होमBiharपटना जू का बदलेगा स्वरूप, आधुनिक सुविधाओं से बनेगा पर्यटक-अनुकूल

पटना जू का बदलेगा स्वरूप, आधुनिक सुविधाओं से बनेगा पर्यटक-अनुकूल

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पटना का संजय गांधी जैविक उद्यान, जिसे आमतौर पर पटना जू कहा जाता है, अब एक नए और आधुनिक रूप में नजर आएगा। बिहार के वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने जू के कायाकल्प के लिए कई अहम फैसले लिए हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य जू को अधिक पर्यटक-अनुकूल बनाना और इसे शिक्षा, संरक्षण और मनोरंजन का केंद्र विकसित करना है।

अधिकारियों के अनुसार, यह परियोजना प्राकृतिक वातावरण के साथ आधुनिक तकनीक का संतुलन स्थापित करेगी। इससे न केवल पर्यटकों का अनुभव बेहतर होगा, बल्कि जू की पहचान भी एक आधुनिक शहरी वन्यजीव केंद्र के रूप में मजबूत होगी।

ट्री टॉप वॉकवे बनेगा सबसे बड़ा आकर्षण

पटना जू में प्रस्तावित सबसे खास सुविधा ट्री टॉप वॉकवे होगी, जिसे कैनोपी वॉक भी कहा जा रहा है। यह पैदल मार्ग पेड़ों की ऊपरी ऊंचाई पर विकसित किया जाएगा। इसके जरिए पर्यटक जमीन से कई फुट ऊपर चलकर जू के प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद ले सकेंगे।

इस वॉकवे से हरियाली, पक्षियों की गतिविधियां और जानवरों को एक नए दृष्टिकोण से देखा जा सकेगा। यह सुविधा बिहार के किसी भी जू में पहली बार शुरू की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि इसका डिजाइन इस तरह तैयार किया जाएगा, जिससे प्राकृतिक वातावरण को कोई नुकसान न पहुंचे।

मोबाइल ऐप से मिलेगी जानवरों और पौधों की जानकारी

जू के आधुनिकीकरण में तकनीक की भी अहम भूमिका होगी। पर्यटकों के लिए एक खास मोबाइल ऐप शुरू किया जाएगा। जैसे ही कोई पर्यटक किसी जानवर के बाड़े के पास पहुंचेगा, ऐप पर अपने आप उससे जुड़ी जानकारी दिखाई देने लगेगी।

इस ऐप में जानवरों की प्रजाति, रहन-सहन, आदतें और संरक्षण से जुड़ी जानकारियां उपलब्ध होंगी। इसके अलावा जू में मौजूद पौधों और पेड़ों की जानकारी भी ऐप के जरिए दी जाएगी। इससे जू भ्रमण केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह एक शैक्षणिक अनुभव भी बनेगा।

जल्द शुरू होगी ऑनलाइन टिकट बुकिंग

पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पटना जू में ऑनलाइन टिकट बुकिंग की व्यवस्था शुरू की जा रही है। विभाग के अनुसार, यह सुविधा अगले 15 दिनों के भीतर शुरू हो सकती है। इससे टिकट काउंटर पर लगने वाली लंबी कतारों से राहत मिलेगी।

ऑनलाइन टिकट प्रणाली से जू में भीड़ प्रबंधन बेहतर होगा। साथ ही Digital Entry के जरिए प्रवेश प्रक्रिया को अधिक सुगम और तेज बनाया जाएगा।

फरवरी से शुरू होंगे गाइडेड टूर

पटना जू में फरवरी महीने से गाइडेड टूर की शुरुआत की जाएगी। इन दौरों के दौरान प्रशिक्षित गाइड पर्यटकों को जानवरों, पौधों और जू के पारिस्थितिकी तंत्र के बारे में जानकारी देंगे।

गाइडेड टूर खास तौर पर छात्रों और शोधकर्ताओं के लिए उपयोगी होंगे। अधिकारियों का मानना है कि इससे लोगों में वन्यजीव संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ेगी।

