शुक्रवार, मई 22, 2026 10:25 अपराह्न IST
होमBiharबिहार पर कितना कर्ज? विकास की रफ्तार के पीछे छिपा आर्थिक दबाव

बिहार पर कितना कर्ज? विकास की रफ्तार के पीछे छिपा आर्थिक दबाव

Published on

KKN ब्यूरो। बिहार की राजनीति में विकास और विशेष राज्य के दर्जे की बहस हमेशा सुर्खियों में रहती है। लेकिन इन बहसों के बीच एक सवाल तेजी से उठ रहा है—क्या बिहार कर्ज के बोझ तले दबता जा रहा है? आखिर बिहार सरकार पर कुल कितना कर्ज है? भारत के दूसरे राज्यों की तुलना में बिहार कहां खड़ा है? और सबसे बड़ा सवाल… क्या यह कर्ज विकास के लिए लिया जा रहा है या भविष्य के लिए खतरे की घंटी बनता जा रहा है? विभिन्न सरकारी तथा आर्थिक संस्थाओं की रिपोर्ट्स के आधार पर बिहार की आर्थिक स्थिति की यह पड़ताल कई चौंकाने वाली तस्वीर सामने लाती है।

बिहार पर कुल कितना कर्ज है?

बिहार आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 और विभिन्न वित्तीय रिपोर्ट्स के अनुसार बिहार सरकार पर कुल बकाया देनदारी (Outstanding Debt) लगभग 3.74 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है। यह राशि राज्य की कुल GSDP (Gross State Domestic Product) का लगभग 37 से 38 प्रतिशत है। अगर सरल भाषा में समझें तो बिहार जितनी आर्थिक उत्पादन क्षमता रखता है, उसके मुकाबले राज्य पर लगभग 37 रुपये का कर्ज प्रति 100 रुपये की अर्थव्यवस्था पर है। नीति आयोग की “Macro and Fiscal Landscape of Bihar” रिपोर्ट के अनुसार बिहार का Debt-to-GSDP Ratio देश के औसत राज्यों से अधिक है।

क्या बिहार देश के सबसे कर्जदार राज्यों में है?

यहां तस्वीर थोड़ी दिलचस्प है। कुल राशि के हिसाब से देखें तो महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और मध्य प्रदेश जैसे बड़े राज्यों पर बिहार से कहीं अधिक कर्ज है। उदाहरण के लिए:

  • महाराष्ट्र पर 2025-26 में लगभग 9 लाख करोड़ रुपये से अधिक की देनदारी का अनुमान है।
  • मध्य प्रदेश पर 5.31 लाख करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज बताया गया है।
  • पंजाब का कुल कर्ज 4.47 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है।

लेकिन असली तुलना केवल कुल कर्ज से नहीं होती। अर्थशास्त्री Debt-to-GSDP Ratio को ज्यादा महत्वपूर्ण मानते हैं। इसी आधार पर बिहार की स्थिति चिंता पैदा करती है।

Debt-to-GSDP Ratio में बिहार कहां?

RBI, PRS और नीति आयोग के आंकड़ों के अनुसार बिहार का Debt-to-GSDP Ratio लगभग 37% से 40% के बीच है। यह अनुपात कई विकसित राज्यों से अधिक माना जाता है। तुलना करें तो:

राज्य अनुमानित Debt-to-GSDP Ratio
पंजाब लगभग 45%
बिहार लगभग 37-40%
पश्चिम बंगाल लगभग 38%
मध्य प्रदेश लगभग 31%
महाराष्ट्र लगभग 18-20%
गुजरात लगभग 16-18%

इसका मतलब यह हुआ कि बिहार की अर्थव्यवस्था के मुकाबले कर्ज का बोझ अपेक्षाकृत भारी है।

बिहार पर इतना कर्ज क्यों बढ़ा?

  1. कमजोर राजस्व आधार

बिहार की सबसे बड़ी समस्या यह है कि राज्य का अपना टैक्स कलेक्शन सीमित है। राज्य आज भी केंद्र सरकार की सहायता और टैक्स हिस्सेदारी पर काफी हद तक निर्भर है। विशेषज्ञों के अनुसार बिहार की कुल आय में केंद्र से मिलने वाले अनुदान और टैक्स हिस्सेदारी का बड़ा हिस्सा होता है। इसका मतलब यह कि राज्य की “आत्मनिर्भर राजस्व क्षमता” अब भी कमजोर है।

