होमBiharबिहार चुनाव 2025: सर्वे के चौंकाने वाले आंकड़े! एनडीए आगे या महागठबंधन...

बिहार चुनाव 2025: सर्वे के चौंकाने वाले आंकड़े! एनडीए आगे या महागठबंधन का बाजी? जानें पूरी कहानी

Published on

बिहार चुनाव 2025 सर्वे रिज़ल्ट्स – एनडीए बनाम महागठबंधन

KKN ब्यूरो। बड़ी खबर: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर आया है सबसे ताजा सर्वे! इस बार का मुकाबला सिर्फ एनडीए और महागठबंधन के बीच नहीं रह गया है। प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी ने पूरी तरह से चुनावी समीकरण बदल कर रख दिया है।

सर्वे की चौंकाने वाली हकीकत

ASCendia के ताजा सर्वे के मुताबिक बिहार में राजनीतिक तस्वीर कुछ यूं है:

  • एनडीए: 47 सीटों पर स्पष्ट बढ़त
  • महागठबंधन: 19 सीटों पर आगे
  • बाकी सीटों: कांटे की टक्कर में

यह सर्वे 18 जिलों और सभी 9 प्रशासनिक इकाइयों में किया गया है, जो बिहार की वास्तविक राजनीतिक स्थिति को दर्शाता है।

क्षेत्रवार हालात: कहां किसका दबदबा

पूर्णिया क्षेत्र: स्थिरता का मामला

  • 24 सीटें | 46% मुस्लिम आबादी | 14% अनुसूचित जाति
  • 2020 में एनडीए: 12 सीटें (36% वोट)
  • 2025 में बदलाव: न के बराबर
  • महागठबंधन इस बार बेहतर स्थिति में
  • जन सुराज का सीमित प्रभाव

भोजपुर: प्रशांत किशोर का गढ़

  • 22 सीटें | 9% मुस्लिम | 22% अनुसूचित जाति
  • 2020: एनडीA केवल 2 सीटें (28% वोट)
  • 2025: एनडीए की वापसी की प्रबल संभावना
  • महागठबंधन 2020 की 19 सीटों से पीछे
  • जन सुराज यहां सबसे मजबूत!

सारण: तीन-तरफा जंग

  • 24 सीटें | 15% मुस्लिम + SC आबादी
  • एनडीए-महागठबंधन में बराबरी की लड़ाई
  • 2020: महागठबंधन 15, एनडीए 9 सीटें
  • प्रशांत किशोर की मजबूत पकड़

पटना: राजधानी का फैसला

  • 21 सीटें | 7% मुस्लिम | 22% SC
  • 2020 में एनडीए-महागठबंधन में बराबरी (11-10)
  • इस बार भी समान स्थिति का अनुमान
  • जन सुराज यहां गेम चेंजर बन सकती है

समग्र तस्वीर: 2020 जैसी स्थिति

राज्यभर के आंकड़ों को देखें तो:

  • एनडीA: 47 सीटों पर बढ़त
  • महागठबंधन: 19 सीटों पर आगे
  • 177 सीटें: अभी भी अनिश्चितता में

यह वही स्थिति है जो 2020 के चुनाव में थी जब एनडीए ने 125 सीटें जीतकर बाल-बाल बहुमत हासिल किया था।

प्रशांत किशोर फैक्टर: किसे फायदा, किसे नुकसान

जन सुराज पार्टी का प्रभाव:

  • दक्षिण बिहार में सबसे मजबूत (10-12% समर्थन)
  • उत्तर बिहार में कम प्रभाव (8-10%)
  • 40 मुस्लिम उम्मीदवार उतारने की योजना
  • महागठबंधन के लिए सबसे बड़ा खतरा

विशेषज्ञों की राय: सबसे ज्यादा नुकसान महागठबंधन को हो सकता है क्योंकि सरकार-विरोधी वोट बंट जाएगा।

आखिर में होगा क्या

  1. पारंपरिक वोट बैंक अपनी जगह पर कायम
  2. जातीय समीकरण अभी भी प्रमुख कारक
  3. प्रशांत किशोर किंग नहीं तो किंगमेकर जरूर
  4. त्रिशंकु विधानसभा की प्रबल संभावना
  5. 2020 जैसा रोमांचक मुकाबला फिर से

अंतिम फैसला: मतदाता के हाथ में

चुनाव आयोग 6 अक्टूबर के बाद घोषणा कर सकता है। छठ पूजा के बाद नवंबर में मतदान की संभावना है।

243 सीटों के लिए होने वाला यह युद्ध सिर्फ बिहार का नहीं बल्कि राष्ट्रीय राजनीति की दिशा तय करेगा।

? यह रिपोर्ट आपको कैसी लगी? कमेंट में बताएं आपकी राय क्या है बिहार चुनाव को लेकर!

KKN लाइव WhatsApp पर भी उपलब्ध है, खबरों की खबर के लिए यहां क्लिक करके आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं।

KKN Public Correspondent Initiative


Discover more from

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Latest articles

नेपाल की सुलगती सरहद: सांप्रदायिक हिंसा, राजनीतिक बेचैनी और भारत के लिए बढ़ती चुनौती

जब पड़ोसी देश में आग लगती है, तो धुआं सीमाएं नहीं पहचानता... KKN ब्यूरो। भारत...

