होमAccidentबिहार में साइकिल हादसा: 10 साल के बच्चे का पेट फटा, आंतें...

बिहार में साइकिल हादसा: 10 साल के बच्चे का पेट फटा, आंतें बाहर निकलीं

Published on

 बिहार में एक दर्दनाक और चौंकाने वाली घटना हुई है। महज 10 साल का बच्चा साइकिल से गिरा और हादसे में उसका पेट फट गया। इतना ही नहीं, चोट इतनी गंभीर थी कि उसकी आंतें बाहर निकल आईं। यह घटना रोज़मर्रा के खेलकूद जैसी साधारण गतिविधि के दौरान घटी, लेकिन इसके नतीजे बेहद भयावह साबित हुए। बच्चा फिलहाल गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती है और जीवन के लिए संघर्ष कर रहा है।

हादसा कैसे हुआ

जगह और समय

यह हादसा रविवार दोपहर, 28 सितंबर 2025 को भोजपुर जिले के आरा स्थित मुफस्सिल थाना क्षेत्र के भुसौला गांव में हुआ। पीड़ित की पहचान अंकुश कुमार के रूप में हुई है, जो भुसौलागांव निवासी विनय राय का बेटा है।

हादसे का पल

परिजनों के मुताबिक, अंकुश साइकिल पर बैठकर बाजार जा रहा था। गांव के रास्ते में साइकिल अचानक अनियंत्रित हुई और वह नीचे गिर गया। पहले यह साधारण गिरने की घटना लगी, लेकिन अगले ही पल वह जानलेवा साबित हो गई।

साइकिल के हैंडल पर लगी लोहे की ब्रेक लीवर सीधे उसके पेट में घुस गई। चोट इतनी गहरी थी कि उसका पेट फट गया और आंतें बाहर आ गईं। यह दृश्य देखकर मौके पर मौजूद लोग और परिजन दहशत में आ गए।

मेडिकल इमरजेंसी

प्राथमिक इलाज

परिजनों ने तुरंत अंकुश को आरा सदर अस्पताल पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार किया, लेकिन हालत बेहद गंभीर थी और स्थानीय अस्पताल की सुविधाएं इतनी बड़ी सर्जरी के लिए पर्याप्त नहीं थीं।

पटना रेफर

डॉक्टरों ने बच्चे को तुरंत पटना रेफर किया। विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम वहां उसका ऑपरेशन करेगी। पेट में हुए बड़े जख्म और आंतों की स्थिति को देखते हुए ऑपरेशन बेहद जटिल होगा।

वर्तमान हालत

डॉक्टरों के मुताबिक, अंकुश की स्थिति अभी भी नाजुक है।

  • पेट पूरी तरह फट चुका है

  • आंतें बाहर आ चुकी हैं

  • अंदरूनी खून बहाव की आशंका है

  • इंफेक्शन और सेप्सिस का खतरा बना हुआ है

  • कई अंगों पर असर पड़ सकता है

हादसे का तंत्र: कैसे जानलेवा बनी ब्रेक लीवर

यह दुर्घटना साइकिल डिज़ाइन में मौजूद एक छिपे हुए खतरे की ओर इशारा करती है। भारतीय साइकिलों में आम तौर पर लगने वाले लोहे के ब्रेक लीवर बेहद खतरनाक साबित हो सकते हैं।

  • लीवर नुकीले और बिना कवर के होते हैं

  • खराब रखरखाव के कारण कई बार ये और बाहर निकल आते हैं

  • गिरने के दौरान शरीर का पूरा वजन सीधे लीवर पर पड़ता है

  • पेट या सीने जैसी नाजुक जगह पर चोट जानलेवा हो सकती है

अंकुश के मामले में भी यही हुआ। वह आगे की ओर झुका और उसका पेट सीधे ब्रेक लीवर पर आ गया।

पहले भी हो चुकी हैं गंभीर घटनाएं

यह हादसा बिहार में पहली बार नहीं हुआ है।

  • सितंबर 2024 में नालंदा जिले में बाइक दुर्घटना में एक युवक के पेट में शीशा घुस गया था।