  1. इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी खर्च

सड़क, पुल, बिजली, स्वास्थ्य और शिक्षा पर बड़े पैमाने पर खर्च के लिए सरकार लगातार उधारी ले रही है। बिहार सरकार का दावा है कि यह कर्ज “उत्पादक निवेश” के लिए लिया जा रहा है। 2025-26 में बिहार का पूंजीगत व्यय (Capital Expenditure) लगभग 62 हजार करोड़ रुपये से अधिक रहने का अनुमान है।

  1. सामाजिक योजनाओं का दबाव

बिहार में बड़ी आबादी गरीबी रेखा के आसपास है। ऐसे में सरकार को शिक्षा, स्वास्थ्य, छात्रवृत्ति, खाद्यान्न और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं पर भारी खर्च करना पड़ता है।

  1. उद्योगों की कमी

बिहार की अर्थव्यवस्था अब भी कृषि और सेवा क्षेत्र पर ज्यादा निर्भर है। भारी उद्योग और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की कमजोरी के कारण राज्य की आय क्षमता सीमित रहती है।

क्या बिहार का कर्ज खतरनाक स्तर पर पहुंच चुका है?

यह सवाल सबसे अहम है। अर्थशास्त्रियों की राय यहां दो हिस्सों में बंटी दिखाई देती है।

पहला पक्ष: खतरे की घंटी

कुछ विशेषज्ञ मानते हैं कि बिहार का Debt-to-GSDP Ratio काफी ऊंचा है। अगर राज्य की आय नहीं बढ़ी और उधारी इसी गति से बढ़ती रही, तो भविष्य में ब्याज भुगतान का दबाव बढ़ सकता है। CAG रिपोर्ट के अनुसार बिहार की कुल देनदारियां लगातार बढ़ रही हैं और आंतरिक ऋण (Internal Debt) इसका सबसे बड़ा हिस्सा बन चुका है।

दूसरा पक्ष: विकास के लिए जरूरी निवेश

दूसरे विशेषज्ञ मानते हैं कि गरीब और पिछड़े राज्यों को विकास के शुरुआती चरण में अधिक उधारी लेनी ही पड़ती है। अगर यह पैसा सड़क, शिक्षा, उद्योग और रोजगार निर्माण में लगाया जाए तो भविष्य में अर्थव्यवस्था मजबूत हो सकती है।

बिहार की सबसे बड़ी आर्थिक चुनौती

बिहार के सामने सबसे बड़ी चुनौती सिर्फ कर्ज नहीं, बल्कि “कम आय और अधिक आबादी” है। राज्य की प्रति व्यक्ति आय देश में सबसे कम है, जबकि आबादी तेजी से बढ़ रही है। इसका असर यह होता है कि सरकार को विकास और कल्याण योजनाओं के लिए लगातार अधिक संसाधनों की जरूरत पड़ती है।

क्या बिहार कर्ज के जाल में फंस सकता है?

फिलहाल बिहार की स्थिति श्रीलंका जैसे “Debt Trap” वाली नहीं मानी जा रही। राज्य FRBM (Fiscal Responsibility and Budget Management) नियमों के भीतर रहने का दावा कर रहा है। लेकिन विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि यदि रोजगार नहीं बढ़ा, उद्योग नहीं आए, टैक्स कलेक्शन मजबूत नहीं हुआ और पलायन जारी रहा तो आने वाले वर्षों में बिहार की वित्तीय स्थिति पर दबाव और बढ़ सकता है।

बिहार आज एक दिलचस्प मोड़ पर है

बिहार आज एक दिलचस्प मोड़ पर खड़ा है। एक तरफ तेज आर्थिक विकास के दावे हैं, बढ़ते इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट हैं और नई निवेश नीति है। दूसरी तरफ बढ़ता कर्ज, कमजोर राजस्व आधार और भारी आबादी का दबाव भी है। यानी बिहार की कहानी सिर्फ “कर्ज” की नहीं, बल्कि उस संघर्ष की भी है जिसमें एक पिछड़ा राज्य खुद को आर्थिक ताकत में बदलने की कोशिश कर रहा है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या बिहार यह कर्ज भविष्य की समृद्धि में बदल पाएगा, या आने वाले वर्षों में यही कर्ज राज्य की सबसे बड़ी आर्थिक चुनौती बन जाएगा?

KKN लाइव WhatsApp पर भी उपलब्ध है, खबरों की खबर के लिए यहां क्लिक करके आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं।

KKN Public Correspondent Initiative

Latest articles

रजरप्पा का रहस्य | जहां देवी ने खुद काट लिया अपना सिर

क्या आपने कभी ऐसी देवी के बारे में सुना है… जिन्होंने स्वयं अपना सिर...

