होमBiharबिहार मौसम अपडेट: बिहार में ठंड ने दी दस्तक, तापमान में आई...

बिहार मौसम अपडेट: बिहार में ठंड ने दी दस्तक, तापमान में आई गिरावट

Published on

बिहार में ठंड की शुरुआत हो गई है और यह बदलाव अब साफ नजर आने लगा है। सुबह और शाम के समय सिहरन का अहसास हो रहा है और रात का तापमान गिरकर 18°C तक पहुँच गया है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस साल ला नीना के प्रभाव से बिहार में कड़ाके की ठंड पड़ने की संभावना है। इसके अलावा, इस बार मानसून की कमी के कारण बारिश भी सामान्य से 31% कम हुई है।

बिहार में ठंड का असर: मौसम में आई हल्की सिहरन

जब मानसून पूरी तरह से बिहार से विदा नहीं हुआ था, तब से ही ठंड का असर महसूस होना शुरू हो गया था। ठंडी हवाओं ने बिहार के दरवाजे पर दस्तक दे दी है और सुबह-शाम का मौसम सर्दी का अहसास दिला रहा है। रात का तापमान 18°C से 20°C के बीच बना हुआ है, जबकि दिन के समय भी धूप अब उतनी तेज नहीं रही, जिससे मौसम अब और अधिक प्यारा और हल्का महसूस हो रहा है।

लोग अब अपने घरों में चादर और रजाइयाँ निकालने लगे हैं क्योंकि ठंड धीरे-धीरे बढ़ रही है। बिहार में इस समय सर्दी का मौसम शुरू हो चुका है और यह संकेत है कि आने वाला मौसम काफी सर्द हो सकता है।

इस बार होगी सर्दी की कड़ी मार

मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, इस साल बिहार में कड़ाके की ठंड पड़ने की संभावना है। नवंबर के मध्य से ही सर्दी का असर बढ़ने लगेगा और दिसंबर-जनवरी तक यह और भी अधिक तीव्र हो सकता है। इस बार के सर्दी के मौसम को हड्डियाँ कंपाने वाली ठंड कहा जा सकता है।

सर्दी की शुरुआत जल्दी होने के साथ-साथ यह भी उम्मीद जताई जा रही है कि यह लंबा चलेगा। ऐसा इसलिए क्योंकि इस साल ला नीना का असर अधिक होगा। ला नीना एक जलवायु घटना है, जिसमें प्रशांत महासागर के पानी का तापमान सामान्य से कम रहता है। इसके कारण हवा की दिशा और तापमान पर असर पड़ता है, जिससे ठंडी हवाएँ अधिक मात्रा में भारत में आनी शुरू हो जाती हैं।

ला नीना का असर: ठंडी हवाओं का बढ़ा प्रवाह

इस बार ला नीना के प्रभाव के कारण बिहार में ठंड अधिक रहेगी। इसका मतलब है कि इस साल सर्दी का असर ज्यादा रहेगा और यह पहले शुरू होगा और ज्यादा समय तक रहेगा। प्रशांत महासागर के पानी के तापमान के सामान्य रहने से वातावरण में ठंडी हवाएँ ज्यादा प्रभावी हो रही हैं। इन हवाओं का प्रवाह बिहार तक पहुंचने पर यहां का मौसम सर्द रहेगा।

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यह ठंड बिहार में पहले आएगी और ज्यादा समय तक रहेगी। लोग पहले से ही मौसम में इस बदलाव को महसूस करने लगे हैं।

बिहार में आज का मौसम: सर्दी का असर बढ़ेगा

बिहार में आज का मौसम शुष्क रहेगा, और राज्य के विभिन्न हिस्सों में सुबह के समय ओस की बूंदे दिखाई देंगी। ग्रामीण इलाकों में सुबह घना कोहरा छाया रहेगा, जबकि शहरों में यह कम होगा। सुबह और शाम के समय ठंड का असर ज्यादा होगा, जबकि दिन में हल्की धूप रहेगी, जिससे तापमान में हल्का इजाफा हो सकता है।

आज के मौसम का अनुमान है कि राज्य का अधिकतम तापमान 28°C से 32°C के बीच और न्यूनतम तापमान 18°C से 22°C के बीच रह सकता है।

