होमBiharArariaबिहार मौसम अलर्ट: सुपौल, अररिया, किशनगंज और पूर्वी चंपारण में भारी बारिश...

बिहार मौसम अलर्ट: सुपौल, अररिया, किशनगंज और पूर्वी चंपारण में भारी बारिश और आंधी की चेतावनी

Published on

KKN गुरुग्राम डेस्क | बिहार में अचानक बदले मौसम के कारण लोगों को भीषण गर्मी से कुछ राहत मिली है, लेकिन इसके साथ ही मौसम विभाग ने राज्य के कई जिलों में भारी बारिश, तेज आंधी और वज्रपात की चेतावनी जारी की है। सुपौल, अररिया, किशनगंज और पूर्वी चंपारण जिलों में अगले कुछ दिनों में तेज हवाओं के साथ भारी वर्षा होने की संभावना है।

मौसम विभाग के अनुसार, इन जिलों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चल सकती है। लोगों से अपील की गई है कि वे सतर्क रहें और सुरक्षित स्थानों पर रहें।

मौसम में बदलाव का कारण: पुरवा हवा

बिहार में यह मौसम परिवर्तन पुरवा (पूर्वी दिशा से चलने वाली) हवाओं के कारण हुआ है। इन हवाओं के चलते वातावरण में नमी बढ़ी है और कई जिलों में बादल छाने के साथ-साथ गरज के साथ बारिश हुई है। इससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई है।

पटना मौसम विज्ञान केंद्र ने जानकारी दी है कि अगले 5 से 6 दिनों तक आंधी-पानी की स्थिति बनी रहेगी। यानी यह स्थिति केवल एक-दो दिन की नहीं बल्कि लगभग पूरे सप्ताह तक चल सकती है।

कौन-कौन से जिले प्रभावित होंगे?

मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे में पटना सहित 12 जिलों में हल्की से मध्यम बारिश और मेघ गर्जन की संभावना जताई है। यह जिले हैं:

  • पटना

  • बक्सर

  • भोजपुर

  • अरवल

  • जहानाबाद

  • नालंदा

  • शेखपुरा

  • बेगूसराय

  • मुंगेर

  • खगड़िया

  • भागलपुर

  • लखीसराय

इसके अलावा, कैमूर, रोहतास, गया, नवादा, जमुई और बांका जिलों में भी 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की संभावना है। इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

कहाँ-कहाँ हुई बारिश?

बीते 24 घंटों में राज्य के कई जिलों में भारी बारिश दर्ज की गई है। बारिश के प्रमुख आँकड़े इस प्रकार हैं:

जिला / स्थान वर्षा (मिमी में)
पूर्णिया (ढेंगराघाट) 158.6 मिमी
नरपतगंज (अररिया) 140 मिमी
फारबिसगंज (अररिया) 120.4 मिमी
कस्बा (पूर्णिया) 104.8 मिमी
किशनगंज 94.4 मिमी
अररिया 79.4 मिमी
रानीगंज (अररिया) 79.2 मिमी
श्रीनगर (पूर्णिया) 71.4 मिमी
कदवा (कटिहार) 63.4 मिमी
बीरपुर (सुपौल) 59 मिमी
जोकिहाट (अररिया) 52.4 मिमी
बैसी (पूर्णिया) 50.2 मिमी
बहादुरगंज (किशनगंज) 41.4 मिमी
बलरामपुर (कटिहार) 36.4 मिमी
छत्तरपुर (सुपौल) 33.2 मिमी
औरंगाबाद 30.4 मिमी
जयनगर (मधुबनी) 28.8 मिमी

इन आँकड़ों से स्पष्ट है कि बिहार के उत्तर-पूर्वी जिलों में सबसे ज्यादा वर्षा दर्ज की गई है।

तापमान में गिरावट से राहत, लेकिन खतरा भी

बारिश और बादलों के चलते गर्मी से राहत जरूर मिली है लेकिन बिजली गिरने और आंधी से जान-माल के नुकसान का खतरा भी बढ़ गया है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि अगले कुछ दिनों तक तापमान में विशेष बदलाव नहीं होगा लेकिन हवा और बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी।

पटना का अधिकतम तापमान सोमवार को 32.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जबकि डेहरी में यह 39.2 डिग्री सेल्सियस रहा, जो राज्य का सबसे गर्म स्थान रहा।

क्या करें और क्या न करें – सुरक्षा के उपाय

राज्य सरकार और आपदा प्रबंधन विभाग ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। कुछ आवश्यक सावधानियां इस प्रकार हैं:

  • आंधी-तूफान के समय खुले में न निकलें

  • बिजली गिरने के दौरान मोबाइल फोन का प्रयोग न करें

  • बिजली के खंभों और पेड़ों से दूर रहें

  • घर के बाहर रखे हल्के सामान सुरक्षित स्थान पर रखें

  • किसान फसलों की कटाई या भंडारण में सावधानी बरतें

पूर्वानुमान: अगले कुछ दिन ऐसे ही रहेंगे हालात

मौसम विभाग के अनुसार, बिहार में यह स्थिति कम से कम पांच दिनों तक बनी रह सकती है। अधिकतम तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा लेकिन बारिश और आंधी की गतिविधियों में उतार-चढ़ाव बना रहेगा।

इस समय सावधानी और जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है।

बिहार में गर्मी से राहत की यह बारिश वरदान साबित हो सकती है, लेकिन यदि लोग सतर्क न रहें तो यह भारी नुकसान का कारण भी बन सकती है। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली गिरने की घटनाएं हर साल जानलेवा साबित होती हैं।

इसलिए जरूरी है कि लोग मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लें और सुरक्षा उपायों को अपनाएं।

Read this article in

KKN लाइव WhatsApp पर भी उपलब्ध है, खबरों की खबर के लिए यहां क्लिक करके आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं।

KKN Public Correspondent Initiative


Discover more from

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Latest articles

मीनापुर में जदयू का ‘संवाद’ या संगठन के भीतर उठती बेचैनी?

