होमBiharMuzaffarpurलग गया ट्रांसफार्मर; किसानों की लड़ाई रंग लाई

लग गया ट्रांसफार्मर; किसानों की लड़ाई रंग लाई

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जिस समस्या के समाधान की उम्मीद किसानों ने लगभग छोड़ दी थी, आखिरकार उसी समस्या का समाधान हो गया। जिस जगह नया ट्रांसफार्मर लगाने की तत्काल कोई योजना नहीं होने की बात विभागीय स्तर से कही गई थी, वहीं अब 25 केवीए का नया ट्रांसफार्मर खड़ा है। सवाल सिर्फ इतना नहीं है कि ट्रांसफार्मर लग गया—सवाल यह है कि किसानों की आवाज जब लगातार उठाई गई, तब जाकर बिजली विभाग हरकत में आई।

सिंचाई संकट से जूझ रहे किसानों में खुशी

KKN ब्यूरो। बिहार के मुजफ्फरपुर जिला अन्तर्गत बोचहां प्रखंड की नरकटिया पंचायत के माधोपुर चौक स्थित बिशहर स्थान के किसानों के लिए यह सिर्फ एक ट्रांसफार्मर लगने की खबर नहीं है। यह उस जद्दोजहद के खत्म होने की खबर है, जिसमें सिंचाई के लिए बिजली की मांग को पहले विभागीय प्रक्रिया और फिर शिकायतों के रास्ते से गुजरना पड़ा। अब यहां कृषि सिंचाई के लिए 25 केवीए का नया ट्रांसफार्मर स्थापित कर दिया गया है। ट्रांसफार्मर लगने के बाद स्थानीय किसानों में खुशी का माहौल है।

पहली शिकायत पर मिला जवाब—‘अभी योजना नहीं है’

मामला तब सामने आया जब बिशहर स्थान के किसानों को कृषि सिंचाई के लिए बिजली की समस्या का सामना करना पड़ रहा था। सिंचाई की सुविधा बाधित होने से खेती-किसानी प्रभावित हो रही थी। किसानों की समस्या को लेकर छात्र राजद के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष अमरेन्द्र कुमार ने मामले को उठाया। इसके बाद सहयोग पोर्टल पर शिकायत दर्ज की गई। लेकिन शिकायत के जवाब में कनीय अभियंता की रिपोर्ट में बताया गया कि उक्त स्थान पर नया ट्रांसफार्मर लगाने की फिलहाल कोई योजना नहीं है। यानी किसानों के सामने समस्या वही थी और विभागीय जवाब ने फिलहाल उसके समाधान की संभावना भी बंद कर दी थी। लेकिन यहीं से कहानी ने दूसरा मोड़ ले लिया।

जवाब के बाद थमी नहीं कोशिश

अमरेन्द्र कुमार ने इस जवाब के बाद मामले को वहीं खत्म नहीं होने दिया। उन्होंने किसानों की सिंचाई समस्या को लेकर ऊर्जा विभाग के सचिव के समक्ष दोबारा शिकायत दर्ज कराई। इस बार शिकायत को गंभीरता से लिया गया और बिशहर स्थान के किसानों की कृषि सिंचाई की समस्या पर विभागीय स्तर पर संज्ञान लिया गया। नतीजा अब जमीन पर दिखाई दे रहा है। बिशहर स्थान पर 25 केवीए का नया ट्रांसफार्मर स्थापित कर दिया गया है। यही वजह है कि किसानों के बीच इस ट्रांसफार्मर को लेकर उत्साह है। उनके लिए यह बिजली का एक उपकरण भर नहीं, बल्कि खेतों तक पानी पहुंचाने का नया रास्ता है।

किसानों के लिए ट्रांसफार्मर का मतलब सिर्फ बिजली नहीं

किसान के लिए सिंचाई की बिजली का अर्थ शहरों में बिजली की सामान्य आपूर्ति से बिल्कुल अलग है। बिजली उपलब्ध होगी तो मोटर चलेगी। मोटर चलेगी तो खेतों में पानी पहुंचेगा। पानी पहुंचेगा तो फसल बच सकेगी और फसल बचेगी तो किसान की मेहनत और उसकी आमदनी दोनों बचेंगी। इसीलिए ग्रामीण किसानों के लिए कृषि फीडर और ट्रांसफार्मर जैसी बुनियादी विद्युत सुविधाएं सीधे उनकी खेती की उत्पादकता से जुड़ी होती हैं। बिशहर स्थान के किसानों का कहना है कि नए ट्रांसफार्मर से सिंचाई की सुविधा मिलने के बाद खेती-किसानी में काफी सहूलियत होगी। उन्हें उम्मीद है कि अब सिंचाई के लिए होने वाली परेशानी कम होगी और कृषि कार्य को गति मिलेगी।

‘यह किसानों की जीत है’—अमरेन्द्र कुमार

ट्रांसफार्मर लगने के बाद अमरेन्द्र कुमार ने कहा कि किसानों की समस्या को लेकर जब पहली बार शिकायत की गई थी, तब विभागीय रिपोर्ट में नया ट्रांसफार्मर लगाने की तत्काल कोई योजना नहीं होने की बात कही गई थी। उन्होंने कहा कि इसके बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए लगातार प्रयास किया गया और अंततः किसानों के लिए कृषि सिंचाई का नया ट्रांसफार्मर लगाया गया। अमरेन्द्र कुमार के मुताबिक, यह किसी व्यक्ति की जीत नहीं, बल्कि किसानों की जीत है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली और सिंचाई जैसी मूलभूत सुविधाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर आगे भी आवाज उठाई जाती रहेगी।

किसानों ने जताया आभार

नए ट्रांसफार्मर के स्थापित होने के बाद स्थानीय किसानों ने राहत की सांस ली है। किसानों का कहना है कि लंबे समय से सिंचाई की समस्या के कारण खेती प्रभावित हो रही थी। अब कृषि कार्य के लिए बिजली की सुविधा उपलब्ध होने से उन्हें काफी सहूलियत मिलने की उम्मीद है। किसानों ने अमरेन्द्र कुमार के प्रति आभार जताते हुए कहा कि उन्होंने उनकी समस्या को गंभीरता से उठाया और विभागीय स्तर पर लगातार प्रयास कर समाधान कराने में सहयोग किया। ग्रामीणों को उम्मीद है कि नया ट्रांसफार्मर सिर्फ बिजली की सुविधा नहीं देगा, बल्कि इलाके की खेती की रफ्तार भी बढ़ाएगा।

एक ट्रांसफार्मर, लेकिन बड़ा संदेश

 

बिशहर स्थान की यह छोटी-सी कहानी में ग्रामीण बिहार की एक बड़ी तस्वीर दिखाती है। एक तरफ विभागीय स्तर पर यह कहा गया कि फिलहाल नया ट्रांसफार्मर लगाने की योजना नहीं है। दूसरी तरफ किसानों की लगातार उठाई गई समस्या के बाद वही काम संभव हो गया। इसका मतलब साफ है—शिकायत तभी असरदार बनती है, जब समस्या को कागज से निकालकर जिम्मेदार अधिकारियों के सामने लगातार रखा जाए। बिशहर स्थान के किसानों के लिए फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अब उनके खेतों तक सिंचाई के लिए बिजली पहुंचने का रास्ता खुल गया है और खेत में खड़ा यह नया 25 केवीए का ट्रांसफार्मर किसानों को यही उम्मीद दे रहा है कि इस बार फसल सिर्फ मौसम के भरोसे नहीं रहेगी।

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