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छपरा विधानसभा चुनाव परिणाम : खेसारी लाल यादव पीछे, छोटी कुमारी आगे

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बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के परिणामों की घड़ी आ चुकी है और छपरा विधानसभा सीट पर काउंटिंग शुरू हो गई है। छपरा सीट इस बार राजनीतिक दृष्टिकोण से बेहद हाई-प्रोफाइल है, जहाँ राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के खेसारी लाल यादव और भारतीय जनता पार्टी (BJP) की छोटी कुमारी के बीच सीधी टक्कर हो रही है। छपरा, जो सारण जिले का मुख्यालय है, राजनीतिक और ऐतिहासिक दृष्टि से भी काफी महत्वपूर्ण है। इस सीट पर जीत का मतलब सिर्फ स्थानीय क्षेत्र की राजनीति में ही नहीं, बल्कि राज्य की राजनीति में भी बदलाव हो सकता है।

मुख्य उम्मीदवार: खेसारी लाल यादव और छोटी कुमारी

इस बार के चुनाव में खेसारी लाल यादव ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की है। वे भोजपुरी सिनेमा के एक प्रमुख सितारे हैं और अब उन्होंने राजनीति में अपनी किस्मत आजमाने का फैसला किया है। वे RJD के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। वहीं, BJP ने इस सीट पर छोटी कुमारी को उम्मीदवार बनाया है। छोटी कुमारी भाजपा के लिए इस सीट को बचाने की कोशिश कर रही हैं, जबकि खेसारी लाल यादव RJD के लिए छपरा सीट पर कब्जा करने की चुनौती पेश कर रहे हैं।

छपरा विधानसभा सीट पर पिछले कुछ चुनावों में BJP का दबदबा रहा है, और 2020 एवं 2015 के विधानसभा चुनावों में बीजेपी ने यह सीट अपने नाम की थी। 2020 में BJP के C.N. Gupta ने जीत दर्ज की थी, और इस बार उनके स्थान पर छोटी कुमारी को उम्मीदवार बनाया गया है। अब यह देखना होगा कि क्या BJP इस सीट को फिर से जीत पाती है या फिर खेसारी लाल यादव अपनी पार्टी के लिए नई राह खोल पाते हैं।

काउंटिंग के शुरुआती परिणाम

काउंटिंग के पहले दौर में, भारतीय जनता पार्टी की छोटी कुमारी ने बढ़त बनाई है। शुरुआती रुझानों में भाजपा की उम्मीदवार, छोटी कुमारी, खेसारी लाल यादव से आगे निकल गई हैं। 9:48 AM तक के परिणामों के अनुसार, छोटी कुमारी 974 वोटों से खेसारी लाल यादव से आगे चल रही हैं। हालांकि, काउंटिंग के दौरान स्थिति में उतार-चढ़ाव आ सकते हैं, क्योंकि चुनाव परिणामों में पहले से कोई स्पष्ट रुझान नहीं है।

चुनाव के पहले रुझान

  • 8:15 AM: शुरुआत में खेसारी लाल यादव थोड़े पीछे थे, जबकि भाजपा की छोटी कुमारी ने बढ़त बना ली थी।

  • 8:54 AM: खेसारी लाल यादव ने फिर से बढ़त बनाई थी, लेकिन भाजपा की छोटी कुमारी ने थोड़ी देर बाद अपनी स्थिति मजबूत कर ली थी।

  • 9:48 AM: अब तक के रुझानों में भाजपा की छोटी कुमारी का प्रदर्शन बेहतर दिख रहा है, जबकि खेसारी लाल यादव थोड़े पीछे हैं।

छपरा का ऐतिहासिक और राजनीतिक महत्व

छपरा सिर्फ एक राजनीतिक केंद्र नहीं है, बल्कि एक ऐतिहासिक धरोहर भी है। यह घाघरा और गंगा नदियों के संगम पर स्थित है और प्राचीन कोसल साम्राज्य का हिस्सा भी रहा था। यहां कई प्राचीन मंदिर और धार्मिक स्थल हैं। इनमें से अंबिका भवानी मंदिर खास प्रसिद्ध है, जहाँ देवी सती के पिता राजा दक्ष का ‘यज्ञ कुंड’ होने की मान्यता है। कहा जाता है कि जब राजा दक्ष ने भगवान शिव का अपमान किया था, तब देवी सती ने उसी यज्ञ कुंड में कूदकर आत्महत्या कर ली थी।

इतिहासकारों का कहना है कि छपरा का उल्लेख सम्राट अकबर के शासनकाल के समय ‘आईन-ए-अकबरी’ में भी मिलता है। यह क्षेत्र अकबर के शासन में बिहार के छह राजस्व डिवीजनों में से एक था।

छपरा का राजनीतिक इतिहास

छपरा विधानसभा सीट 1957 में अस्तित्व में आई और अब तक कुल 17 विधानसभा चुनाव हो चुके हैं। कांग्रेस ने इस सीट पर चार बार जीत हासिल की, जिसमें उसकी आखिरी जीत 1972 में हुई थी। भारतीय जनसंघ (जो अब भाजपा है) ने भी इस सीट पर चार बार विजय प्राप्त की है। वर्तमान में भाजपा के चतुर्भुज नाथ गुप्ता (C.N. Gupta) दो बार इस सीट पर जीत चुके हैं।

आरजेडी, जनता पार्टी, और निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी यहां पर कुछ बार जीत दर्ज की है, जबकि अन्य पार्टियों जैसे प्रजा सोशलिस्ट पार्टी, जनता दल और जेडी(यू) ने एक-एक बार जीत हासिल की है।

लोकसभा और विधानसभा चुनाव परिणाम

लालू प्रसाद यादव ने चार बार छपरा/सारण लोकसभा सीट पर जीत हासिल की है। हालांकि, 2024 के लोकसभा चुनाव में उनकी बेटी रोहिणी आचार्य को भाजपा के राजीव प्रताप रूडी से हार का सामना करना पड़ा था। राजीव प्रताप रूडी ने 2014, 2019 और 2024 में लगातार जीत हासिल की है, जिससे उनकी मजबूत पकड़ इस क्षेत्र में साफ झलकती है।

पिछले विधानसभा चुनावों के परिणाम

2020 विधानसभा चुनाव में BJP के C.N. Gupta ने 75,710 वोटों के साथ जीत हासिल की थी, जबकि RJD के रणधीर कुमार सिंह को 68,939 वोट मिले थे।

छपरा विधानसभा सीट पर अब तक की काउंटिंग के रुझान यह दिखाते हैं कि दोनों प्रमुख उम्मीदवारों के बीच कड़ी टक्कर है। खेसारी लाल यादव और छोटी कुमारी दोनों ही अपनी पार्टी की ओर से सीट जीतने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। छपरा की राजनीति में ये नतीजे महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत दे सकते हैं।

फिलहाल, यह देखना बाकी है कि क्या खेसारी लाल यादव अपनी भोजपुरी स्टार पॉपुलैरिटी का फायदा उठाकर चुनाव जीतने में सफल होंगे, या फिर छोटी कुमारी भाजपा के लिए यह सीट बचा पाती हैं। जैसे-जैसे काउंटिंग आगे बढ़ेगी, यह स्थिति और भी स्पष्ट होगी।

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