होमAccidentतेजस्वी यादव सड़क हादसे में बाल-बाल बचे, तीन सुरक्षाकर्मी घायल

तेजस्वी यादव सड़क हादसे में बाल-बाल बचे, तीन सुरक्षाकर्मी घायल

Published on

KKN गुरुग्राम डेस्क | राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव शुक्रवार देर रात एक भीषण सड़क हादसे में बाल-बाल बच गए। यह हादसा हाजीपुर-मुजफ्फरपुर नेशनल हाईवे (NH-22) पर वैशाली जिले के गोरौल थाना क्षेत्र में हुआ, जहां उनके काफिले को एक बेकाबू ट्रक ने जोरदार टक्कर मार दी।

इस दर्दनाक दुर्घटना में तेजस्वी यादव स्वयं तो सुरक्षित रहे, लेकिन उनके साथ चल रहे तीन सुरक्षाकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों को तत्काल हाजीपुर सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।

हादसे का पूरा विवरण: चाय की दुकान पर रुका था काफिला

यह घटना उस वक्त घटी जब तेजस्वी यादव मधेपुरा में एक कार्यक्रम में शामिल होकर पटना लौट रहे थे। देर रात करीब 1:30 बजे उनका काफिला गोरौल टोल प्लाजा के पास एक चाय की दुकान पर रुका था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तभी एक तेज रफ्तार ट्रक ने तेजस्वी यादव के काफिले की दो गाड़ियों को टक्कर मार दी।

इस हादसे में तीन सुरक्षाकर्मी घायल हो गए, जो उस वक्त काफिले की गाड़ियों के पास मौजूद थे। सौभाग्यवश, हादसा तेजस्वी यादव से सिर्फ पांच फीट की दूरी पर हुआ, जिससे वे बाल-बाल बच गए।

 तेजस्वी यादव का बयान: “5 फीट की दूरी पर हुआ हादसा”

घटना के बाद तेजस्वी यादव खुद हाजीपुर सदर अस्पताल पहुंचे और घायलों का हाल जाना। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा:

“हम चाय पीने के लिए रुके थे। तभी एक ट्रक तेज गति से आया और दो-तीन गाड़ियों को टक्कर मार दी। कुछ सुरक्षाकर्मी वहीं खड़े थे… तीन घायल हो गए। यह हादसा मेरी गाड़ी से मात्र 5 फीट की दूरी पर हुआ।”

उन्होंने बताया कि प्रशासन को तुरंत सूचित किया गया, जिसके बाद ट्रक को आसपास के टोल प्लाजा पर पकड़ा गया और चालक को हिरासत में ले लिया गया।

मेडिकल अपडेट: एक घायल को PMCH रेफर किया गया

घायलों को फौरन हाजीपुर के सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों के अनुसार, तीनों की हालत स्थिर है। हालांकि, एक सुरक्षाकर्मी की हालत गंभीर होने के कारण उसे पटना मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल (PMCH) रेफर कर दिया गया है।

वैशाली के सिविल सर्जन डॉ. श्यामनंदन प्रसाद ने पुष्टि की कि सभी घायल खतरे से बाहर हैं, लेकिन लगातार मेडिकल निगरानी में हैं।

 पुलिस जांच: ट्रक चालक व सहायक हिरासत में

वैशाली एसपी ललित मोहन शर्मा ने जानकारी दी कि हादसे के तुरंत बाद ट्रक चालक और उसके सहायक को गिरफ्तार कर लिया गया है। प्रारंभिक जांच के अनुसार, ट्रक पहले एक बोलेरो गाड़ी से टकराया, और फिर काफिले की गाड़ियों से भिड़ गया।

अब तक की जांच में शराब के सेवन की कोई पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन पुलिस मामले की बारीकी से जांच कर रही है।

राजनीतिक प्रतिक्रियाएं: सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

इस घटना के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई है। राजद समर्थकों और नेताओं ने तेजस्वी यादव की सलामती पर राहत जताई है और हादसे की जांच की मांग की है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं सार्वजनिक नेताओं की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़े करती हैं। राजद कार्यकर्ताओं ने मांग की कि हाईवे पर तेज रफ्तार वाहनों पर सख्त नियंत्रण रखा जाए।

तेजस्वी यादव का यह सड़क हादसा एक बार फिर राजनीतिक नेताओं की सुरक्षा और सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर चेतावनी देता है। बिहार जैसे राज्य में जहां हाईवे नेटवर्क तेजी से विकसित हो रहा है, वहां ट्रैफिक और सुरक्षा मानकों को सख्ती से लागू करने की जरूरत है।

इस हादसे ने प्रशासन और सरकार के लिए एक बार फिर से सड़क सुरक्षा नियमों की समीक्षा और उनका सख्ती से पालन सुनिश्चित करने की आवश्यकता उजागर की है।

Read this article in

KKN लाइव WhatsApp पर भी उपलब्ध है, खबरों की खबर के लिए यहां क्लिक करके आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं।

KKN Public Correspondent Initiative


Discover more from

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Latest articles

मीठा बोलना कमजोरी नहीं, इंसानियत की ताकत है

कठोरता को अच्छाई बताने वालों को विज्ञान का जवाब एक बच्चा अपने घर में बड़ों...

