बिहार में तीन दिनों तक होगी भारी बारिश, गर्मी और उमस से मिलेगी राहत

Bihar Weather Today: Heavy Rainfall Predicted After Days of Heat and Humidity

पिछले कई दिनों से बिहार के लोग तेज धूप और उमस से परेशान थे। मानसून के कमजोर पड़ने की वजह से बारिश नहीं हो रही थी और गर्मी से राहत भी नहीं मिल रही थी। राजधानी पटना से लेकर गांवों तक लोग तपिश और नमी से जूझ रहे थे। अब मौसम विभाग का अनुमान है कि राज्य में मौसम का मिजाज बदलने वाला है। शनिवार से बिहार के कई जिलों में भारी बारिश होगी और यह सिलसिला लगातार तीन दिनों तक चलेगा।

बिहार में पिछले दिनों का मौसम

पिछले एक सप्ताह से बिहार में मानसून कमजोर रहा। नमी और गर्मी ने लोगों को बेहाल कर दिया। धूप इतनी तेज रही कि दोपहर और शाम तक घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया। गांवों में किसान भी चिंतित दिखे क्योंकि धान की खेती और खरीफ की फसलें पानी के इंतजार में थीं।

गुरुवार को सिर्फ वाल्मीकिनगर और औरंगाबाद में बूंदाबांदी हुई जबकि अन्य जिलों में मौसम पूरी तरह शुष्क रहा। तेज धूप और उमस ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि मानसून अस्थायी रूप से कमजोर हुआ था लेकिन अब दोबारा सक्रिय होने जा रहा है।

Bihar Weather Forecast: कब और कहां होगी बारिश

मौसम विभाग ने बताया है कि 30 अगस्त से 1 सितंबर तक उत्तर बिहार के कई जिलों में भारी वर्षा होगी। आज यानी 29 अगस्त को खगड़िया, भागलपुर, बांका, जमुई और मुंगेर में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

पटना, गया और बक्सर जैसे जिलों में बूंदाबांदी के आसार हैं। हालांकि कई जगहों पर धूप का असर भी रहेगा। मौसम विज्ञानियों ने कहा कि अगले 24 घंटों में तापमान थोड़ा बढ़ सकता है लेकिन बारिश शुरू होते ही उमस और गर्मी से राहत मिलेगी।

नदियों का बढ़ता जलस्तर और बाढ़ का खतरा

बारिश की उम्मीद के साथ-साथ बिहार में नदियों का बढ़ता जलस्तर लोगों की चिंता भी बढ़ा रहा है। गंगा और उसकी सहायक नदियां उफान पर हैं। पटना में गंगा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।

दीघा घाट, गांधी घाट और हाथीदह घाट पर स्थिति गंभीर बनी हुई है। गांधी घाट और हाथीदह पर गंगा दो मीटर ऊपर बह रही है। सोनपुर के सबलपुर गांव में रातभर कटाव जारी रहा और कई मकान नदी में समा गए।

आरा और बक्सर के गांवों में भी गंगा का कटाव लोगों को डरा रहा है। आरा के जवैनिया गांव में एक बार फिर कटाव शुरू हो गया है। बक्सर से पटना तक गंगा का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है, जिससे बाढ़ का खतरा और बढ़ गया है।

जिलेवार बारिश का अनुमान

मौसम विभाग के अनुसार आने वाले तीन दिनों में कई जिलों में तेज बारिश होगी।

  • 30 अगस्त को किशनगंज, पूर्णिया और कटिहार में भारी बारिश की संभावना है।

  • 31 अगस्त को सारण, सीवान और वैशाली में झमाझम बारिश हो सकती है।

  • 1 सितंबर को पश्चिम चंपारण और भभुआ में मूसलाधार वर्षा होने के आसार हैं।

इस पूर्वानुमान से साफ है कि उत्तर और पूर्वी बिहार में अगले तीन दिनों तक बारिश का दौर चलेगा, जबकि दक्षिण बिहार के कुछ हिस्सों में बूंदाबांदी और हल्की वर्षा देखने को मिलेगी।

खेती-किसानी पर असर

लंबे समय से बारिश न होने की वजह से किसानों की चिंता बढ़ गई थी। धान की रोपाई और खरीफ की फसलें प्रभावित हो रही थीं। अब होने वाली बारिश से किसानों को राहत मिलेगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाली बारिश धान की खेती और अन्य मौसमी फसलों के लिए वरदान साबित होगी। हालांकि भारी वर्षा से निचले इलाकों में खेत जलमग्न हो सकते हैं लेकिन कुल मिलाकर यह बारिश कृषि के लिए फायदेमंद होगी।

शहरी इलाकों की चुनौती: Waterlogging और Traffic

बारिश जहां किसानों और आम लोगों को राहत देगी वहीं शहरी क्षेत्रों के लिए यह परेशानी भी लेकर आएगी। पटना, भागलपुर, मुजफ्फरपुर और गया जैसे शहरों में जलजमाव की समस्या हर साल सामने आती है।

कुछ घंटों की तेज बारिश के बाद मुख्य सड़कों पर पानी भर जाता है। पटना में कंकड़बाग, राजेंद्र नगर और बोरिंग रोड जैसे इलाकों में घुटनों तक पानी भर जाता है। नगर निगम ने पहले ही लोगों को सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर घर से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है।

स्वास्थ्य संबंधी खतरे

मौसम बदलने के साथ बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि मच्छरों से फैलने वाली बीमारियां जैसे डेंगू और मलेरिया तेजी से फैल सकती हैं। वायरल फीवर और पानी से होने वाली बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि लोगों को मच्छरदानी का उपयोग करना चाहिए, साफ पानी पीना चाहिए और आसपास जलभराव को रोकना चाहिए। अस्पतालों ने पहले ही तैयारियां शुरू कर दी हैं ताकि बारिश के दिनों में बढ़ने वाले मरीजों को संभाला जा सके।

प्रशासन की तैयारियां

संभावित बाढ़ और बारिश की स्थिति को देखते हुए बिहार सरकार और जिला प्रशासन अलर्ट मोड में हैं। आपदा प्रबंधन की टीमों को तैयार रखा गया है। निचले इलाकों में राहत शिविरों की तैयारी की जा रही है।

पटना, बक्सर और वैशाली जैसे जिलों में अधिकारियों को सतर्क रहने का निर्देश दिया गया है। कई जगहों पर नाव और बचाव दल तैनात किए जा रहे हैं। मौसम विभाग लगातार अपडेट जारी कर रहा है ताकि लोग समय पर सतर्क रह सकें।

बिहार में अगले तीन दिन बेहद अहम होंगे। जहां एक ओर बारिश से लोगों को राहत मिलेगी वहीं नदियों का बढ़ता जलस्तर कई जिलों में खतरा भी पैदा कर सकता है।

लोगों से अपील की गई है कि वे मौसम की जानकारी लेते रहें, जरूरत न हो तो बाहर न निकलें और पानी से भरी गलियों से दूरी बनाए रखें। सितंबर की शुरुआत के साथ उम्मीद है कि मानसून बिहार को संतुलित बारिश देगा जिससे खेती-किसानी को फायदा होगा और लोग उमस भरी गर्मी से राहत पाएंगे।

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