होमBiharबिहार में 42 लाख मतदाता अपने पते पर नहीं मिले, 7.5 लाख...

बिहार में 42 लाख मतदाता अपने पते पर नहीं मिले, 7.5 लाख नाम दो जगह दर्ज

Published on

Election Commission of India ने बिहार में चल रहे Voter List Revision को लेकर अहम जानकारी साझा की है। आयोग के अनुसार, राज्य में करीब 42 लाख मतदाता अपने पंजीकृत पते पर नहीं पाए गए। साथ ही, 7.50 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम कई स्थानों पर दर्ज पाए गए हैं।

यह विवरण Bihar Voter List 2025 के तहत जारी विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान का हिस्सा है, जो राज्य भर में चलाया जा रहा है।

अब तक 95.92% मतदाता सूची में सम्मिलित

आयोग के अनुसार, बिहार की लगभग 7.90 करोड़ की मतदाता संख्या में से 95.92 प्रतिशत मतदाताओं को सूची में सम्मिलित किया जा चुका है। अभी इस प्रक्रिया के लिए 6 दिन शेष हैं, जिसके बाद अगस्त में Draft Electoral Roll प्रकाशित किया जाएगा।

बचे हुए लगभग 32 लाख मतदाताओं को सूची में जोड़ने का कार्य तेजी से चल रहा है।

Booth Level Officer के माध्यम से हर मतदाता तक पहुंच

चुनाव आयोग ने कहा है कि वह राज्य भर में Booth Level Officers (BLO) और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मदद से हर मतदाता तक पहुंचने का प्रयास कर रहा है। इसका उद्देश्य है कि कोई भी पात्र मतदाता छूटे नहीं और हर व्यक्ति का नाम समय रहते Voter List Bihar 2025 में दर्ज हो जाए।

42 लाख मतदाताओं का पता न मिलना गंभीर विषय

राज्य में 42 लाख से अधिक मतदाता अपने पंजीकृत पते पर नहीं पाए गए, जो कि आयोग के लिए चिंता का विषय है। इनमें से अधिकांश या तो पता बदल चुके हैं, अन्य स्थानों पर प्रवास कर गए हैं, या गलत जानकारी पहले दर्ज हुई थी।

चुनाव आयोग अब इन मामलों की जांच कर रहा है और आवश्यक दस्तावेजों जैसे आधार, पते का प्रमाण और स्थानीय रिकॉर्ड के आधार पर सही जानकारी एकत्र कर रहा है।

7.50 लाख से अधिक मतदाताओं का नाम दो या अधिक जगह दर्ज

इसके अलावा, आयोग ने यह भी पाया है कि सात लाख पचास हजार से ज्यादा लोगों के नाम एक से अधिक स्थानों पर दर्ज हैं। इसे रोकने के लिए AI आधारित डुप्लीकेट चेकिंग, Field Verification और Local Feedback के जरिए डाटा को शुद्ध किया जा रहा है।

आयोग ने साफ किया कि साफ और पारदर्शी मतदाता सूची निष्पक्ष चुनावों के लिए आवश्यक है। डुप्लीकेट नाम फर्जी मतदान, कानूनी विवाद और विश्वास की कमी को जन्म दे सकते हैं।

नागरिकों से मतदाता विवरण की जांच करने की अपील

चुनाव आयोग ने सभी पात्र नागरिकों से अपील की है कि वे अपने मतदाता विवरण की जांच करें और उसमें यदि कोई त्रुटि है तो Form 6, 7 या 8 के माध्यम से सुधार करवाएं।

  • Form 6: नया नाम जोड़ने के लिए

  • Form 7: नाम हटाने के लिए

  • Form 8: जानकारी में सुधार के लिए

ये फॉर्म ऑनलाइन या BLO के माध्यम से जमा किए जा सकते हैं।

अंतिम छह दिन: Voter Verification में तेजी

बचे हुए समय में Booth Level Officers द्वारा घर-घर जाकर मतदाता सत्यापन का कार्य तेज कर दिया गया है। आयोग का लक्ष्य है कि शेष 32 लाख मतदाताओं को Draft List से पहले सूची में जोड़ लिया जाए।

राजनीतिक दलों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने समर्थकों और कार्यकर्ताओं को इस प्रक्रिया में सहायता करें।

मतदाता सूची की शुद्धता क्यों है जरूरी

एक स्पष्ट और अद्यतन Voter List निम्नलिखित कारणों से अत्यंत आवश्यक है:

  • फर्जी मतदान से बचाव

  • प्रत्येक मतदाता को बराबर अधिकार

  • चुनावी पारदर्शिता में वृद्धि

  • विश्वसनीय चुनाव प्रणाली

पूर्व में सूची में त्रुटियों के कारण कई बार आरोप-प्रत्यारोप, अदालती हस्तक्षेप और जन असंतोष जैसी स्थितियां बन चुकी हैं। इस बार चुनाव आयोग किसी भी तरह की गलती नहीं छोड़ना चाहता।

प्रमुख बिंदु संक्षेप में

  • 42 लाख मतदाता अपने पते पर नहीं मिले।

  • 7.50 लाख+ मतदाता दो स्थानों पर पंजीकृत।

  • 7.90 करोड़ में से 95.92% नाम सत्यापित।

  • 32 लाख मतदाताओं का सत्यापन अभी शेष।

  • Booth Level Officers द्वारा घर-घर संपर्क जारी।

  • अगस्त 2025 में ड्राफ्ट सूची प्रकाशित होगी।

आगे क्या?

