होमBiharबिहार गृह रक्षा वाहिनी में हवलदार क्लर्क के 64 पदों पर भर्ती

बिहार गृह रक्षा वाहिनी में हवलदार क्लर्क के 64 पदों पर भर्ती

Published on

बिहार गृह रक्षा वाहिनी सेवा संवर्ग में कार्यरत होम गार्ड कर्मियों के लिए बड़ी खबर है। बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग ने हवलदार क्लर्क के 64 पदों पर नियुक्ति के लिए आधिकारिक विज्ञापन जारी किया है। यह भर्ती गृहरक्षक, दैनिक कर्तव्य भत्ता भोगी खिलाड़ी सहित, संवर्गीय पदोन्नति के आधार पर की जाएगी। आयोग की ओर से यह विज्ञापन शुक्रवार को जारी किया गया।

इस भर्ती प्रक्रिया के तहत योग्य गृहरक्षक अभ्यर्थियों से आवेदन 5 जनवरी से 5 फरवरी तक लिए जाएंगे। यह अवसर उन कर्मियों के लिए अहम माना जा रहा है, जो लंबे समय से सेवा में हैं और अब प्रशासनिक दायित्व निभाने की भूमिका में आगे बढ़ना चाहते हैं।

कौन कर सकता है आवेदन, पात्रता की शर्तें तय

इस भर्ती में वही अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं जो बिहार गृह रक्षा वाहिनी संगठन में नामांकित और प्रशिक्षित हों। इसमें पुरुष, महिला और थर्ड जेंडर सभी श्रेणियों के अभ्यर्थी शामिल हैं। आवेदन के लिए यह अनिवार्य है कि अभ्यर्थी ने संगठन में कम से कम पांच वर्षों की सेवा या ड्यूटी पूरी की हो।

इसके साथ ही एक महत्वपूर्ण शर्त यह भी रखी गई है कि जिस तिथि को नियुक्ति पर विचार किया जाएगा, यानी आवेदन की कट ऑफ तिथि 1 अगस्त 2025 को अभ्यर्थी की कम से कम दस वर्ष की सेवा शेष होनी चाहिए। आयोग का मानना है कि इससे चयनित कर्मियों की दीर्घकालिक सेवाएं सुनिश्चित हो सकेंगी।

आयु सीमा और शैक्षणिक योग्यता स्पष्ट

आयोग के विशेष कार्य पदाधिकारी किरण कुमार ने बताया कि अभ्यर्थियों की आयु की गणना 1 अगस्त 2025 के आधार पर की जाएगी। सभी वर्गों और कोटि के लिए न्यूनतम आयु 24 वर्ष और अधिकतम आयु 50 वर्ष निर्धारित की गई है। आयु सीमा में किसी अतिरिक्त छूट का उल्लेख नहीं किया गया है।

शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो अभ्यर्थी का इंटरमीडिएट उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। इसके समकक्ष किसी मान्यता प्राप्त परीक्षा को भी मान्य किया जाएगा। यह योग्यता 1 अगस्त 2025 तक पूरी होनी चाहिए।

वेतनमान और पद से जुड़ी जिम्मेदारियां

चयनित अभ्यर्थियों को लेवल 4 के वेतनमान में नियुक्ति दी जाएगी। हवलदार क्लर्क पद एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक जिम्मेदारी वाला पद माना जाता है। इसमें रिकॉर्ड संधारण, कार्यालयीन कार्य और संगठनात्मक समन्वय जैसे कार्य शामिल होते हैं।

आयोग ने स्पष्ट किया है कि नियुक्ति सभी निर्धारित शर्तों के अधीन होगी। इसमें शारीरिक मापदंड, शैक्षणिक योग्यता और सेवा अवधि से जुड़ी सभी अर्हताएं शामिल हैं।

शारीरिक मापदंड, अर्हता पूरी करना अनिवार्य

इस भर्ती प्रक्रिया में ऊंचाई, सीना और वजन के लिए कोई अंक निर्धारित नहीं किए गए हैं। हालांकि, निर्धारित शारीरिक अर्हता पूरी नहीं करने वाले अभ्यर्थियों को असफल घोषित किया जाएगा।

