होमBiharप्रशांत किशोर का नीतीश कुमार पर हमला, कहा- भ्रष्ट सरकार के ईमानदार...

प्रशांत किशोर का नीतीश कुमार पर हमला, कहा- भ्रष्ट सरकार के ईमानदार मुख्यमंत्री

Published on

Jan Suraaj Party के संस्थापक प्रशांत किशोर ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर करारा हमला बोला है। बुधवार को बेगूसराय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार “भ्रष्ट सरकार के ईमानदार मुख्यमंत्री” हैं। उनके इस बयान ने बिहार की राजनीति में एक बार फिर हलचल मचा दी है।

मंत्रियों और अफसरों पर विदेश में संपत्ति खरीदने का आरोप

प्रशांत किशोर ने दावा किया कि नीतीश कुमार के करीबी कई मंत्री और अधिकारी विदेशों में प्रॉपर्टी खरीद चुके हैं। उन्होंने नाम लिए बिना कहा कि ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और साउथ अफ्रीका में इन लोगों ने संपत्तियां बनाई हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार के लोग गरीबी में जी रहे हैं जबकि सत्ताधारी वर्ग लूट के पैसों से विदेश में घर और प्रॉपर्टी खरीद रहा है। पीके ने कहा कि अगर नवंबर में जन सुराज की सरकार बनी तो इन सभी को जेल भेजा जाएगा और परिवार तक से अवैध संपत्तियां जब्त की जाएंगी।

बिहार बदलाव यात्रा का पड़ाव बेगूसराय

प्रशांत किशोर अपनी Bihar Badlaav Yatra के तहत बुधवार को बेगूसराय के बछवाड़ा विधानसभा पहुंचे। यह इलाका राजनीतिक रूप से अहम है क्योंकि यहां से बिहार सरकार के खेल मंत्री आते हैं।

सभा को संबोधित करते हुए पीके ने कहा कि बेगूसराय क्रांतिकारियों की धरती रही है। उन्होंने कहा कि भारत में ऐसा कोई बड़ा आंदोलन नहीं हुआ जिसकी शुरुआत यहां से न हुई हो। इस बयान से उन्होंने स्थानीय लोगों को उनके गौरवशाली इतिहास की याद दिलाने की कोशिश की।

नीतीश कुमार की छवि पर सवाल

पीके का यह बयान कि नीतीश “भ्रष्ट सरकार के ईमानदार मुख्यमंत्री” हैं, लोगों का ध्यान खींचने वाला रहा। उनका इशारा इस ओर था कि भले ही नीतीश की व्यक्तिगत छवि ईमानदार रही हो, लेकिन उनकी सरकार भ्रष्टाचार से घिरी हुई है।

बिहार की राजनीति में लंबे समय से नीतीश कुमार खुद को सुशासन और पारदर्शिता का प्रतीक बताते आए हैं। लेकिन प्रशांत किशोर का यह हमला उनकी इसी छवि को चुनौती देता है।

बीजेपी नेताओं को दी चुनौती

प्रशांत किशोर ने बीजेपी नेताओं के बयानों पर पलटवार भी किया। उन्होंने कहा कि अगर किसी नेता में ताकत है तो उतनी ही भीड़ जुटाकर सभा करके दिखाए जितनी उनकी रैली में आई।

उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि असली जनता किसके साथ है, यह तुरंत साफ हो जाएगा और “Facebookiya Netas” की हकीकत भी सामने आ जाएगी। उनके इस बयान पर सभा में मौजूद लोगों ने तालियां बजाकर उनका समर्थन किया।

बिहार की राजनीति का बदलता परिदृश्य

इस समय बिहार की राजनीति में लगातार बदलाव देखने को मिल रहे हैं। नीतीश कुमार कई बार गठबंधन बदल चुके हैं और भ्रष्टाचार का मुद्दा लगातार छाया रहता है।

पीके के आरोप कि मंत्री और अफसर विदेशों में प्रॉपर्टी खरीद रहे हैं, इस राजनीतिक माहौल में और भी असरदार हो सकते हैं। वे खुद को पारंपरिक दलों से अलग एक नए विकल्प के तौर पर पेश कर रहे हैं।

