होमBiharप्रशांत किशोर का मुजफ्फरपुर में जनसभा में हमला: मोदी और नीतीश सरकार...

प्रशांत किशोर का मुजफ्फरपुर में जनसभा में हमला: मोदी और नीतीश सरकार पर तीखी आलोचना

Published on

KKN गुरुग्राम डेस्क | रविवार को जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने मुजफ्फरपुर जिले के सहिला-हथौड़ी में एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राज्य सरकार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने जनता से अपील की कि इस बार चुनाव में नेताओं के नहीं, बल्कि जनता के राज को लाया जाए। उन्होंने कहा कि अगर इस बार हम अपने बच्चों के भविष्य के बारे में सोचते हैं, तो हमें सही दिशा में वोट देना होगा।

मोदी और नीतीश सरकार पर हमला

प्रशांत किशोर ने अपने भाषण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधा हमला किया। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी ने बिहार से वोट लिया, लेकिन फैक्ट्रियां गुजरात में लगाई जा रही हैं। “मोदी वोट हमसे ले रहे हैं और फैक्ट्रियां गुजरात में जा रही हैं। क्या बिहार में उद्योग नहीं लग सकते? अगर यह वोट बिहार से है, तो फैक्ट्रियां भी बिहार में होनी चाहिए,” उन्होंने कहा। उन्होंने आगे यह भी कहा कि इस बार वोट अपने बच्चों के भविष्य के लिए दें, ना कि पुराने नेताओं के लिए।

प्रशांत किशोर ने जनता से सवाल किया

किशोर ने मंच से जनता से सवाल पूछा, “अगर पीएम मोदी आकर कहें कि नीतीश कुमार को वोट दो, तो क्या आप वोट देंगे?” इसके बाद उन्होंने भीड़ से सवाल किया कि क्या नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री रहना चाहिए या नहीं? अधिकांश लोगों ने कहा, “नीतीश कुमार को हटाना चाहिए।” जब उन्होंने सवाल किया कि अगर मोदी फिर से कहें कि नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री बनाए रखना चाहिए, तो क्या लोग इसे स्वीकार करेंगे? जवाब में फिर से “नहीं” की आवाजें आईं।

नीतीश सरकार पर कड़ी आलोचना

प्रशांत किशोर ने नीतीश कुमार की सरकार को लेकर तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि नीतीश के शासनकाल में बिहार की हालत और भी खराब हो गई है। उन्होंने कहा कि आज बिहार की स्थिति लalu यादव के समय के जंगलराज से भी बदतर हो चुकी है। “नीतीश कुमार की सरकार में अधिकारियों का जंगलराज चल रहा है और यह एकतरफा सत्ता के लक्षण हैं,” उन्होंने कहा।

किशोर ने यह भी आरोप लगाया कि नीतीश कुमार सिर्फ अपनी कुर्सी को बचाए रखने में लगे हुए हैं और उन्हें बिहार की जनता की समस्याओं से कोई मतलब नहीं है। “नीतीश कुमार का सिर्फ एक उद्देश्य है — अपनी कुर्सी को बचाए रखना, बाकी सब कुछ secondary है,” किशोर ने कहा।

वित्त मंत्री सम्राट चौधरी से सवाल

प्रशांत किशोर ने बिहार के वित्त मंत्री सम्राट चौधरी से भी सवाल किया। उन्होंने पूछा कि क्यों बिहार से 26 लाख करोड़ रुपये की पूंजी दूसरे राज्यों में चली गई है? उन्होंने सम्राट चौधरी से पूछा कि बिहार के CD रेशियो (क्रेडिट-डिपॉजिट रेशियो) के बारे में जानकारी देनी चाहिए। “सम्राट चौधरी को यह बताना चाहिए कि क्यों बिहार का पैसा दूसरे राज्यों में जा रहा है,” किशोर ने कहा।

बेरोजगारी और आर्थिक संकट पर सवाल

किशोर ने बिहार में बेरोजगारी की समस्या पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि बिहार में मनरेगा के फंड का सही उपयोग नहीं हो रहा है, और इसके कारण लोग अपनी रोजी-रोटी के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि बिहार में 80% लोग रोजाना 100 रुपये भी नहीं कमा पाते। “बिहार में प्रति व्यक्ति आय 34,000 रुपये है, जो बहुत कम है। यह साफ दर्शाता है कि राज्य सरकार ने विकास के लिए सही दिशा में काम नहीं किया,” उन्होंने कहा।

