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डायरिया का दवा वितरण महज खानापूर्ती 

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संजय कुमार सिंह

मनियारी थान क्षेत्र के सोनवर्षा गाँव मे फैले डायरिया के प्रकोप से अबतक आठ लोग बीमार हो चूके है। लगातार सुचना मिलने के तीसरे दिन शनिवार को पीएचसी प्रभारी के निर्देश पर सरकारी सुविधा के नाम पर खानापूर्ती को अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक डॉ. छोटेलाल व एएनएम द्वारा क्षेत्र मे चुना व विलिचिंग पाउडर छिड़काव करवाया गया। साथ ही पीड़ितो के बीच पानी की बोतल कुछ जरूरी दवा व हेलोजीन टैबलेट वितरण की गई। स्थानीय ब्रह्मदेव सिंह बताते है कि हमारे परिवार मेरी पत्नी भगेरनी देवी (52), पतोहू रेखा देवी (32), पुत्री सविता कुमारी व पुत्र राम रेखा सिंह डायरिया के बीमारी से ग्रसित थे । जबकि मेरे चचेरा भाई अयोद्धी सिंह के चार लड़की मे प्रियंका कुमारी (22),प्रिति कुमारी (18),अमृता कुमारी (14),पुत्र अमन कुमार (10) व स्वयं अयोद्धी सिंह भी चार-पांच दिनो से डायरिया के चपेट मे आ गये थे । अगर हम लोग सरकार के स्वास्थ्य विभाग के भरोसे रहता तो अनहोनी घटना होने से हम लोग नही बच पाते। स्थानीय चिकित्सक से ईलाज कराने मे अबतक पच्चीस हजार रुपए खर्च हो चुके हैं । किन्तु अभी भी पूर्ण रूप से स्वस्थ नहीं होने से अभी भी आशंका बनी हुई है। ऐसे मे सरकार द्वारा पीड़ित परिवारों के बीच सरकारी सुविधा के नाम पर खानापूर्ती को ओआरएस, विलिचिंग पाउडर, चुना का छिड़काव कराने के साथ हेलोजिन टेबलेट व उल्टी -दश्त रोकने की दवा मैट्रोनिण्डाजोल 400 का वितरण किया जा रहा है। इससे परेशानी पुरी तरह दुर नही हो सकती । इसका कितना असर उक्त डायरिया पीड़ितों परिवारों पर होगा ये सभी लोग जानते है । जहा महंगी -महंगी दवाओ के साथ आधा दर्जन से एक दर्जन स्लाईन चढ़ाया गया वहाँ सरकार द्वारा दिये जाने वाली दवा क्या असर करेगी।
हमें विश्वास था की स्वास्थ्य विभाग की टीम गाँव मे पहुँचेगी पर मेरे ही स्थानीय अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक को भेजा गया । जहाँ दवा की व्यवस्था की कमी से अस्पताल सालोभर जुझती रहती है । स्थानीय अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक डा0 छोटेलाल सिंह ने बताया कि उक्त सभी पीड़ित परिवारो के आसपास वाले क्षेत्र मे कुढ़नी पीएचसी प्रभारी के निर्देश पर 30 किलो चुना व 10 किलो विलिचिंग पाउडर का छिड़काव मजदूर के द्वारा नाला, सड़क किनारे व गंदा पानी जमने की जगह अपने उपस्थिति मे कराया है । जबकि पानी शुद्ध करने को हेलोजिन टेबलेट उपलब्ध करा दी गईं है । स्थानीय समाजसेवी दिलीप कुमार ठाकुर ने विभाग पर आरोप लगाया की पूर्वी क्षेत्र के लोगों को कुढ़नी पीएचसी अत्यधिक दुरी होने से कोई लाभ नहीं मिलता है और क्षेत्र के अस्पताल को भी उपेक्षित नजरो से देखा जाता है जब कोई बड़ी मामला आती है तभी ही सुधी लेते है।

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