बेगूसराय का राजनीतिक महत्व

बेगूसराय हमेशा से बिहार की राजनीति में खास स्थान रखता है। यह क्षेत्र क्रांतिकारी आंदोलनों और बड़े राजनीतिक अभियानों का गवाह रहा है।

प्रशांत किशोर ने इसी पृष्ठभूमि का इस्तेमाल करते हुए यहां से अपनी बात रखी। उन्होंने लोगों को याद दिलाया कि इस भूमि ने हमेशा बदलाव की राह दिखाई है और अब फिर से परिवर्तन की ज़रूरत है।

जनता से किया बड़ा वादा

पीके ने स्पष्ट कहा कि अगर उनकी पार्टी सत्ता में आती है तो भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने वादा किया कि अवैध संपत्तियां जब्त होंगी और जिम्मेदारों को जेल भेजा जाएगा।

यह वादा उन लोगों को आकर्षित करने के लिए है जो लगातार सरकार में पारदर्शिता की कमी से परेशान हैं। उनकी सीधी और तीखी भाषा यह दर्शाती है कि वे समझौते की राजनीति करने नहीं आए हैं।

जन सुराज पार्टी की चुनौती

Jan Suraaj Party अभी नई है, लेकिन प्रशांत किशोर का नाम और उनकी राजनीतिक समझ इसे चर्चा में बनाए हुए हैं। उनकी “बदलाव यात्रा” जनता के बीच पैठ बनाने की कोशिश है।

हालांकि बिहार की राजनीति जातीय समीकरणों और पुराने गठबंधनों से प्रभावित रहती है। पीके के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही होगी कि वे इस उत्साह को वोटों में कैसे बदलते हैं।

बेगूसराय में प्रशांत किशोर का यह बयान कि नीतीश कुमार “भ्रष्ट सरकार के ईमानदार मुख्यमंत्री” हैं, बिहार की राजनीति में नया रंग भरने वाला साबित हुआ है।

उन्होंने न सिर्फ नीतीश कुमार बल्कि बीजेपी नेताओं पर भी सीधा वार किया। बड़ी भीड़ जुटाकर उन्होंने दिखाया कि उनकी पकड़ जमीनी स्तर पर बढ़ रही है।

उनकी Bihar Badlaav Yatra फिलहाल जनता का ध्यान खींच रही है। आने वाले महीनों में यह साफ होगा कि क्या वे अपने वादों और नारों को चुनावी सफलता में बदल पाते हैं या नहीं।

Read this article in

KKN लाइव WhatsApp पर भी उपलब्ध है, खबरों की खबर के लिए यहां क्लिक करके आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं।

KKN Public Correspondent Initiative


Discover more from

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Latest articles

मीनापुर का किसान फसल बेचकर कितना कमाता है? खेत से बाजार तक पूरा हिसाब

मीनापुर में धान की फसल जब खेत में लहलहाती है, तो दूर से वह...

विधानसभा में उठेगा ग्रामीण पत्रकारों की सुरक्षा और पेंशन का मुद्दा, पारू व लालगंज विधायकों ने दिया भरोसा

मीडिया फॉर बॉर्डर हार्मोनी के ‘हमारी आवाज’ कार्यक्रम में पत्रकारों ने सर्वसम्मति से पारित...

मीनापुर की असली कहानी क्या है? आजादी, राजनीति, बागमती और बदलते गांव का पूरा सच

मीनापुर को अगर सिर्फ मुजफ्फरपुर जिले का एक प्रखंड या बिहार की एक विधानसभा...

मीनापुर में परिणाम बदलने वाले मुद्दे: जाति से बाढ़ तक, सड़क से रोज़गार तक आखिर किस सवाल ने बदली बाजी?

मीनापुर में विकास की परिकथा सिर्फ कुछ आंकड़ों से नहीं बनता। उसके पीछे एक...

