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बिहार में बाढ़ की मार, गंगा समेत कई नदियां उफान पर, लाखों प्रभावित

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बिहार में गंगा और इसकी सहायक नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंचने के बाद बाढ़ की स्थिति बेहद गंभीर हो गई है। कई जिलों में सड़क संपर्क पूरी तरह टूट गया है, जबकि कई गांव और शहर के निचले इलाके पानी में डूब गए हैं। पटना, भागलपुर, खगड़िया और मुंगेर जैसे जिले बाढ़ के चलते सबसे ज्यादा प्रभावित हैं।

रविवार को भागलपुर शहर के नए निचले इलाकों में गंगा का पानी फैल गया, यहां तक कि विश्वविद्यालय के गेस्ट हाउस में भी पानी भर गया। पटना जिले के दियारा इलाकों का सड़क संपर्क टूट चुका है। नालंदा और बेगूसराय में भी बाढ़ का असर साफ दिखाई दे रहा है। इस बीच, राज्य में बाढ़ के पानी में डूबने से रविवार को 19 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है।

मौतों का सिलसिला जारी

आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, बेगूसराय में आठ, भागलपुर, सीवान, भोजपुर और खगड़िया में दो-दो, जबकि मुंगेर, वैशाली और कटिहार में एक-एक व्यक्ति की डूबकर मौत हुई है। सीमांचल और पूर्वी बिहार के जिलों में भी चार लोगों ने अपनी जान गंवाई। मृतकों में सुपौल से आए एक कांवरिया और भागलपुर की 12 वर्षीय बच्ची शामिल हैं। खगड़िया के तेमथा गांव में 88 वर्षीय बुजुर्ग की मौत रात में शौच के लिए निकलने के दौरान हो गई। कटिहार के अमदाबाद में 65 वर्षीय बुजुर्ग की डूबकर मौत हुई।

बेगूसराय में मां-बेटी समेत आठ लोगों की मौत हुई। शाम्हो में तीन, बछवाड़ा में दो, जबकि साहेबपुरकमाल, मटिहानी और बरौनी में एक-एक व्यक्ति की जान गई। सीवान में एक ही परिवार के दो चचेरे भाइयों की पोखरे में डूबकर मौत हो गई। भोजपुर में बालूचक गांव के 56 वर्षीय राजेंद्र माली और बड़की सिंगही गांव के एक दिव्यांग युवक की जान चली गई।

आठ जिलों में 12.58 लाख से अधिक लोग प्रभावित

आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, आठ जिलों के 230 पंचायतों में 12 लाख 58 हजार से ज्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित हैं।

  • पटना: 24 पंचायत, 1.85 लाख प्रभावित, 104 नावें तैनात

  • भोजपुर: 30 पंचायत, 1.68 लाख प्रभावित, 261 नावें

  • वैशाली: 23 पंचायत, 1.67 लाख प्रभावित, 165 नावें

  • लखीसराय: 4 पंचायत, 11,600 प्रभावित, 23 नावें

  • भागलपुर: 67 पंचायत, 2.37 लाख प्रभावित, 53 नावें

  • मुंगेर: 28 पंचायत, 1.26 लाख प्रभावित, 80 नावें

  • बेगूसराय: 36 पंचायत, 3.15 लाख प्रभावित, 196 नावें

  • सारण: 18 पंचायत, 38,340 प्रभावित, 125 नावें

राज्य भर में 1000 से अधिक नावें चल रही हैं, जबकि राहत और बचाव कार्य के लिए एसडीआरएफ की 22 और एनडीआरएफ की 10 टीमें तैनात की गई हैं।

बक्सर से भागलपुर तक गंगा खतरे के निशान से ऊपर

जल संसाधन विभाग के मुताबिक, गंगा नदी बक्सर से लेकर भागलपुर तक उफान पर है। तटबंधों पर दबाव बढ़ गया है और 24 घंटे निगरानी की जा रही है। कोसी, गंडक, बूढ़ी गंडक, बागमती, अघवारा, पुनपुन, सोन, कमला बलान, भूतही बलान, महानंदा और घाघरा नदियां भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।

ग्रामीण सड़कों पर पानी, शहरों में बढ़ा जलभराव

बाढ़ का असर ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों पर है। भागलपुर, खगड़िया और मुंगेर के कई हिस्सों में पानी भर गया है। भागलपुर-सुल्तानगंज के बीच NH-80 पर आवागमन रोक दिया गया है, जबकि रविवार को भागलपुर से सन्हौला जाने वाली गोराडीह सड़क पर भी बाढ़ का पानी आ गया।

सबौर, कहलगांव और पीरपैंती में कई ग्रामीण सड़कें जलमग्न हैं। गंगा का जलस्तर बढ़ने से शहर में भी पानी का स्तर लगातार बढ़ रहा है।

घड़ियाल का हमला, सात लोग घायल

नाथनगर प्रखंड क्षेत्र की सात पंचायतों में बाढ़ ने तबाही मचाई है। रविवार सुबह राहत शिविर जाते समय एक बड़े घड़ियाल ने सात लोगों पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया। प्रशासन ने बाढ़ग्रस्त इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की अपील की है।

राहत और बचाव में तेजी

सरकार ने प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज कर दिया है। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए नावों की संख्या बढ़ाई गई है। राहत शिविरों में भोजन, पानी और दवाइयों की व्यवस्था की जा रही है। चिकित्सा दल पानी से फैलने वाली बीमारियों पर नजर रख रहे हैं।

मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में और बारिश की संभावना जताई है, जिससे बाढ़ की स्थिति और बिगड़ सकती है। आपदा प्रबंधन विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे सतर्क रहें और जरूरत पड़ने पर प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।

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