सामान्य और पिछड़ा वर्ग के पुरुष अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम ऊंचाई 165 सेंटीमीटर तय की गई है। अत्यंत पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के पुरुष अभ्यर्थियों के लिए यह सीमा 160 सेंटीमीटर है। सभी वर्गों की महिला अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम ऊंचाई 155 सेंटीमीटर निर्धारित की गई है।

पुरुष अभ्यर्थियों के लिए सीने की माप भी अनिवार्य है। सामान्य, पिछड़ा और अत्यंत पिछड़ा वर्ग के पुरुषों के लिए बिना फुलाए सीना 81 सेंटीमीटर और फुलाकर 86 सेंटीमीटर होना चाहिए। अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के पुरुषों के लिए यह माप क्रमशः 79 और 84 सेंटीमीटर निर्धारित है। फुलाने के बाद कम से कम पांच सेंटीमीटर का अंतर अनिवार्य होगा।

महिला अभ्यर्थियों के लिए सीने की माप लागू नहीं होगी। हालांकि सभी वर्गों की महिला अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम वजन 48 किलोग्राम होना जरूरी है।

चयन प्रक्रिया दो चरणों में पूरी होगी

हवलदार क्लर्क पद के लिए चयन प्रक्रिया दो चरणों में की जाएगी। पहले चरण में लिखित प्रतियोगिता परीक्षा आयोजित की जाएगी। इस परीक्षा में अभ्यर्थियों की बौद्धिक क्षमता और पद से संबंधित ज्ञान का आकलन किया जाएगा।

लिखित परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों को शारीरिक दक्षता परीक्षा के लिए बुलाया जाएगा। दोनों चरणों में सफल रहने वाले अभ्यर्थियों का अंतिम चयन दस्तावेज सत्यापन और अन्य औपचारिकताओं के बाद किया जाएगा।

होम गार्ड कर्मियों के लिए बड़ी अवसर

यह भर्ती बिहार गृह रक्षा वाहिनी में कार्यरत कर्मियों के लिए एक बड़ी Career Opportunity मानी जा रही है। लंबे समय से सेवा दे रहे गृहरक्षकों को इससे पदोन्नति और स्थायी प्रशासनिक भूमिका मिलने की संभावना है।

आयोग ने अभ्यर्थियों को सलाह दी है कि आवेदन करने से पहले आधिकारिक विज्ञापन को ध्यानपूर्वक पढ़ लें और यह सुनिश्चित कर लें कि वे सभी पात्रता शर्तों को पूरा करते हैं। यह भर्ती न केवल संगठन की प्रशासनिक संरचना को मजबूत करेगी, बल्कि अनुभवी कर्मियों को आगे बढ़ने का अवसर भी प्रदान करेगी।

Read this article in

KKN लाइव WhatsApp पर भी उपलब्ध है, खबरों की खबर के लिए यहां क्लिक करके आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं।

KKN Public Correspondent Initiative


Discover more from

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Latest articles

ब्रह्मपुत्र पर चीन की चाल? महाडैम के नीचे क्या छिपा है

ब्रह्मपुत्र नदी के रास्ते में क्या कोई ऐसा खतरा तैयार हो रहा है, जिसका...

बिहार का पलायन: क्या रोज़गार की तलाश में निकलती पीढ़ियां कभी लौटेंगी?

बिहार के किसी छोटे से गांव में शाम ढलते ही अगर आप बस अड्डे,...

कहां गुम हो रही हैं बिहार की बेटियां?

गुमशुदगी का आंकड़ा गंभीर है एक लड़की घर से निकलती है। परिवार समझता है कि...

बिहार में बारिश और तेज हवा ने फिर बदला मौसम का मिजाज, 26 जिलों में अलर्ट; आखिर कब थमेगा यह सिलसिला?