More like this

विधानसभा में उठेगा ग्रामीण पत्रकारों की सुरक्षा और पेंशन का मुद्दा, पारू व लालगंज विधायकों ने दिया भरोसा

मीडिया फॉर बॉर्डर हार्मोनी के ‘हमारी आवाज’ कार्यक्रम में पत्रकारों ने सर्वसम्मति से पारित...

मीनापुर की असली कहानी क्या है? आजादी, राजनीति, बागमती और बदलते गांव का पूरा सच

मीनापुर को अगर सिर्फ मुजफ्फरपुर जिले का एक प्रखंड या बिहार की एक विधानसभा...

मीनापुर में परिणाम बदलने वाले मुद्दे: जाति से बाढ़ तक, सड़क से रोज़गार तक आखिर किस सवाल ने बदली बाजी?

मीनापुर में विकास की परिकथा सिर्फ कुछ आंकड़ों से नहीं बनता। उसके पीछे एक...

मीनापुर की राजनीति: 1951 से 2025 तक सत्ता बदलती रही, लेकिन क्या बदला राजनीति का मिजाज?

मीनापुर की राजनीति को अगर सिर्फ पिछले 10 या 15 वर्षों के चुनाव से...

बिहार का पलायन: क्या रोज़गार की तलाश में निकलती पीढ़ियां कभी लौटेंगी?

बिहार के किसी छोटे से गांव में शाम ढलते ही अगर आप बस अड्डे,...

कहां गुम हो रही हैं बिहार की बेटियां?

गुमशुदगी का आंकड़ा गंभीर है एक लड़की घर से निकलती है। परिवार समझता है कि...

बिहार में बारिश और तेज हवा ने फिर बदला मौसम का मिजाज, 26 जिलों में अलर्ट; आखिर कब थमेगा यह सिलसिला?

आसमान में बादल हैं। रुक-रुक कर बारिश लगातार हो रही है, अचानक तेज बौछार...

चुनाव आयोग पर क्यों मचा है हंगामा? 14 आपत्तियों से उठे सवाल, ज्ञानेश कुमार की भूमिका और सत्ता पक्ष की असहजता की पूरी पड़ताल

भारत में चुनाव केवल सरकार चुनने की प्रक्रिया नहीं हैं। चुनाव वह बुनियादी व्यवस्था...

क्या एक विधायक पांच साल में अपने क्षेत्र की तस्वीर बदल सकता है?

KKN ब्यूरो। विधायक के पास अपने विधानसभा क्षेत्र के लिए 5 वर्षों में 20...

मीनापुर में जदयू का ‘संवाद’ या संगठन के भीतर उठती बेचैनी?

मनीष वर्मा के सामने खुली कार्यकर्ताओं की परत-दर-परत पीड़ा KKN ब्यूरो। मीनापुर में रविवार का...

ट्रंप के दौर में क्या अमेरिका की वैश्विक साख घटी? आंकड़े क्या कहते हैं

KKN ब्यूरो। एक समय था जब दुनिया के किसी संकट पर एक सवाल लगभग...

एक सच, दो नज़रिया: दिमाग की गलती, समाज का असर या सोच का खेल?

क्यों एक ही तथ्य किसी को अवसर लगता है, तो किसी को खतरा? क्या...

मीनापुर की जुड़वा बहनों ने CSIR-NET में लहराया परचम, शनाया को ऑल इंडिया 92वीं रैंक

मुजफ्फरपुर के मीनापुर प्रखंड की जुड़वा बहनों शनाया निशांत और शोनाया निशांत ने CSIR-NET...

बिहार की सड़कें बन गईं मौत की सड़क? 5 साल में 34% बढ़े हादसे, 9,347 लोगों की गई जान

आंकड़ों का एक्स-रे: दुर्घटनाएं बढ़ीं, मौतें उससे भी तेज बढ़ीं KKN ब्यूरो। एक सड़क। एक...

लग गया ट्रांसफार्मर; किसानों की लड़ाई रंग लाई

जिस समस्या के समाधान की उम्मीद किसानों ने लगभग छोड़ दी थी, आखिरकार उसी...