मानसून की विदाई: बारिश में कमी

बिहार में मानसून की वापसी की प्रक्रिया 10 अक्टूबर से शुरू हो गई थी और 13 अक्टूबर तक पूरी तरह से समाप्त हो गई। इस बार राज्य में मानसून के दौरान बारिश सामान्य से 31% कम हुई। इस वर्ष, बिहार में कुल 686.3 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जो कि सामान्य 992.2 मिमी से काफी कम है।

यह वर्षा की कमी खासतौर पर कृषि पर प्रभाव डाल सकती है, और किसानों को आगामी फसल के लिए चिंता हो सकती है। इसके अलावा, कम बारिश के कारण हवा में नमी भी कम हो गई है, जिससे ठंड और भी तीव्र महसूस हो रही है।

प्रमुख शहरों का तापमान और AQI:

बिहार के प्रमुख शहरों में भी मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है, और विभिन्न शहरों में तापमान और वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) में भी फर्क है।

  • पटना: अधिकतम तापमान 31.5°C और न्यूनतम तापमान 23.5°C है। AQI 156 है, जो मध्यम स्तर की प्रदूषण स्थिति को दर्शाता है।

  • मुजफ्फरपुर: अधिकतम तापमान 29.8°C और न्यूनतम तापमान 23°C है। AQI 115 है, जो कि बेहतर एयर क्वालिटी को दर्शाता है।

  • गया: यहां अधिकतम तापमान 30°C और न्यूनतम 21.5°C है। AQI 149 है, जो मध्यमान प्रदूषण की स्थिति को बताता है।

  • पूर्णिया: अधिकतम तापमान 33.4°C और न्यूनतम तापमान 21.1°C है। AQI 119 है, जो बेहतर वायु गुणवत्ता को दर्शाता है।

  • भागलपुर: अधिकतम तापमान 31.4°C और न्यूनतम तापमान 22°C है। AQI 154 है, जो मध्यम स्तर के प्रदूषण की स्थिति को दिखाता है।

बिहार में ठंड ने दस्तक दे दी है, और आने वाले महीनों में सर्दी का असर और भी बढ़ेगा। ला नीना के प्रभाव के कारण इस बार ठंड ज्यादा सख्त और लंबी रहेगी। लोग पहले से ही ठंड का एहसास कर रहे हैं और मौसम के इस बदलाव के साथ तैयार हो रहे हैं।

इस बार के सर्दी के मौसम को लेकर आशंका जताई जा रही है कि यह ज्यादा गंभीर हो सकता है, और साथ ही कम बारिश के कारण हवा में ठंडक और ज्यादा महसूस होगी। बिहारवासियों को इस ठंडी के मौसम के लिए पूरी तैयारी करनी होगी, और अधिक सर्दी के असर से बचने के लिए उचित उपायों का पालन करना होगा।

Read this article in

KKN लाइव WhatsApp पर भी उपलब्ध है, खबरों की खबर के लिए यहां क्लिक करके आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं।

KKN Public Correspondent Initiative


Discover more from

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Latest articles

छोटी बच्चियों में देवी का दर्शन या स्त्री के सम्मान की सबसे बड़ी सामाजिक कसौटी?

नवरात्र की अष्टमी या नवमी। पूजा का मंडप सजा है। छोटी-छोटी बच्चियों को आसन...

हवन से शुद्ध होती है हवा या बढ़ता है प्रदूषण?

दुर्गा पूजा की अग्नि पर विज्ञान की बड़ी पड़ताल दुर्गा पूजा की अंतिम आहुतियों के...

दुर्गा पूजा मातृशक्ति का सम्मान है या समाज के सामने एक अधूरा सवाल?

जिस समाज में स्त्री को देवी मानकर पूजा जाता है, उसी समाज में उसकी...

क्या मिट्टी के पात्र में रखा जल सचमुच याद रखता है मंत्रों की ऊर्जा?

एक मिट्टी का पात्र। उसमें भरा जल। उसके मुहाने पर रखे आम के पत्ते...

More like this

दुर्गा पूजा के मंत्रों का शरीर और मस्तिष्क पर क्या असर होता है?

