यह सिर्फ एक मंदिर नहीं था… यह सत्ता का स्रोत था। मिथिला की धरती पर स्थित श्यामा मंदिर कभी दरभंगा राज का असली पावर सेंटर माना जाता था। युद्ध, संधि, उत्तराधिकारी—हर बड़ा फैसला मां श्यामा के दरबार से होकर गुजरता था।
क्यों मां श्यामा को कुलदेवी नहीं, राजमाता कहा गया? क्या काली अमावस्या की रात मंदिर सच में शक्ति-क्षेत्र बन जाता है? और क्या आस्था, सत्ता से ऊपर थी?
देखिए यह रहस्यमयी और ऐतिहासिक रिपोर्ट—
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