मनीष वर्मा के सामने खुली कार्यकर्ताओं की परत-दर-परत पीड़ा KKN ब्यूरो। मीनापुर में रविवार का...

ट्रंप के दौर में क्या अमेरिका की वैश्विक साख घटी? आंकड़े क्या कहते हैं

KKN ब्यूरो। एक समय था जब दुनिया के किसी संकट पर एक सवाल लगभग...

एक सच, दो नज़रिया: दिमाग की गलती, समाज का असर या सोच का खेल?

क्यों एक ही तथ्य किसी को अवसर लगता है, तो किसी को खतरा? क्या...

विश्वकर्मा पूजा: मशीन पर फूल चढ़ाने की परंपरा या इंसान के हुनर को सलाम?

ऋग्वेद के ‘विश्वकर्मन्’ से आधुनिक कारखाने तक पहुंची परंपरा में आखिर छिपा संदेश क्या...

More like this

एक सच, दो नज़रिया: दिमाग की गलती, समाज का असर या सोच का खेल?

क्यों एक ही तथ्य किसी को अवसर लगता है, तो किसी को खतरा? क्या...

मीनापुर की जुड़वा बहनों ने CSIR-NET में लहराया परचम, शनाया को ऑल इंडिया 92वीं रैंक

मुजफ्फरपुर के मीनापुर प्रखंड की जुड़वा बहनों शनाया निशांत और शोनाया निशांत ने CSIR-NET...

बिहार की सड़कें बन गईं मौत की सड़क? 5 साल में 34% बढ़े हादसे, 9,347 लोगों की गई जान

आंकड़ों का एक्स-रे: दुर्घटनाएं बढ़ीं, मौतें उससे भी तेज बढ़ीं KKN ब्यूरो। एक सड़क। एक...

लग गया ट्रांसफार्मर; किसानों की लड़ाई रंग लाई

जिस समस्या के समाधान की उम्मीद किसानों ने लगभग छोड़ दी थी, आखिरकार उसी...

बिहार की बाढ़: पानी उतर जाएगा, लेकिन कब तक पटरी पर लौटेंगी लोगों की जिंदगी?

क्या बाढ़ आने के बाद नाव भेज देना, राहत शिविर खोल देना और कुछ...

ध्वनि प्रदूषण: जुलूस आगे बढ़ता रहा… लेकिन, कानों में पड़ने वाला शोर वहीं रह गया

डीजे की धुन पर नाचते बच्चों को देखकर भीड़ तालियां बजाती है। किसी को...

क्या नकारात्मक सोच इंसान को उसी अंधेरे में धकेल देती है, जिसे वह दुनिया में खोज रहा होता है?

हर घटना में षड्यंत्र, हर परंपरा में खामी, हर व्यक्ति में स्वार्थ और हर...

डैम, मानव सभ्यता की प्यास बुझाने वाला वरदान या आने वाली पीढ़ियों के लिए खड़ा किया जा रहा जल-खतरा?

नदियों को बांधकर इंसान ने पानी, बिजली और खेती पर नियंत्रण हासिल किया। लेकिन...

बिहार की जेन-जी के सामने सबसे बड़ा सवाल: नौकरी मिलेगी या भविष्य बदलेगा?

सम्राट चौधरी सरकार ने युवाओं के लिए रोजगार, कौशल, शिक्षा, इंटर्नशिप और परीक्षा सुधार...

मीनापुर में बनेगा शहीद स्मृति पार्क, रामपुरहरि में प्रस्तावित है भव्य तोरण द्वार

अमर शहीद जुब्बा सहनी, वांगुर सहनी और पंडित सहदेव झा समेत स्वतंत्रता सेनानियों की...

मीनापुर में भूमि सर्वेक्षण: जमीन आपकी, लेकिन रिकॉर्ड में किसका नाम?

पुराने खतियान, बदली हुई चौहद्दी और अधूरे उत्तराधिकार के बीच रैयतों के सामने नई...

मीनापुर में गूंजा जश्न-ए-आजादी: शहीद स्मृति पार्क और भव्य तोरण द्वार बनाने का ऐलान

क्रांति महोत्सव-2026 में विधायक अजय कुमार ने की घोषणा, विधान पार्षद वंशीधर ब्रजवासी बोले—राजकीय...

बांकीपुर: कैसे टूटा भाजपा का अभेद्य किला, क्यों बना प्रशांत किशोर बिहार की राजनीति का नया केंद्र?

KKN ब्यूरो। बिहार की राजनीति में कई चुनाव हुए, कई सरकारें बनीं और बदलीं।...

बांकीपुर का उपचुनाव: एक सीट की लड़ाई या बिहार की राजनीति का टर्निंग पॉइंट?

एक सीट... लेकिन पूरे बिहार की निगाहें क्यों? KKN ब्यूरो। भारतीय लोकतंत्र में कुछ चुनाव...

बिहार में भूमि सर्वेक्षण और भूमाफिया का कॉकटेल?

क्या रिकॉर्ड सुधार की मुहिम में सेंध लगा रहे हैं फर्जी दावेदार KKN ब्यूरो। जमीन...