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राहुल तेजस्वी यात्रा : बिहार में 13वें दिन बेतिया से सीवान तक रोड शो

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कांग्रेस नेता राहुल गांधी और राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव की Voter Rights Yatra शुक्रवार 29 अगस्त 2025 को 13वें दिन में प्रवेश कर गई। बेतिया से शुरू हुई यह यात्रा दोपहर तक गोपालगंज होते हुए शाम में सीवान पहुंचेगी। विधानसभा चुनाव से पहले यह यात्रा विपक्षी महागठबंधन की सबसे बड़ी राजनीतिक गतिविधियों में से एक मानी जा रही है।

बेतिया से यात्रा की शुरुआत

राहुल गांधी ने शुक्रवार सुबह 8:40 बजे बेतिया के कुड़ियाकोठी से अपनी यात्रा की शुरुआत की। सबसे पहले वे हरिवाटिका पहुंचे, जहां उन्होंने महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर लोकतंत्र और मताधिकार की रक्षा का संदेश दिया गया।

उनके साथ पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव, वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी, सीपीआई-एमएल के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम और महागठबंधन के कई अन्य नेता मौजूद रहे। नेताओं का काफिला ओपन जीप में सवार होकर निकला और रास्ते भर लोगों का अभिवादन किया।

सड़कों के दोनों ओर समर्थकों की भारी भीड़ मौजूद रही। हाथों में झंडे, पोस्टर और नारेबाजी ने माहौल को चुनावी रंग में बदल दिया।

22 किलोमीटर लंबा रोड शो

हरिवाटिका से गांधी प्रतिमा पर माल्यार्पण के बाद राहुल गांधी और तेजस्वी यादव का 22 किलोमीटर लंबा रोड शो शुरू हुआ। यात्रा का मार्ग मोहर्रम चौक, अजंता सिनेमा, सागर पोखरा चौक, इमली चौक, नौतन-गोपालगंज रोड, बगही खड्डा, थाना चौक, नौतन बाजार और मंगलपुर ढाला होते हुए गोपालगंज तक तय किया गया।

रास्ते में स्थानीय लोग, किसान, छात्र और महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कई जगहों पर यात्रा का स्वागत फूलों की वर्षा और नारेबाजी से किया गया।

गुरुवार को यह यात्रा सीतामढ़ी से पूर्वी चंपारण होते हुए पश्चिम चंपारण पहुंची थी। रात में काफिले ने बेतिया के पास कुड़ियाकोठी में विश्राम किया था और सुबह फिर से आगे बढ़ी।

कार्यक्रम में बदलाव, अब एकमा में रुकेंगे नेता

शुक्रवार को यात्रा की नाइट हॉल्टिंग का कार्यक्रम बदल दिया गया है। पहले योजना थी कि राहुल गांधी और तेजस्वी यादव सीवान जिले के दरौंदा में रात गुजारेंगे। अब बदलाव के बाद सभी नेता सारण जिले के एकमा में रात्रि विश्राम करेंगे। यात्रा शाम 7:30 बजे के करीब एकमा पहुंचेगी।

यह बदलाव इसलिए किया गया ताकि यात्रा के दौरान ज्यादा से ज्यादा इलाकों तक पहुंचा जा सके और लोगों से सीधा संवाद हो सके।

भाजपा का हमला और विपक्ष की प्रतिक्रिया

Rahul Tejashwi Yatra ने राजनीतिक बहस को भी तेज कर दिया है। भाजपा ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस और राजद नेता इस यात्रा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को गाली देकर जनता को गुमराह कर रहे हैं।

वहीं, महागठबंधन के नेताओं का कहना है कि यह यात्रा Special Intensive Revision (SIR) के खिलाफ है, जिसके जरिए मतदाता सूची से छेड़छाड़ की जा रही है। राहुल गांधी ने यहां तक कहा कि भाजपा का “गुजरात मॉडल” असल में vote stealing model है।

दोनों ओर से तीखे बयान आने के बाद बिहार की राजनीति का माहौल और भी गर्म हो गया है।

कल छपरा से आरा पहुंचेगी यात्रा

शनिवार 30 अगस्त को सुबह 8 बजे राहुल गांधी एकमा से यात्रा की शुरुआत करेंगे। यह काफिला छपरा के कई मार्गों से होकर भोजपुर पहुंचेगा। आरा में एक बड़ी जनसभा का आयोजन किया गया है, जिसमें हजारों लोगों के जुटने की उम्मीद है।

सूत्रों के अनुसार, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भी आरा की सभा में शामिल हो सकते हैं। उनकी मौजूदगी से विपक्ष की एकजुटता का और बड़ा संदेश जाएगा।

जनता का जोश और राजनीतिक महत्व

अब तक की यात्रा में बेतिया, गोपालगंज और सीवान जिलों में जनता का उत्साह देखने लायक रहा। सड़क किनारे लोग सुबह से इंतजार कर रहे थे। युवा, किसान, महिलाएं और छात्र बड़ी संख्या में जुड़े।

यह यात्रा सिर्फ मताधिकार के मुद्दे को उठाने तक सीमित नहीं है बल्कि महागठबंधन के लिए कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और जनता से सीधा जुड़ाव बनाने का जरिया भी है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राहुल गांधी और तेजस्वी यादव का एक साथ आना कांग्रेस और राजद के गठजोड़ को और मजबूत दिखा रहा है। वहीं भाजपा इसे महज राजनीतिक नौटंकी करार दे रही है।

Rahul Tejashwi Yatra का 13वां दिन बेतिया, गोपालगंज और सीवान जिलों में बेहद सफल रहा। नेताओं की ओपन जीप यात्रा में जनता का जोश साफ दिखाई दिया।

अब शनिवार को यात्रा छपरा और भोजपुर की ओर बढ़ेगी जहां आरा में जनसभा होगी। अगर अखिलेश यादव शामिल होते हैं तो यह विपक्षी गठबंधन की राष्ट्रीय स्तर पर एकता का बड़ा संदेश होगा।

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