  • कई मामलों में साइकिल और बाइक पर निकले धातु के हिस्से गंभीर चोट का कारण बने हैं।

ये घटनाएं दिखाती हैं कि बच्चों की साइकिल और दोपहिया वाहनों में सुरक्षा मानकों की बड़ी कमी है।

गांव और परिवार पर असर

भुसौला गांव इस घटना से स्तब्ध है। जिसने भी बच्चे की हालत देखी, उसका दिल दहल गया। लोग परिवार के साथ खड़े हैं और मदद के लिए आगे आ रहे हैं।

अंकुश के पिता विनय राय और परिवार गहरे सदमे में हैं। उनका कहना है कि उन्होंने कभी सोचा भी नहीं था कि एक साधारण साइकिल की सवारी बच्चे की जिंदगी को इस मोड़ पर ले आएगी।

डॉक्टरों की राय

विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में ऑपरेशन बेहद कठिन होता है।

  • आंतों को साफ करना और सही जगह पर रखना

  • पेट की दीवार को रिपेयर करना

  • खून बहाव को रोकना

  • इंफेक्शन को कंट्रोल करना

रिकवरी लंबी होगी। कई सर्जरी करनी पड़ सकती हैं और लंबे समय तक अस्पताल में भर्ती रहना पड़ सकता है।

साइकिल सेफ्टी को लेकर सबक

यह हादसा बच्चों और अभिभावकों के लिए एक बड़ा सबक है।

  • साइकिल का नियमित रखरखाव जरूरी है

  • हैंडल और ब्रेक पर सुरक्षा कवर होना चाहिए

  • बच्चों को सुरक्षित सवारी के तरीके सिखाए जाने चाहिए

  • छोटे बच्चों को अकेले दूर जाने से बचाना चाहिए

पॉलिसी लेवल सुधार

  • साइकिल मैन्युफैक्चरिंग में ब्रेक लीवर और हैंडलबार पर सेफ्टी फीचर अनिवार्य किए जाने चाहिए

  • सेफ्टी कैम्पेन चलाए जाएं

  • गांव-शहर में लोगों को बेसिक फर्स्ट एड और इमरजेंसी रिस्पॉन्स की ट्रेनिंग दी जानी चाहिए

पुलिस और कम्युनिटी सपोर्ट

मुफस्सिल थाना पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दर्ज कर ली है। यह दुर्घटना है और इसमें कोई आपराधिक एंगल सामने नहीं आया।

गांववाले और सामाजिक संगठन परिवार को आर्थिक मदद और अस्पताल पहुंचाने में सहयोग कर रहे हैं।

10 वर्षीय अंकुश कुमार का यह हादसा इस बात का सबूत है कि रोजमर्रा की साधारण चीजें भी कभी-कभी जानलेवा साबित हो सकती हैं। साइकिल की ब्रेक लीवर जैसी छोटी दिखने वाली चीज कितनी खतरनाक हो सकती है, यह घटना उसकी मिसाल है।

अब जब अंकुश पटना के अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है, यह घटना हम सबको चेतावनी देती है। अभिभावकों, मैन्युफैक्चरर्स और सरकार को मिलकर कदम उठाने होंगे ताकि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके और ऐसे हादसे दोबारा न हों।

Read this article in

KKN लाइव WhatsApp पर भी उपलब्ध है, खबरों की खबर के लिए यहां क्लिक करके आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं।

KKN Public Correspondent Initiative


Discover more from

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Latest articles

ब्रह्मपुत्र पर चीन की चाल? महाडैम के नीचे क्या छिपा है

ब्रह्मपुत्र नदी के रास्ते में क्या कोई ऐसा खतरा तैयार हो रहा है, जिसका...

बिहार का पलायन: क्या रोज़गार की तलाश में निकलती पीढ़ियां कभी लौटेंगी?

बिहार के किसी छोटे से गांव में शाम ढलते ही अगर आप बस अड्डे,...

कहां गुम हो रही हैं बिहार की बेटियां?

गुमशुदगी का आंकड़ा गंभीर है एक लड़की घर से निकलती है। परिवार समझता है कि...