जन सुराज का आह्वान: बदलाव की जरूरत

प्रशांत किशोर ने सभा में मौजूद लोगों से आह्वान किया कि इस बार बदलाव का समय है। उन्होंने कहा कि यह वक्त है जब बिहार की जनता को अपने बच्चों के लिए सही दिशा में वोट देना होगा। “इस बार वोट किसी नेता के लिए नहीं, बल्कि अपने बच्चों के भविष्य के लिए देना है। बिहार में अब नेताओं के नहीं, बल्कि जनता के राज का समय आ चुका है,” उन्होंने कहा।

जन सुराज के उद्देश्यों पर प्रकाश

प्रशांत किशोर ने अपनी जन सुराज यात्रा के उद्देश्य को भी स्पष्ट किया। उनका मानना है कि बिहार में एक नया राज चाहिए, जहां जनता की आवाज को सुनकर विकास किया जाए। उनका कहना है कि बिहार को एक ऐसी सरकार चाहिए, जो सही मायने में लोगों की समस्याओं का समाधान करे और केवल सत्ता की राजनीति न करे।

सम्राट चौधरी को चेतावनी

प्रशांत किशोर ने वित्त मंत्री सम्राट चौधरी से पूछा कि बिहार से इतने पैसे क्यों बाहर जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह एक गंभीर मसला है और बिहार के लोगों को इसका जवाब चाहिए। “बिहार के लोगों को यह जानने का हक है कि उनका पैसा क्यों बाहर जा रहा है। सम्राट चौधरी को इसके बारे में जवाब देना चाहिए,” किशोर ने कहा।

बिहार के लिए नए विचार और दिशा

प्रशांत किशोर का मुख्य उद्देश्य बिहार की राजनीति में बदलाव लाना है। वे यह मानते हैं कि बिहार के लोग अब यह तय करने के लिए तैयार हैं कि उन्हें क्या चाहिए। उन्होंने जनता से यह भी कहा कि यह बदलाव उन लोगों के लिए जरूरी है जो बिहार में रहकर अपने बच्चों का भविष्य देखना चाहते हैं।

प्रशांत किशोर ने मुजफ्फरपुर की जनसभा में नीतीश कुमार, मोदी और अन्य नेताओं की नीतियों पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने बिहार की जनता से अपील की कि वे अपने बच्चों के भविष्य के लिए इस बार वोट करें। अगर बिहार को एक नया दिशा चाहिए, तो इसे अब चुनने का समय है। जन सुराज की यह यात्रा अब बिहार के हर कोने तक पहुंचने वाली है, और लोग इस बदलाव के लिए तैयार हैं।

प्रशांत किशोर का यह बयान बिहार की राजनीति के लिए एक नया मोड़ साबित हो सकता है। उनके विचारों और उनके नेतृत्व में एक नई उम्मीद की किरण दिख रही है, जो बिहार में सचमुच बदलाव ला सकती है।

Read this article in

KKN लाइव WhatsApp पर भी उपलब्ध है, खबरों की खबर के लिए यहां क्लिक करके आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं।

KKN Public Correspondent Initiative


Discover more from

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Latest articles

छोटी बच्चियों में देवी का दर्शन या स्त्री के सम्मान की सबसे बड़ी सामाजिक कसौटी?

नवरात्र की अष्टमी या नवमी। पूजा का मंडप सजा है। छोटी-छोटी बच्चियों को आसन...

हवन से शुद्ध होती है हवा या बढ़ता है प्रदूषण?

दुर्गा पूजा की अग्नि पर विज्ञान की बड़ी पड़ताल दुर्गा पूजा की अंतिम आहुतियों के...

दुर्गा पूजा मातृशक्ति का सम्मान है या समाज के सामने एक अधूरा सवाल?

जिस समाज में स्त्री को देवी मानकर पूजा जाता है, उसी समाज में उसकी...

क्या मिट्टी के पात्र में रखा जल सचमुच याद रखता है मंत्रों की ऊर्जा?

एक मिट्टी का पात्र। उसमें भरा जल। उसके मुहाने पर रखे आम के पत्ते...

