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बिहार में : भारी बारिश और बाढ़ से हालात बिगड़े, सात जिले टापू बने

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बिहार में मॉनसून रेन का कहर जारी है। लगातार हो रही भारी बारिश से बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है। गंगा समेत दस नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। पटना, भागलपुर, बेगूसराय समेत सात जिले टापू जैसे हालात में हैं। अब तक बाढ़ और बारिश से 11 लोगों की मौत हो चुकी है।

पिछले कई दिनों से जारी तेज बारिश ने नदी का जलस्तर बढ़ा दिया है। मौसम विभाग के अनुसार, 14 अगस्त तक उत्तर और उत्तर-पूर्वी जिलों में स्थिति गंभीर बनी रहेगी।

बिहार में मॉनसून की तेज़ सक्रियता

मॉनसून सिस्टम इस समय राज्य के लगभग सभी जिलों में एक्टिव है। गंगा, कोसी, गंडक और बागमती समेत कई नदियां उफान पर हैं। पटना, भागलपुर और बेगूसराय जैसे प्रमुख शहर बाढ़ से घिरे हुए हैं।

नवगछिया में 15 करोड़ रुपये की लागत से बना रिंग बांध पानी के दबाव में टूट गया। लगभग 70 प्रतिशत हिस्सा बह गया है, जिससे आसपास के गांवों में पानी घुसने का खतरा बढ़ गया है।

पटना जिले के सात प्रखंडों की 24 पंचायतें बाढ़ की चपेट में हैं। बेगूसराय में 137 से अधिक स्कूल 14 अगस्त तक बंद कर दिए गए हैं। भागलपुर, बक्सर और उत्तर-पूर्वी हिस्से के कई जिलों में भी हालात खराब हैं।

मौसम विभाग के अलर्ट

IMD ने आज उत्तर बिहार के सभी जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है। सुपौल, अररिया, किशनगंज और पूर्णिया में बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। कटिहार, मधेपुरा, सहरसा, मधुबनी, सीतामढ़ी, शिवहर, पूर्वी और पश्चिमी चंपारण में भी आंधी के साथ भारी बारिश की संभावना है।

उत्तर बिहार के लिए ऑरेंज अलर्ट और पटना सहित दक्षिण बिहार के 19 जिलों के लिए येलो अलर्ट लागू है। विशेष रूप से हिमालय की तराई वाले जिले और उत्तर-पूर्वी इलाकों में 14 अगस्त तक मूसलाधार बारिश का अनुमान है।

बारिश औसत से कम

भारी बारिश के बावजूद, इस साल बिहार में अब तक 25 प्रतिशत कम बारिश हुई है। सामान्य रूप से इस समय तक 590.4 मिमी बारिश होती है, लेकिन अब तक केवल 444.7 मिमी रिकॉर्ड हुई है। उत्तर बिहार के आठ जिलों में बारिश की कमी 50 प्रतिशत तक है।

पटना मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, इस समय मॉनसून ट्रफ दरभंगा से होकर गुजर रही है। कई सक्रिय मौसम प्रणालियां बारिश करा रही हैं। 14 अगस्त के बाद बारिश में कमी आने और नदियों के जलस्तर घटने की संभावना है।

गंगा समेत 10 नदियां खतरे के निशान से ऊपर

गंगा सहित दस नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। भागलपुर शहर में बाढ़ का पानी घरों और बाजारों में घुस चुका है। सुल्तानगंज में गंगा का पानी सड़क पर आ गया है, जिससे ट्रैक्टर के जरिए सामान निकालना पड़ रहा है। नमामि गंगे घाट पर प्रवेश पर रोक लगा दी गई है।

बेगूसराय में बाढ़ प्रभावित आठ प्रखंडों के सभी आंगनबाड़ी केंद्र और 137 स्कूल 14 अगस्त तक बंद हैं।

नवगछिया में बांध टूटने से संकट

गोपालपुर प्रखंड स्थित रिंग बांध का 70 प्रतिशत हिस्सा टूट गया है। यह बांध ग्रामीण इलाकों को बाढ़ से बचाने के लिए बनाया गया था, लेकिन पानी के तेज दबाव में ढह गया। प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचकर स्थिति का आकलन कर रहे हैं।

शिवहर में सबसे अधिक बारिश

रविवार को शिवहर जिले में सबसे अधिक बारिश दर्ज की गई। इसके बावजूद, पूरे राज्य में औसत से 25 प्रतिशत कम बारिश हुई है। सामान्य रूप से 590 मिमी बारिश होती है, जबकि इस साल अब तक 444 मिमी ही दर्ज हुई है।

पटना का मौसम

मंगलवार सुबह से पटना में आसमान बादलों से ढका रहा। दोपहर में हल्की बारिश हुई, जबकि हवा की गति 25 से 30 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई। अगले 24 घंटों में पटना में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। आसपास के जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश संभव है।

अधिकतम तापमान 31 डिग्री और न्यूनतम 26 डिग्री के आसपास रहने का अनुमान है। सोमवार को छपरा 34.1 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ सबसे गर्म जिला रहा।

ग्रामीण और शहरी इलाकों में संकट

बाढ़ का असर गांवों के साथ शहरों पर भी पड़ा है। कई जगह खेत डूब गए हैं, जिससे किसानों की फसल को नुकसान हुआ है। भागलपुर और पटना जैसे शहरों में सड़कों पर पानी भरने से यातायात प्रभावित है।

प्रशासन राहत शिविर चला रहा है और जरूरतमंदों को भोजन, पानी और सुरक्षित ठिकाना उपलब्ध करा रहा है। कई क्षेत्रों में नाव से लोगों को निकाला जा रहा है।

सरकार की कार्रवाई और राहत कार्य

राज्य आपदा प्रबंधन दल को सबसे प्रभावित इलाकों में तैनात किया गया है। कम ऊंचाई वाले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है। नदियों के जलस्तर की लगातार निगरानी की जा रही है।

आर्थिक और सामाजिक असर

बाढ़ से राज्य को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है। नवगछिया का रिंग बांध टूटना करोड़ों की हानि है। किसान फसल नुकसान से परेशान हैं, जबकि शहरी क्षेत्रों में छोटे व्यवसाय ठप हो गए हैं।

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