आसमान में बादल हैं। रुक-रुक कर बारिश लगातार हो रही है, अचानक तेज बौछार...

More like this

बिहार का पलायन: क्या रोज़गार की तलाश में निकलती पीढ़ियां कभी लौटेंगी?

बिहार के किसी छोटे से गांव में शाम ढलते ही अगर आप बस अड्डे,...

कहां गुम हो रही हैं बिहार की बेटियां?

गुमशुदगी का आंकड़ा गंभीर है एक लड़की घर से निकलती है। परिवार समझता है कि...

बिहार में बारिश और तेज हवा ने फिर बदला मौसम का मिजाज, 26 जिलों में अलर्ट; आखिर कब थमेगा यह सिलसिला?

आसमान में बादल हैं। रुक-रुक कर बारिश लगातार हो रही है, अचानक तेज बौछार...

शिक्षक से बड़ा कौन? भारत की उस परंपरा की पड़ताल, जहाँ गुरु को देवता कहा गया

KKN पड़ताल। किसी बच्चे के हाथ में पहली बार कलम आती है, तो वह...

क्या एक विधायक पांच साल में अपने क्षेत्र की तस्वीर बदल सकता है?

KKN ब्यूरो। विधायक के पास अपने विधानसभा क्षेत्र के लिए 5 वर्षों में 20...

एक सच, दो नज़रिया: दिमाग की गलती, समाज का असर या सोच का खेल?

क्यों एक ही तथ्य किसी को अवसर लगता है, तो किसी को खतरा? क्या...

हिंदी सिर्फ एक भाषा नहीं, भारत की चलती-फिरती कहानी है

हिंदी दिवस पर विशेष: क्या आप जानते हैं कि हिंदी को ‘राष्ट्रभाषा’ नहीं, ‘राजभाषा’...

मीनापुर की जुड़वा बहनों ने CSIR-NET में लहराया परचम, शनाया को ऑल इंडिया 92वीं रैंक

मुजफ्फरपुर के मीनापुर प्रखंड की जुड़वा बहनों शनाया निशांत और शोनाया निशांत ने CSIR-NET...

बिहार की सड़कें बन गईं मौत की सड़क? 5 साल में 34% बढ़े हादसे, 9,347 लोगों की गई जान

आंकड़ों का एक्स-रे: दुर्घटनाएं बढ़ीं, मौतें उससे भी तेज बढ़ीं KKN ब्यूरो। एक सड़क। एक...

लग गया ट्रांसफार्मर; किसानों की लड़ाई रंग लाई

जिस समस्या के समाधान की उम्मीद किसानों ने लगभग छोड़ दी थी, आखिरकार उसी...

बिहार की बाढ़: पानी उतर जाएगा, लेकिन कब तक पटरी पर लौटेंगी लोगों की जिंदगी?

क्या बाढ़ आने के बाद नाव भेज देना, राहत शिविर खोल देना और कुछ...

ध्वनि प्रदूषण: जुलूस आगे बढ़ता रहा… लेकिन, कानों में पड़ने वाला शोर वहीं रह गया

डीजे की धुन पर नाचते बच्चों को देखकर भीड़ तालियां बजाती है। किसी को...

क्या नकारात्मक सोच इंसान को उसी अंधेरे में धकेल देती है, जिसे वह दुनिया में खोज रहा होता है?

हर घटना में षड्यंत्र, हर परंपरा में खामी, हर व्यक्ति में स्वार्थ और हर...

मीनापुर की क्रांति गाथा: इतिहास के हाशिये से उठती एक पूरी पीढ़ी की आवाज

मीनापुर की क्रांति गाथा पुस्तक की संक्षिप्त समीक्षा लेखक : कौशलेन्द्र झा KKN पुस्तक समीक्षा। इतिहास...

डैम, मानव सभ्यता की प्यास बुझाने वाला वरदान या आने वाली पीढ़ियों के लिए खड़ा किया जा रहा जल-खतरा?

नदियों को बांधकर इंसान ने पानी, बिजली और खेती पर नियंत्रण हासिल किया। लेकिन...