होमBiharरोहिणी ले सकती है तेजस्वी की जगह

रोहिणी ले सकती है तेजस्वी की जगह

Published on

पटना।  बिहार में राजनैतिक घटनाक्रम रोज बदल रहा है। उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के इस्तीफे को लेकर जो पेंच फंसा हुआ है और दोनों ही पक्ष अपने कदम पीछे हटाने को तैयार नहीं हैं। 

इस बीच मीडिया सूत्रों के हवाले से खबर आ रही है कि राजद सुप्रीमो लालू यादव ने एक नया रास्ता ढूंढ़ निकाला है। जानकारी के अनुसार उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव राष्ट्रपति चुनाव के बाद इस्तीफा दे सकते हैं। ऐसे में तेजस्वी की जगह लालू यादव की पुत्री रोहिणी आचार्य लेंगी। रोहिणी की ताजपोशी से बिहार में जदयू और राजद की सरकार बच सकती है।

खबर यह भी है कि तेजस्वी के इस्तीफे और रोहिणी की ताजपोशी के संबंध में लालू यादव आज फैसला ले सकते हैं।

याद रहे कि लालू यादव और राबड़ी देवी की सात बेटियां हैं। रोहिणी लालू यादव की दूसरी बेटी हैं जिन्हें रोहिणी आचार्य के नाम से ज्यादा जाना जाता है। इन्होंने मेडिकल की पढ़ाई की है। वर्ष 2002 में इनकी शादी अमेरिका के एक कंप्यूटर इंजीनियर समरेश सिंह से हुई है।

रोहिणी आचार्य पर अभी तक किसी तरह के आरोप नहीं लगे हैं। लिहाजा डिप्टी सीएम के लिए इनका प्रोफाइल अच्छा माना जा रहा है। रोहिणी ने मेडिकल की पढ़ाई की हुई है और काफी दिनों तक अमेरिका में रही हैं।  बताया जाता है कि इनकी राजनीति में दिलचस्पी भी है।

रोहिणी का नाम भले ही ज्यादा जाना पहचाना ना हो, लेकिन पटनावासी रोहिणी की शादी को बखूबी याद करते हैं। रोहिणी की शादी काफी भव्य तरीके से हुई थी और इनकी शादी में लालू यादव के साले साधु यादव ने दबंगई दिखाते हुए शो रूम से कई गाड़ियों को उठवा लिया था।

KKN लाइव WhatsApp पर भी उपलब्ध है, खबरों की खबर के लिए यहां क्लिक करके आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं।

KKN Public Correspondent Initiative


Discover more from

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Latest articles

तीन दशक की राजनीति जिसने बांकीपुर की पहचान बदल दी

कौशलेन्द्र झा KKN। आज बांकीपुर का नाम आते ही सबसे पहले भारतीय जनता पार्टी का...

एक सीट… कई संदेश: आखिर क्यों पूरे बिहार की नजर बांकीपुर पर है?

क्या बांकीपुर का फैसला सिर्फ एक विधायक चुनेगा या बिहार की राजनीति की नई...

बांकीपुर की जंग: भाजपा का अभेद्य किला या प्रशांत किशोर की पहली राजनीतिक परीक्षा?

**KKN Live Special | Election Report KKN ब्यूरो। बिहार की राजनीति में कई चुनाव ऐसे...

बंटी यादव हत्याकांड: आखिर सच क्या है? पुलिस की कहानी और परिवार के आरोपों के बीच उलझी जांच

KKN ब्यूरो। पटना के बंटी यादव हत्याकांड ने बिहार की कानून-व्यवस्था के साथ-साथ पुलिस...

More like this

तीन दशक की राजनीति जिसने बांकीपुर की पहचान बदल दी

कौशलेन्द्र झा KKN। आज बांकीपुर का नाम आते ही सबसे पहले भारतीय जनता पार्टी का...

एक सीट… कई संदेश: आखिर क्यों पूरे बिहार की नजर बांकीपुर पर है?

क्या बांकीपुर का फैसला सिर्फ एक विधायक चुनेगा या बिहार की राजनीति की नई...

बांकीपुर की जंग: भाजपा का अभेद्य किला या प्रशांत किशोर की पहली राजनीतिक परीक्षा?

**KKN Live Special | Election Report KKN ब्यूरो। बिहार की राजनीति में कई चुनाव ऐसे...

बंटी यादव हत्याकांड: आखिर सच क्या है? पुलिस की कहानी और परिवार के आरोपों के बीच उलझी जांच

KKN ब्यूरो। पटना के बंटी यादव हत्याकांड ने बिहार की कानून-व्यवस्था के साथ-साथ पुलिस...

मामुली बारिश… और अंधेरे में डूब जाता है बिहार का गांव

ट्री कटिंग पर हर साल करोड़ों के टेंडर, फिर भी पेड़ की टहनी से...

बांकीपुर उपचुनाव: क्या बीजेपी का अभेद्य किला दरकेगा या बदलेगी बिहार की राजनीति?

KKN ब्यूरो। पटना का बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र केवल एक सीट नहीं है। यह बिहार...

बिहार के किसान और बेरोजगार: आखिर क्या है असली समाधान?

बिहार की सबसे बड़ी समस्या बेरोजगारी नहीं, आय की कमी है KKN ब्यूरो। बिहार की...

भरत तिवारी एनकाउंटर: कानून का सवाल, जाति की बहस और सच की तलाश

KKN ब्यूरो। भोजपुर के बिलौटी गांव का एक युवक...। फेसबुक लाइव...। पुलिस पर पिस्टल...

बिहार में शराबबंदी: सामाजिक सुधार या भ्रष्टाचार की नई अर्थव्यवस्था?

क्या शराबबंदी सफल हुई या उसने भ्रष्टाचार को नया ईंधन दिया? KKN ब्यूरो। एक  अप्रैल...

क्या दुनिया बायोलॉजिकल वेपन के मुहाने पर खड़ी है?

सुपर पावरों की गुप्त प्रयोगशालाएं, अमेरिकी फंडिंग और मानव अस्तित्व पर मंडराता नया खतरा KKN...

दल-बदल की राजनीति पर लगाम कब?

लोकतंत्र का सबसे बड़ा सवाल: विचारधारा बड़ी या सत्ता? कौशलेन्द्र झा KKN ब्यूरो। भारतीय राजनीति में...

ईरान के सामने अमेरिका कितना सफल रहा?

क्या दुनिया की सबसे बड़ी सैन्य शक्ति सीमित हो चुकी है? KKN ब्यूरो। जब भारत...

क्या अमेरिका भारत का भरोसेमंद साझेदार है?

दोस्त, साझेदार या सिर्फ अपने हितों का प्रहरी? KKN ब्यूरो। अंतरराष्ट्रीय राजनीति में कोई स्थायी...

श्रेष्ठता का भ्रम: जब गाली, दोषारोपण और अपमान बन जाते हैं सामाजिक फैशन

क्या दूसरों को नीचा दिखाकर कोई वास्तव में बड़ा बन सकता है? KKN ब्यूरो। आज...

भारत का भविष्य: कौन-कौन से खतरे दरवाजे पर खड़े हैं? और क्या भारत तैयार है?

KKN ब्यूरो। भारत 21वीं सदी की सबसे तेज़ी से उभरती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है।...