चांडिल डैम का डरावना सच | क्या सच में सुनाई देती हैं चीखें?

क्या सच में Chandil Dam के आसपास रात में रहस्यमयी आवाजें सुनाई देती हैं?...

दशम, हुण्डरू और रजरप्पा फॉल की अनसुनी सच्चाई

क्या आपने कभी सोचा है कि पानी सिर्फ बहता नहीं… बल्कि गरजता भी है?...

बिहार की अर्थव्यवस्था: तेज़ रफ्तार विकास के पीछे छिपी गरीबी, पलायन और संभावनाएं

क्या बिहार सचमुच बदल रहा है? या आंकड़ों की चमक के पीछे अब भी...

More like this

बिहार की अर्थव्यवस्था: तेज़ रफ्तार विकास के पीछे छिपी गरीबी, पलायन और संभावनाएं

क्या बिहार सचमुच बदल रहा है? या आंकड़ों की चमक के पीछे अब भी...

बिहार में ‘सम्राट कैबिनेट’ का बड़ा दांव, निशांत को स्वास्थ्य तो बीजेपी के पास गई शिक्षा की कमान

KKN ब्यूरो। बिहार की नई सत्ता व्यवस्था अब पूरी तरह आकार ले चुकी है।...

क्या बिहार में बदलेगी सत्ता की स्क्रिप्ट या दोहराएगा इतिहास?

KKN ब्यूरो। क्या बिहार की राजनीति में सचमुच एक युग का अंत और दूसरे...

बिहार में RTI सिस्टम ध्वस्त! 30,000 अपीलें लंबित, हाई कोर्ट सख्त—क्या खत्म हो रही पारदर्शिता?

KKN ब्यूरो। बिहार में पारदर्शिता की रीढ़ मानी जाने वाली सूचना का अधिकार (RTI)...

नीतीश युग का अंत या नई शुरुआत? सम्राट चौधरी के हाथों में बिहार की सत्ता का नया समीकरण

KKN ब्यूरो। क्या बिहार की राजनीति एक ऐसे मोड़ पर आ खड़ी हुई है…...

बिहार बोर्ड 10वीं रिजल्ट 2026 जारी

बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (BSEB) ने आखिरकार बिहार बोर्ड 10वीं रिजल्ट 2026 जारी कर...

बिहार बोर्ड मैट्रिक रिजल्ट 2026: आज नहीं… तो कब?

बिहार में लाखों छात्रों के बीच शनिवार को उस वक्त हलचल मच गई, जब...

बिहार बोर्ड 10वीं रिजल्ट 2026 जल्द होगा जारी; यहां जानें तारीख, वेबसाइट और डाउनलोड प्रक्रिया

बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) द्वारा बिहार बोर्ड 10वीं रिजल्ट 2026 जल्द ही जारी...

क्या नीतीश कुमार का दौर खत्म होने वाला है और क्या बीजेपी लिख रही है नई सत्ता की पटकथा?

पटना की राजनीति में अचानक क्यों तेज हुई फुसफुसाहट? KKN ब्यूरो। क्या बिहार में फिर...

मिट्टी की खुशबू से मोबाइल की रिंगटोन तक: पांच दशक में बदलता ग्रामीण समाज

जब शाम ढलती थी और पूरा गांव एक आंगन में सिमट आता था KKN ब्यूरो।...

महिला रोजगार योजना बिहार : होली के बाद दूसरी किस्त के रूप में 20 हजार रुपये जारी होंगे

Mahila Rojgar Yojana Bihar के तहत राज्य सरकार ने दूसरी किस्त जारी करने की...

BRABU मुजफ्फरपुर में छात्राओं की फीस माफ, SC/ST छात्रों को भी राहत

बाबासाहेब भीवराव अंबेडकर बिहार यूनिवर्सिटी मुजफ्फरपुर (BRABU) ने छात्राओं के लिए बड़ी राहत की...

बिहार मौसम अपडेट : शुष्क रहेगा मौसम, सुबह-रात हल्की ठंड बरकरार

फरवरी का महीना आगे बढ़ने के साथ ही बिहार में मौसम का मिजाज धीरे-धीरे...

बिहार के इंजीनियरिंग कॉलेजों को नहीं मिली NBA मान्यता, छात्रों के भविष्य पर असर

बिहार का एक भी इंजीनियरिंग कॉलेज अभी तक NBA यानी National Board of Accreditation...

मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना : महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ी पहल

Mukhyamantri Mahila Rozgar Yojana के तहत राज्य सरकार महिलाओं को रोजगार और स्वरोजगार के...