष रिपोर्ट में हम आपको ले चलेंगे उन कहानियों तक, जो अक्सर अखबारों की सुर्खियों से आगे नहीं बढ़ पातीं। नीता, प्रिया, अंजली और रामदीन जैसे किरदार किसी एक घर की नहीं, बल्कि हमारे पूरे समाज की सच्चाई हैं।
हर तीन दिन में एक महिला की मौत, कर्ज में डूबते परिवार, टूटते सपने और कानून की धीमी रफ्तार—ये सब सवाल खड़े करते हैं।
क्या हमारी चुप्पी ही इस अपराध को ताकत दे रही है?
खबरों की खबर और लीक से हटकर, KKN Live की यह पड़ताल आपको सोचने पर मजबूर कर देगी।
वीडियो को अंत तक देखें, अपनी राय साझा करें और इस खामोशी को तोड़ने में हमारी आवाज बनें।