पूर्व मेयर समीर कुमार हत्याकांड में बड़ा फैसला: साक्ष्यों के अभाव में छह आरोपी बरी, कोर्ट ने जांच और अभियोजन पर उठाए सवाल

आठ साल पुराने चर्चित हत्याकांड में अदालत का फैसला KKN ब्यूरो। बिहार के मुजफ्फरपुर शहर...

मीनापुर के प्रथम विधायक जनक सिंह की 112वीं जयंती पर ‘अग्रदूत’ पुस्तक का हुआ लोकार्पण

मीनापुर के प्रथम विधायक को श्रद्धांजलि, 'अग्रदूत' पुस्तक बनी उनकी विरासत का दस्तावेज़ KKN ब्यूरो।...

बांकीपुर: कैसे टूटा भाजपा का अभेद्य किला, क्यों बना प्रशांत किशोर बिहार की राजनीति का नया केंद्र?

KKN ब्यूरो। बिहार की राजनीति में कई चुनाव हुए, कई सरकारें बनीं और बदलीं।...

More like this

नेपाल की सुलगती सरहद: सांप्रदायिक हिंसा, राजनीतिक बेचैनी और भारत के लिए बढ़ती चुनौती

जब पड़ोसी देश में आग लगती है, तो धुआं सीमाएं नहीं पहचानता... KKN ब्यूरो। भारत...

मीनापुर के प्रथम विधायक जनक सिंह की 112वीं जयंती पर ‘अग्रदूत’ पुस्तक का हुआ लोकार्पण

मीनापुर के प्रथम विधायक को श्रद्धांजलि, 'अग्रदूत' पुस्तक बनी उनकी विरासत का दस्तावेज़ KKN ब्यूरो।...

बांकीपुर: कैसे टूटा भाजपा का अभेद्य किला, क्यों बना प्रशांत किशोर बिहार की राजनीति का नया केंद्र?

KKN ब्यूरो। बिहार की राजनीति में कई चुनाव हुए, कई सरकारें बनीं और बदलीं।...

बांकीपुर का उपचुनाव: एक सीट की लड़ाई या बिहार की राजनीति का टर्निंग पॉइंट?

एक सीट... लेकिन पूरे बिहार की निगाहें क्यों? KKN ब्यूरो। भारतीय लोकतंत्र में कुछ चुनाव...

बिहार में भूमि सर्वेक्षण और भूमाफिया का कॉकटेल?

क्या रिकॉर्ड सुधार की मुहिम में सेंध लगा रहे हैं फर्जी दावेदार KKN ब्यूरो। जमीन...

बिहार की सड़कें समय से पहले क्यों टूट जाती हैं?

जब सड़क टूटती है, तो केवल डगर नहीं बिखरता... KKN ब्यूरो। बारिश की पहली फुहार...

तीन दशक की राजनीति जिसने बांकीपुर की पहचान बदल दी

कौशलेन्द्र झा KKN। आज बांकीपुर का नाम आते ही सबसे पहले भारतीय जनता पार्टी का...

एक सीट… कई संदेश: आखिर क्यों पूरे बिहार की नजर बांकीपुर पर है?

क्या बांकीपुर का फैसला सिर्फ एक विधायक चुनेगा या बिहार की राजनीति की नई...

बांकीपुर की जंग: भाजपा का अभेद्य किला या प्रशांत किशोर की पहली राजनीतिक परीक्षा?

**KKN Live Special | Election Report KKN ब्यूरो। बिहार की राजनीति में कई चुनाव ऐसे...

बंटी यादव हत्याकांड: आखिर सच क्या है? पुलिस की कहानी और परिवार के आरोपों के बीच उलझी जांच

KKN ब्यूरो। पटना के बंटी यादव हत्याकांड ने बिहार की कानून-व्यवस्था के साथ-साथ पुलिस...

मामुली बारिश… और अंधेरे में डूब जाता है बिहार का गांव

ट्री कटिंग पर हर साल करोड़ों के टेंडर, फिर भी पेड़ की टहनी से...

बांकीपुर उपचुनाव: क्या बीजेपी का अभेद्य किला दरकेगा या बदलेगी बिहार की राजनीति?

KKN ब्यूरो। पटना का बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र केवल एक सीट नहीं है। यह बिहार...

बिहार के किसान और बेरोजगार: आखिर क्या है असली समाधान?

बिहार की सबसे बड़ी समस्या बेरोजगारी नहीं, आय की कमी है KKN ब्यूरो। बिहार की...

भरत तिवारी एनकाउंटर: कानून का सवाल, जाति की बहस और सच की तलाश

KKN ब्यूरो। भोजपुर के बिलौटी गांव का एक युवक...। फेसबुक लाइव...। पुलिस पर पिस्टल...

बिहार में शराबबंदी: सामाजिक सुधार या भ्रष्टाचार की नई अर्थव्यवस्था?

क्या शराबबंदी सफल हुई या उसने भ्रष्टाचार को नया ईंधन दिया? KKN ब्यूरो। एक  अप्रैल...