बिहार में बारिश और तेज हवा ने फिर बदला मौसम का मिजाज, 26 जिलों में अलर्ट; आखिर कब थमेगा यह सिलसिला?

आसमान में बादल हैं। रुक-रुक कर बारिश लगातार हो रही है, अचानक तेज बौछार...

More like this

बिहार का पलायन: क्या रोज़गार की तलाश में निकलती पीढ़ियां कभी लौटेंगी?

बिहार के किसी छोटे से गांव में शाम ढलते ही अगर आप बस अड्डे,...

कहां गुम हो रही हैं बिहार की बेटियां?

गुमशुदगी का आंकड़ा गंभीर है एक लड़की घर से निकलती है। परिवार समझता है कि...

बिहार में बारिश और तेज हवा ने फिर बदला मौसम का मिजाज, 26 जिलों में अलर्ट; आखिर कब थमेगा यह सिलसिला?

आसमान में बादल हैं। रुक-रुक कर बारिश लगातार हो रही है, अचानक तेज बौछार...

क्या एक विधायक पांच साल में अपने क्षेत्र की तस्वीर बदल सकता है?

KKN ब्यूरो। विधायक के पास अपने विधानसभा क्षेत्र के लिए 5 वर्षों में 20...

एक सच, दो नज़रिया: दिमाग की गलती, समाज का असर या सोच का खेल?

क्यों एक ही तथ्य किसी को अवसर लगता है, तो किसी को खतरा? क्या...

मीनापुर की जुड़वा बहनों ने CSIR-NET में लहराया परचम, शनाया को ऑल इंडिया 92वीं रैंक

मुजफ्फरपुर के मीनापुर प्रखंड की जुड़वा बहनों शनाया निशांत और शोनाया निशांत ने CSIR-NET...

बिहार की सड़कें बन गईं मौत की सड़क? 5 साल में 34% बढ़े हादसे, 9,347 लोगों की गई जान

आंकड़ों का एक्स-रे: दुर्घटनाएं बढ़ीं, मौतें उससे भी तेज बढ़ीं KKN ब्यूरो। एक सड़क। एक...

लग गया ट्रांसफार्मर; किसानों की लड़ाई रंग लाई

जिस समस्या के समाधान की उम्मीद किसानों ने लगभग छोड़ दी थी, आखिरकार उसी...

बिहार की बाढ़: पानी उतर जाएगा, लेकिन कब तक पटरी पर लौटेंगी लोगों की जिंदगी?

क्या बाढ़ आने के बाद नाव भेज देना, राहत शिविर खोल देना और कुछ...

ध्वनि प्रदूषण: जुलूस आगे बढ़ता रहा… लेकिन, कानों में पड़ने वाला शोर वहीं रह गया

डीजे की धुन पर नाचते बच्चों को देखकर भीड़ तालियां बजाती है। किसी को...

क्या नकारात्मक सोच इंसान को उसी अंधेरे में धकेल देती है, जिसे वह दुनिया में खोज रहा होता है?

हर घटना में षड्यंत्र, हर परंपरा में खामी, हर व्यक्ति में स्वार्थ और हर...

डैम, मानव सभ्यता की प्यास बुझाने वाला वरदान या आने वाली पीढ़ियों के लिए खड़ा किया जा रहा जल-खतरा?

नदियों को बांधकर इंसान ने पानी, बिजली और खेती पर नियंत्रण हासिल किया। लेकिन...

वह सुबह, जब पहाड़ नदी बन गया

26 अगस्त की सुबह 8:37 बजे हिमालय में कुछ ऐसा टूटा, जिसकी गूंज सैकड़ों...

नेपाल की बाढ़ में चीन की चाल? ग्लेशियर टूटने का सच, हिमालय का बढ़ता खतरा और भारत के लिए आने वाली बड़ी आफत

नेपाल-तिब्बत सीमा पर 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ ने सैकड़ों जिंदगियां निगल लीं।...

बिहार की जेन-जी के सामने सबसे बड़ा सवाल: नौकरी मिलेगी या भविष्य बदलेगा?

सम्राट चौधरी सरकार ने युवाओं के लिए रोजगार, कौशल, शिक्षा, इंटर्नशिप और परीक्षा सुधार...