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रजौली में प्रशांत किशोर का तीखा हमला, नीतीश-लालू और NDA सरकार को घेरा

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जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने नवादा जिले के रजौली में आयोजित जनसभा में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव और एनडीए सरकार पर जोरदार हमला बोला। ‘बिहार बदलाव यात्रा’ के तहत आयोजित इस सभा में उन्होंने जनता से अपील की कि इस बार वोट नेताओं के नाम पर नहीं, बल्कि अपने बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखकर दें।

नवादा में भव्य स्वागत

प्रशांत किशोर के नवादा प्रवेश पर ढोल-नगाड़ों और फूल-मालाओं के साथ जोरदार स्वागत किया गया। उनके काफिले के पीछे गाड़ियों की लंबी कतार रही, जो उनके प्रति लोगों का उत्साह दर्शाती थी। रजौली इंटर विद्यालय खेल परिसर में आयोजित सभा में हजारों की भीड़ उमड़ी। स्थानीय कार्यकर्ताओं ने उन्हें शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया।

बिहार की जमीनी हकीकत पर सवाल

सभा को संबोधित करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि तीन साल से गांव-गांव घूमने के दौरान उन्होंने देखा है कि बिहार में आज भी बच्चों के पास पहनने के लिए उचित कपड़े और पैरों में चप्पल तक नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि डबल इंजन सरकार को आम लोगों के बच्चों की कोई चिंता नहीं है और यही वजह है कि अब जनता को जागरूक होकर बदलाव की दिशा में कदम उठाना होगा।

राजनीतिक परिवारवाद पर निशाना

किशोर ने लालू प्रसाद यादव पर भी सीधा हमला किया। उन्होंने कहा कि लालू का बेटा 9वीं पास भी नहीं है, फिर भी वे उसे नेता बनाना चाहते हैं, जबकि पढ़े-लिखे युवा बेरोजगार हैं। उन्होंने लोगों से कहा कि इस बार वोट लालू, नीतीश या मोदी के नाम पर नहीं, बल्कि अपने बच्चों के सुनहरे भविष्य के लिए डालें।

नीतीश कुमार पर ‘बाय-बाय’ का नारा

भाषण के अंत में प्रशांत किशोर ने जनता से सवाल किया कि क्या वे नीतीश कुमार को दोबारा मुख्यमंत्री बनाना चाहते हैं या उन्हें ‘बाय-बाय’ कहना चाहते हैं। भीड़ ने हाथ उठाकर ‘बाय-बाय’ के नारे का समर्थन किया। किशोर ने यहां तक कहा कि अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी नीतीश के लिए वोट मांगने आएं, तब भी उन्हें वोट न दें।

बिहार बदलाव यात्रा की रणनीति

‘बिहार बदलाव यात्रा’ के जरिए प्रशांत किशोर गांव-गांव जाकर जनता से सीधा संवाद कर रहे हैं। उनका मकसद जमीनी मुद्दों पर चर्चा कर एक वैकल्पिक राजनीतिक सोच पेश करना है। इस यात्रा में वे लगातार मौजूदा और पूर्व सरकारों की नीतियों की आलोचना कर रहे हैं और आम लोगों से विकास के एजेंडे पर सोचने की अपील कर रहे हैं।

मुद्दा-आधारित राजनीति की अपील

किशोर ने अपने भाषण में साफ किया कि बिहार की राजनीति को व्यक्ति-आधारित नहीं, बल्कि मुद्दा-आधारित बनाना होगा। उन्होंने कहा कि जनता को अब यह समझना होगा कि वोट से ही उनके बच्चों की किस्मत तय होती है, इसलिए इसे नेताओं की छवि के बजाय विकास और शिक्षा जैसे असली मुद्दों पर केंद्रित करना चाहिए।

इस जनसभा ने साफ कर दिया कि प्रशांत किशोर अपने राजनीतिक अभियान में अब और आक्रामक रुख अपनाने वाले हैं और बिहार की राजनीति में परिवारवाद, बेरोजगारी और विकास जैसे मुद्दों को चुनावी केंद्र में लाने की कोशिश करेंगे।

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