सीसीटीवी कैमरों से मजबूत होगी सुरक्षा व्यवस्था

जू की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए परिसर में करीब 150 नए सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इन कैमरों से पर्यटकों की गतिविधियों और जानवरों के बाड़ों पर नजर रखी जाएगी।

इस व्यवस्था से न केवल पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि जू प्रशासन को भी बेहतर निगरानी में मदद मिलेगी। आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई करना आसान होगा।

स्मृति चिन्ह, नर्सरी और फूड कियोस्क की सुविधा

पर्यटकों के अनुभव को और बेहतर बनाने के लिए जू परिसर में स्मृति चिन्ह की दुकानें खोली जाएंगी। यहां लोग जू से जुड़ी यादगार वस्तुएं खरीद सकेंगे। इसके अलावा नर्सरी शॉप में किफायती दामों पर पौधे उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ेगी।

जू में आधुनिक फूड कियोस्क भी विकसित किए जाएंगे। यहां साफ-सुथरे और सुरक्षित तरीके से खाने-पीने की चीजें उपलब्ध होंगी। कचरा प्रबंधन के लिए भी विशेष व्यवस्था की जाएगी।

शिक्षा और रचनात्मक गतिविधियों को मिलेगा बढ़ावा

पटना जू में शैक्षणिक गतिविधियों को बढ़ाने के लिए वार्षिक गतिविधि कैलेंडर और मासिक न्यूजलेटर जारी किए जाएंगे। जू परिसर में बैठने के लिए डोम और शेड्स बनाए जाएंगे, ताकि पर्यटक आराम कर सकें।

दीवारों पर वन्यजीव और पर्यावरण से जुड़ी 3डी पेंटिंग की जाएगी। इससे जू का वातावरण और आकर्षक बनेगा और बच्चों में सीखने की रुचि भी बढ़ेगी।

पर्यावरण अनुकूल वाहनों की होगी शुरुआत

जू में इस्तेमाल होने वाले पुराने और प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को हटाने की योजना है। इनकी जगह पर्यावरण अनुकूल वाहन लाए जाएंगे। इससे जू परिसर में वायु और ध्वनि प्रदूषण कम होगा।

अधिकारियों का कहना है कि यह कदम जू को Sustainable Management की दिशा में आगे बढ़ाएगा और जानवरों के लिए बेहतर वातावरण तैयार करेगा।

वॉलंटियर और जू मित्र कार्यक्रम होंगे शुरू

पटना जू में वॉलंटियर और जू मित्र कार्यक्रम भी शुरू किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों के तहत छात्र और स्थानीय लोग जू की गतिविधियों से जुड़ सकेंगे। वे पर्यटकों की सहायता करेंगे और संरक्षण से जुड़ी जानकारी साझा करेंगे।

प्रशासन का मानना है कि सामुदायिक भागीदारी से वन्यजीव संरक्षण को मजबूती मिलेगी और लोगों में जिम्मेदारी की भावना विकसित होगी।

जन सुझावों के आधार पर लिए गए फैसले

अपर मुख्य सचिव आनंद किशोर ने बताया कि जू के विकास को लेकर आम लोगों से सुझाव मांगे गए थे। सैकड़ों सुझाव प्राप्त हुए, जिनके आधार पर कई अहम निर्णय लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि जू को केवल मनोरंजन स्थल नहीं, बल्कि शिक्षा और जागरूकता का केंद्र बनाने का लक्ष्य है।

पटना जू को मिलेगी नई पहचान

इन सभी बदलावों के बाद पटना जू की पहचान पूरी तरह बदल जाएगी। यह केवल पिकनिक स्थल नहीं रहेगा, बल्कि शिक्षा, संरक्षण और अनुभव का समन्वित केंद्र बनेगा। अधिकारियों को उम्मीद है कि इन सुविधाओं से पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी और पटना जू देश के प्रमुख जू में अपनी अलग पहचान बनाएगा।

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