पटना में ट्रक-ऑटो की भीषण टक्कर, 8 लोगों की मौत, 4 घायल

Faridabad Accident News: Car Falls into Open Drain,

बिहार की राजधानी पटना में शनिवार सुबह एक बड़ा सड़क हादसा हुआ जिसने पूरे इलाके को दहला दिया। Patna Road Accident में आठ लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। मरने वालों में सात महिलाएं शामिल थीं। हादसे ने पूरे क्षेत्र को शोक और आक्रोश से भर दिया।

हादसे की पूरी घटना

शनिवार सुबह शाहजहांपुर दनियावां हिलसा स्टेट हाइवे 4 पर यह हादसा हुआ। सिगरियावा स्टेशन के पास एक तेज़ रफ्तार ट्रक ने ऑटो-रिक्शा को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि ऑटो के परखच्चे उड़ गए। ऑटो में सवार सभी यात्री नालंदा जिले के रहने वाले थे। वे गंगा स्नान के लिए फतुहा जा रहे थे। दुर्भाग्यवश, उनकी यात्रा बीच रास्ते में ही मौत के सफर में बदल गई।

मृतक और घायल यात्री

हादसे में आठ लोगों की मौत हुई, जिनमें से सात महिलाएं थीं। सभी मृतक नालंदा के रेरा मलामा गांव के निवासी थे। परिजन बताते हैं कि वे सुबह-सुबह गंगा स्नान के लिए निकले थे। सात लोगों की मौके पर ही मौत हो गई जबकि एक व्यक्ति ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। चार घायल अब भी PMCH में जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं।

पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई

दनियावां थाने की पुलिस को हादसे की सूचना मिलते ही दल मौके पर पहुंचा। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। दुर्घटनाग्रस्त ऑटो को ज़ब्त कर लिया गया है। वहीं, Truck Auto Collision के बाद ट्रक चालक गाड़ी छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने आसपास के CCTV फुटेज खंगालने शुरू कर दिए हैं ताकि आरोपी की पहचान कर उसे जल्द गिरफ्तार किया जा सके।

स्थानीय लोगों की भूमिका

हादसे की आवाज़ सुनकर आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने अपने स्तर पर घायलों को ऑटो से निकालकर अस्पताल भेजा। लोगों के अनुसार, नज़ारा इतना भयावह था कि ऑटो पूरी तरह मलबे में तब्दील हो गया था। कई महिलाओं के शव बुरी तरह फंसे हुए थे। स्थानीय ग्रामीणों की मदद से घायलों को समय पर अस्पताल पहुंचाया गया।

घायलों का इलाज

घायलों को Patna Medical College and Hospital (PMCH) भेजा गया। डॉक्टरों के अनुसार, चारों घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है। उनमें से दो की स्थिति बेहद नाज़ुक है। घायलों के परिवारजन अस्पताल पहुंचे और खून की ज़रूरत पड़ने पर स्थानीय लोगों ने मदद की। अस्पताल प्रशासन ने कहा है कि इलाज में किसी तरह की कमी नहीं छोड़ी जाएगी।

गांव में मातम

नालंदा जिले के रेरा मलामा गांव में मातम छा गया है। पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। जिन परिवारों के सदस्य इस हादसे में मारे गए हैं, उनके घरों पर रोने-बिलखने की आवाज़ें गूंज रही हैं। लोग कह रहे हैं कि वे गंगा स्नान जैसी धार्मिक यात्रा के लिए निकले थे, लेकिन किस्मत ने उन्हें मौत की राह पर धकेल दिया।

ट्रक ड्राइवर की तलाश

हादसे के बाद ट्रक चालक गाड़ी छोड़कर मौके से फरार हो गया। पुलिस का कहना है कि वह CCTV फुटेज और गवाहों की मदद से उसकी पहचान कर रही है। आरोपी को जल्द गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया गया है। अक्सर देखा गया है कि हादसों के बाद ट्रक चालक भाग निकलते हैं, जिससे पीड़ितों को न्याय मिलने में समय लगता है।

हादसे का असर और जनभावना

हादसे के बाद पूरे इलाके में आक्रोश फैल गया। ग्रामीणों और परिजनों ने सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन की नाकामी पर सवाल उठाए। लोगों का कहना है कि Bihar Accident News आए दिन सामने आती है, लेकिन सरकार और प्रशासन ठोस कदम नहीं उठाते। नेताओं और सामाजिक संगठनों ने पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता देने और सड़क सुरक्षा पर सख्त कदम उठाने की मांग की है।

सड़क सुरक्षा पर सवाल

यह हादसा बिहार में सड़क सुरक्षा की भयावह तस्वीर सामने लाता है। राज्य की सड़कों पर आए दिन Patna Road Accident जैसी घटनाएं हो रही हैं। ऑटो-रिक्शा में अधिक सवारियां भरना और ट्रकों की लापरवाह ड्राइविंग इन हादसों की बड़ी वजह है। ग्रामीण इलाकों में लोग अक्सर साझा ऑटो से लंबी दूरी तय करते हैं, जिससे खतरा और बढ़ जाता है।

जांच और मुआवज़े की उम्मीद

पुलिस ने हादसे की जांच शुरू कर दी है। ट्रक की गति, स्थिति और ड्राइवर की लापरवाही की जांच होगी। प्रशासन ने पीड़ित परिवारों को मुआवज़ा देने का आश्वासन दिया है। सरकार की ओर से आधिकारिक घोषणा का इंतज़ार है।

राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रिया

हादसे की खबर राज्य भर में फैल गई। विपक्षी दलों ने सरकार को घेरा और सड़क सुरक्षा पर सवाल उठाए। वहीं सत्तापक्ष ने कहा कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। कई सामाजिक संगठनों ने पीड़ितों के अंतिम संस्कार में मदद की पेशकश की।

Patna Road Accident ने आठ परिवारों को हमेशा के लिए उजाड़ दिया। सात महिलाओं समेत आठ लोगों की जान गई और चार ज़िंदगी के लिए संघर्ष कर रहे हैं। हादसा सिर्फ एक सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा की अनदेखी का बड़ा सबूत है। जब तक लापरवाह ड्राइविंग पर अंकुश नहीं लगेगा और यातायात नियमों को सख्ती से लागू नहीं किया जाएगा, तब तक ऐसी त्रासदियाँ होती रहेंगी।

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