दूसरों की कमियां खोजते-खोजते खुद क्यों खो जाता है इंसान?

विज्ञान ने खोली नकारात्मक सोच की परतें कभी-कभी एक इंसान सुबह उठता है और उसकी...

क्या शिक्षित समाज लोकतांत्रिक भागीदारी से दूर हो रहा है?

बिहार एमएलसी चुनाव: आंकड़ों ने खड़े किए गंभीर सवाल लेखक: मितेश झा जब समाज का शिक्षित...

क्या बियाडा सार्वजनिक करेगा रोजगार और स्थानीय आय का हिसाब?

महवल लेदर पार्क पर जवाबदेही की परीक्षा महवल के लेदर पार्क की सफलता का सबसे...

More like this

क्या शिक्षित समाज लोकतांत्रिक भागीदारी से दूर हो रहा है?

बिहार एमएलसी चुनाव: आंकड़ों ने खड़े किए गंभीर सवाल लेखक: मितेश झा जब समाज का शिक्षित...

क्या महवल से बदलेगी उत्तर बिहार की तस्वीर, 2,100 रोजगार का दावा कितना बड़ा?

मुजफ्फरपुर का लेदर पार्क 15 अक्टूबर 2026 को मुजफ्फरपुर के मोतीपुर प्रखंड स्थित महवल में...

दुर्गा पूजा के मंत्रों का शरीर और मस्तिष्क पर क्या असर होता है?

कल्पना कीजिए—एक व्यक्ति आंखें बंद करके ‘ॐ’ का उच्चारण कर रहा है। उसके सामने...

मीनापुर के गांवों को स्मार्टफोन ने कितना बदला? खेती, पढ़ाई और रोजगार की नई कहानी

मीनापुर के गांव में अब जेब में सिर्फ फोन नहीं, पूरा बाजार है मीनापुर के...

मीनापुर की महिलाएं घर चलाने में कितना योगदान देती हैं? गांव की छिपी अर्थव्यवस्था का सच

मीनापुर की अर्थव्यवस्था का आधा हिस्सा शायद दिखाई ही नहीं देता मीनापुर की अर्थव्यवस्था का...

विधानसभा में उठेगा ग्रामीण पत्रकारों की सुरक्षा और पेंशन का मुद्दा, पारू व लालगंज विधायकों ने दिया भरोसा

मीडिया फॉर बॉर्डर हार्मोनी के ‘हमारी आवाज’ कार्यक्रम में पत्रकारों ने सर्वसम्मति से पारित...

बिहार का पलायन: क्या रोज़गार की तलाश में निकलती पीढ़ियां कभी लौटेंगी?

बिहार के किसी छोटे से गांव में शाम ढलते ही अगर आप बस अड्डे,...

कहां गुम हो रही हैं बिहार की बेटियां?

गुमशुदगी का आंकड़ा गंभीर है एक लड़की घर से निकलती है। परिवार समझता है कि...

बिहार में बारिश और तेज हवा ने फिर बदला मौसम का मिजाज, 26 जिलों में अलर्ट; आखिर कब थमेगा यह सिलसिला?

आसमान में बादल हैं। रुक-रुक कर बारिश लगातार हो रही है, अचानक तेज बौछार...

क्या एक विधायक पांच साल में अपने क्षेत्र की तस्वीर बदल सकता है?

KKN ब्यूरो। विधायक के पास अपने विधानसभा क्षेत्र के लिए 5 वर्षों में 20...

मीनापुर की जुड़वा बहनों ने CSIR-NET में लहराया परचम, शनाया को ऑल इंडिया 92वीं रैंक

मुजफ्फरपुर के मीनापुर प्रखंड की जुड़वा बहनों शनाया निशांत और शोनाया निशांत ने CSIR-NET...

बिहार की सड़कें बन गईं मौत की सड़क? 5 साल में 34% बढ़े हादसे, 9,347 लोगों की गई जान

आंकड़ों का एक्स-रे: दुर्घटनाएं बढ़ीं, मौतें उससे भी तेज बढ़ीं KKN ब्यूरो। एक सड़क। एक...

बिहार की बाढ़: पानी उतर जाएगा, लेकिन कब तक पटरी पर लौटेंगी लोगों की जिंदगी?

क्या बाढ़ आने के बाद नाव भेज देना, राहत शिविर खोल देना और कुछ...

वह सुबह, जब पहाड़ नदी बन गया

26 अगस्त की सुबह 8:37 बजे हिमालय में कुछ ऐसा टूटा, जिसकी गूंज सैकड़ों...

नेपाल की बाढ़ में चीन की चाल? ग्लेशियर टूटने का सच, हिमालय का बढ़ता खतरा और भारत के लिए आने वाली बड़ी आफत

नेपाल-तिब्बत सीमा पर 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ ने सैकड़ों जिंदगियां निगल लीं।...