कल्पना कीजिए—एक व्यक्ति आंखें बंद करके ‘ॐ’ का उच्चारण कर रहा है। उसके सामने...

दुर्गा पूजा के विधान में छिपा है विज्ञान: पौधों से मनोविज्ञान तक, क्या कहती है दुनिया की रिसर्च?

दुर्गा पूजा में नौ दिनों की साधना है, मंत्र हैं, पुष्प हैं, धूप-दीप हैं,...

दुर्गा पूजा के पांच अनसुने आध्यात्मिक रहस्य: नौ पौधों में देवी का स्वरूप, प्रकृति में शक्ति और मनुष्य के भीतर का महिषासुर

दुर्गा पूजा में हम देवी की प्रतिमा के सामने सिर झुकाते हैं, पुष्प चढ़ाते...

मीनापुर 2030: अगले पांच साल में यह इलाका किस दिशा में जाएगा? बाढ़, सड़क, खेती, रोजगार और बदलते गांवों की पूरी दास्तान

मीनापुर का भविष्य किसी एक चुनाव या एक परियोजना से तय नहीं होगा मीनापुर के...

मीनापुर के गांवों को स्मार्टफोन ने कितना बदला? खेती, पढ़ाई और रोजगार की नई कहानी

मीनापुर के गांव में अब जेब में सिर्फ फोन नहीं, पूरा बाजार है मीनापुर के...

मीनापुर की महिलाएं घर चलाने में कितना योगदान देती हैं? गांव की छिपी अर्थव्यवस्था का सच

मीनापुर की अर्थव्यवस्था का आधा हिस्सा शायद दिखाई ही नहीं देता मीनापुर की अर्थव्यवस्था का...

बागमती की पुरानी धारा फिर जगी तो मीनापुर में क्या बदलेगा? बाढ़ से राहत या नई मुसीबत—बेलवा डैम से बूढ़ी गंडक तक

मीनापुर के लिए यह सिर्फ नदी की खुदाई नहीं है मीनापुर में बागमती की पुरानी...

मीनापुर के युवा बाहर क्यों जा रहे हैं? गांव से महानगर तक जानिए पलायन की पूरी दास्तान

सवाल सिर्फ नौकरी का नहीं, घर छोड़ने की मजबूरी का है मीनापुर के किसी गांव...

विधानसभा में उठेगा ग्रामीण पत्रकारों की सुरक्षा और पेंशन का मुद्दा, पारू व लालगंज विधायकों ने दिया भरोसा

मीडिया फॉर बॉर्डर हार्मोनी के ‘हमारी आवाज’ कार्यक्रम में पत्रकारों ने सर्वसम्मति से पारित...

बिहार का पलायन: क्या रोज़गार की तलाश में निकलती पीढ़ियां कभी लौटेंगी?

बिहार के किसी छोटे से गांव में शाम ढलते ही अगर आप बस अड्डे,...

कहां गुम हो रही हैं बिहार की बेटियां?

गुमशुदगी का आंकड़ा गंभीर है एक लड़की घर से निकलती है। परिवार समझता है कि...

बिहार में बारिश और तेज हवा ने फिर बदला मौसम का मिजाज, 26 जिलों में अलर्ट; आखिर कब थमेगा यह सिलसिला?

आसमान में बादल हैं। रुक-रुक कर बारिश लगातार हो रही है, अचानक तेज बौछार...

क्या एक विधायक पांच साल में अपने क्षेत्र की तस्वीर बदल सकता है?

KKN ब्यूरो। विधायक के पास अपने विधानसभा क्षेत्र के लिए 5 वर्षों में 20...

एक सच, दो नज़रिया: दिमाग की गलती, समाज का असर या सोच का खेल?

क्यों एक ही तथ्य किसी को अवसर लगता है, तो किसी को खतरा? क्या...

मीनापुर की जुड़वा बहनों ने CSIR-NET में लहराया परचम, शनाया को ऑल इंडिया 92वीं रैंक

मुजफ्फरपुर के मीनापुर प्रखंड की जुड़वा बहनों शनाया निशांत और शोनाया निशांत ने CSIR-NET...