ड्राफ्ट सूची प्रकाशित होने के बाद, मतदाताओं को आपत्तियों और सुधारों के लिए एक और अवसर दिया जाएगा। इसके बाद अंतिम Electoral Roll तैयार किया जाएगा, जो कि आगामी विधानसभा या लोकसभा उपचुनावों में उपयोग किया जाएगा।

Election Commission ने सभी नागरिकों से आग्रह किया है कि वे इस अभियान में सक्रिय भाग लें। यदि आपका नाम मतदाता सूची में गलत है, डुप्लीकेट है या दर्ज नहीं है – तो अब सुधार करवाने का सही समय है।

अपने BLO से संपर्क करें, ऑनलाइन पोर्टल पर लॉगिन करें या निकटतम मतदाता सहायता केंद्र पर जाएं।

Read this article in

KKN लाइव WhatsApp पर भी उपलब्ध है, खबरों की खबर के लिए यहां क्लिक करके आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं।

KKN Public Correspondent Initiative


Discover more from

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Latest articles

बिहार में शराबबंदी: सामाजिक सुधार या भ्रष्टाचार की नई अर्थव्यवस्था?

क्या शराबबंदी सफल हुई या उसने भ्रष्टाचार को नया ईंधन दिया? KKN ब्यूरो। एक  अप्रैल...

क्या दुनिया बायोलॉजिकल वेपन के मुहाने पर खड़ी है?

सुपर पावरों की गुप्त प्रयोगशालाएं, अमेरिकी फंडिंग और मानव अस्तित्व पर मंडराता नया खतरा KKN...

दल-बदल की राजनीति पर लगाम कब?

लोकतंत्र का सबसे बड़ा सवाल: विचारधारा बड़ी या सत्ता? कौशलेन्द्र झा KKN ब्यूरो। भारतीय राजनीति में...

ईरान के सामने अमेरिका कितना सफल रहा?

क्या दुनिया की सबसे बड़ी सैन्य शक्ति सीमित हो चुकी है? KKN ब्यूरो। जब भारत...

More like this

बिहार में शराबबंदी: सामाजिक सुधार या भ्रष्टाचार की नई अर्थव्यवस्था?

क्या शराबबंदी सफल हुई या उसने भ्रष्टाचार को नया ईंधन दिया? KKN ब्यूरो। एक  अप्रैल...

क्या दुनिया बायोलॉजिकल वेपन के मुहाने पर खड़ी है?

सुपर पावरों की गुप्त प्रयोगशालाएं, अमेरिकी फंडिंग और मानव अस्तित्व पर मंडराता नया खतरा KKN...

दल-बदल की राजनीति पर लगाम कब?

लोकतंत्र का सबसे बड़ा सवाल: विचारधारा बड़ी या सत्ता? कौशलेन्द्र झा KKN ब्यूरो। भारतीय राजनीति में...

ईरान के सामने अमेरिका कितना सफल रहा?

क्या दुनिया की सबसे बड़ी सैन्य शक्ति सीमित हो चुकी है? KKN ब्यूरो। जब भारत...

क्या अमेरिका भारत का भरोसेमंद साझेदार है?

दोस्त, साझेदार या सिर्फ अपने हितों का प्रहरी? KKN ब्यूरो। अंतरराष्ट्रीय राजनीति में कोई स्थायी...

श्रेष्ठता का भ्रम: जब गाली, दोषारोपण और अपमान बन जाते हैं सामाजिक फैशन

क्या दूसरों को नीचा दिखाकर कोई वास्तव में बड़ा बन सकता है? KKN ब्यूरो। आज...

भारत का भविष्य: कौन-कौन से खतरे दरवाजे पर खड़े हैं? और क्या भारत तैयार है?

KKN ब्यूरो। भारत 21वीं सदी की सबसे तेज़ी से उभरती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है।...

हिन्दी पत्रकारिता: मिशन से बाज़ार तक का सफर

क्या हिन्दी पत्रकारिता आज भी जनता की आवाज़ है? हिन्दी पत्रकारिता दिवस विशेष KKN ब्यूरो। क्या...

“हाँ इश्क है” के लोकार्पण समारोह में जुटे कवि और साहित्य प्रेमी, पटना में दिखा साहित्य का रंग

पटना में रविवार को साहित्य, कविता और रचनात्मक अभिव्यक्ति का एक यादगार आयोजन देखने...

बिहार पर कितना कर्ज? विकास की रफ्तार के पीछे छिपा आर्थिक दबाव

KKN ब्यूरो। बिहार की राजनीति में विकास और विशेष राज्य के दर्जे की बहस...

बिहार की अर्थव्यवस्था: तेज़ रफ्तार विकास के पीछे छिपी गरीबी, पलायन और संभावनाएं

क्या बिहार सचमुच बदल रहा है? या आंकड़ों की चमक के पीछे अब भी...

बिहार में ‘सम्राट कैबिनेट’ का बड़ा दांव, निशांत को स्वास्थ्य तो बीजेपी के पास गई शिक्षा की कमान

KKN ब्यूरो। बिहार की नई सत्ता व्यवस्था अब पूरी तरह आकार ले चुकी है।...

क्या बिहार में बदलेगी सत्ता की स्क्रिप्ट या दोहराएगा इतिहास?

KKN ब्यूरो। क्या बिहार की राजनीति में सचमुच एक युग का अंत और दूसरे...

बिहार में RTI सिस्टम ध्वस्त! 30,000 अपीलें लंबित, हाई कोर्ट सख्त—क्या खत्म हो रही पारदर्शिता?

KKN ब्यूरो। बिहार में पारदर्शिता की रीढ़ मानी जाने वाली सूचना का अधिकार (RTI)...

नीतीश युग का अंत या नई शुरुआत? सम्राट चौधरी के हाथों में बिहार की सत्ता का नया समीकरण

KKN ब्यूरो। क्या बिहार की राजनीति एक ऐसे मोड़ पर आ खड़ी हुई है…...