More like this

दुर्गा पूजा के मंत्रों का शरीर और मस्तिष्क पर क्या असर होता है?

कल्पना कीजिए—एक व्यक्ति आंखें बंद करके ‘ॐ’ का उच्चारण कर रहा है। उसके सामने...

मीनापुर 2030: अगले पांच साल में यह इलाका किस दिशा में जाएगा? बाढ़, सड़क, खेती, रोजगार और बदलते गांवों की पूरी दास्तान

मीनापुर का भविष्य किसी एक चुनाव या एक परियोजना से तय नहीं होगा मीनापुर के...

मीनापुर के गांवों को स्मार्टफोन ने कितना बदला? खेती, पढ़ाई और रोजगार की नई कहानी

मीनापुर के गांव में अब जेब में सिर्फ फोन नहीं, पूरा बाजार है मीनापुर के...

हिंद केसरी यादव: मीनापुर की राजनीति में वह नाम, जिसने आंदोलन को सड़क से सदन तक पहुंचाया

पांचवीं पुण्यतिथि पर दरहीपट्टी में श्रद्धांजलि सभा, वक्ताओं ने कहा—अधूरे कार्यों को आगे बढ़ाना...

मीनापुर की महिलाएं घर चलाने में कितना योगदान देती हैं? गांव की छिपी अर्थव्यवस्था का सच

मीनापुर की अर्थव्यवस्था का आधा हिस्सा शायद दिखाई ही नहीं देता मीनापुर की अर्थव्यवस्था का...

बागमती की पुरानी धारा फिर जगी तो मीनापुर में क्या बदलेगा? बाढ़ से राहत या नई मुसीबत—बेलवा डैम से बूढ़ी गंडक तक

मीनापुर के लिए यह सिर्फ नदी की खुदाई नहीं है मीनापुर में बागमती की पुरानी...

मीनापुर के युवा बाहर क्यों जा रहे हैं? गांव से महानगर तक जानिए पलायन की पूरी दास्तान

सवाल सिर्फ नौकरी का नहीं, घर छोड़ने की मजबूरी का है मीनापुर के किसी गांव...

मीनापुर का किसान फसल बेचकर कितना कमाता है? खेत से बाजार तक पूरा हिसाब

मीनापुर में धान की फसल जब खेत में लहलहाती है, तो दूर से वह...

विधानसभा में उठेगा ग्रामीण पत्रकारों की सुरक्षा और पेंशन का मुद्दा, पारू व लालगंज विधायकों ने दिया भरोसा

मीडिया फॉर बॉर्डर हार्मोनी के ‘हमारी आवाज’ कार्यक्रम में पत्रकारों ने सर्वसम्मति से पारित...

मीनापुर की असली कहानी क्या है? आजादी, राजनीति, बागमती और बदलते गांव का पूरा सच

मीनापुर को अगर सिर्फ मुजफ्फरपुर जिले का एक प्रखंड या बिहार की एक विधानसभा...

मीनापुर में परिणाम बदलने वाले मुद्दे: जाति से बाढ़ तक, सड़क से रोज़गार तक आखिर किस सवाल ने बदली बाजी?

मीनापुर में विकास की परिकथा सिर्फ कुछ आंकड़ों से नहीं बनता। उसके पीछे एक...

मीनापुर की राजनीति: 1951 से 2025 तक सत्ता बदलती रही, लेकिन क्या बदला राजनीति का मिजाज?

मीनापुर की राजनीति को अगर सिर्फ पिछले 10 या 15 वर्षों के चुनाव से...

बिहार का पलायन: क्या रोज़गार की तलाश में निकलती पीढ़ियां कभी लौटेंगी?

बिहार के किसी छोटे से गांव में शाम ढलते ही अगर आप बस अड्डे,...

कहां गुम हो रही हैं बिहार की बेटियां?

गुमशुदगी का आंकड़ा गंभीर है एक लड़की घर से निकलती है। परिवार समझता है कि...

बिहार में बारिश और तेज हवा ने फिर बदला मौसम का मिजाज, 26 जिलों में अलर्ट; आखिर कब थमेगा यह सिलसिला?

आसमान में बादल हैं। रुक-रुक कर बारिश लगातार हो रही है, अचानक तेज बौछार...