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बिहार में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे से लोग हुए परेशान

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बिहार के मौसम में आए हालिया बदलाव ने पूरे राज्य को कड़ाके की ठंड और घने कोहरे की चपेट में ले लिया है। वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए राज्य के अधिकतर जिलों में पछुआ हवाओं के कारण कनकनी काफी बढ़ गई है। हालांकि मौसम विभाग ने अभी तक आधिकारिक तौर पर शीत दिवस यानी Cold Day की घोषणा नहीं की है। इसका मुख्य कारण यह है कि राज्य के किसी भी शहर का न्यूनतम तापमान अभी तक दस डिग्री सेल्सियस के नीचे नहीं पहुंचा है।

बिहार में मौसम का मिजाज और पूर्वानुमान

राज्य के मौसम विभाग के अनुसार आगामी 23 दिसंबर से बिहार के मौसम में एक बड़ा बदलाव आने की संभावना है। इस बदलाव के बाद राज्य के लोगों को कड़ाके की ठंड से आंशिक राहत मिल सकती है। फिलहाल रविवार और सोमवार को बिहार के ज्यादातर शहरों में सुबह के समय मध्यम से घना कोहरा छाया रहेगा। हालांकि जैसे-जैसे दिन चढ़ेगा कोहरा छंटने की उम्मीद जताई गई है। धूप निकलने की संभावना कम होने के कारण दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है।

उत्तर बिहार के जिलों में कोहरे का प्रभाव

रविवार की सुबह उत्तर बिहार के कई जिलों के लिए काफी चुनौतीपूर्ण रही है। पश्चिम चंपारण और पूर्वी चंपारण में सुबह के समय विजिबिलिटी काफी कम दर्ज की गई है। इसके साथ ही शिवहर और सीतामढ़ी जिलों में भी घना कोहरा छाया हुआ है। मधुबनी जिले के कुछ स्थानों पर कोहरा इतना अधिक है कि यातायात प्रभावित हो रहा है। इन जिलों के कुछ हिस्सों में घना कोहरा है तो शेष भागों में मध्यम स्तर का कुहासा देखा जा रहा है।

तापमान के आंकड़ों में स्थिरता

राज्य भर में तापमान की स्थिति पिछले कुछ दिनों से स्थिर बनी हुई है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि अगले दो दिनों तक अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। वहीं न्यूनतम तापमान के मोर्चे पर भी अगले चार दिनों तक स्थिति यथावत रहने के आसार हैं। शनिवार को प्रदेश के 17 जिलों में बहुत घना कोहरा दर्ज किया गया था। बिहार में सबसे कम न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस रहा जो सबौर और डेहरी में रिकॉर्ड किया गया।

दक्षिण और मध्य बिहार में कनकनी का असर

राज्य के पश्चिमी और मध्य भागों में शीत दिवस जैसी स्थिति बनी हुई है। इन क्षेत्रों में पछुआ हवाओं के सीधे प्रभाव के कारण लोग सिहरन महसूस कर रहे हैं। हालांकि तापमान के मानक अभी भी शीत दिवस की श्रेणी से थोड़ा ऊपर हैं। धूप के अभाव में इन जिलों के ग्रामीण और शहरी इलाकों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। स्थानीय प्रशासन ने लोगों को ठंड से बचने के लिए उचित सावधानी बरतने की सलाह दी है।

राजधानी पटना में मौसम की स्थिति

पटना के निवासियों के लिए रविवार की सुबह घने कोहरे के साथ शुरू हुई है। पटना में दोपहर के समय भी बादल छाए रहने की संभावना जताई गई है। अगर आज भी बादल छाए रहते हैं तो यह लगातार चौथा दिन होगा जब राजधानी वासियों को धूप के दर्शन नहीं होंगे। शनिवार को भी पटना में सुबह के समय मध्यम स्तर का कोहरा छाया रहा था। धूप न निकलने के कारण राजधानी में दिन का तापमान सामान्य से नीचे बना हुआ है।

पटना के तापमान का विश्लेषण

शनिवार को राजधानी पटना का अधिकतम तापमान 16.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। वहीं यहां का न्यूनतम तापमान 12.8 डिग्री सेल्सियस रहा है। दिन और रात के तापमान के बीच का अंतर कम होने से ठंड का अहसास ज्यादा हो रहा है। कोहरे और बादलों की दोहरी मार के कारण पटना में विजिबिलिटी भी प्रभावित हुई है। वाहन चालकों को सलाह दी गई है कि वे सुबह के समय लाइट जलाकर चलें और गति को नियंत्रित रखें।

23 दिसंबर से राहत की उम्मीद

मौसम विभाग के विशेषज्ञों का मानना है कि 23 दिसंबर से हवा के रुख में बदलाव हो सकता है। यदि पछुआ हवाओं की गति धीमी होती है तो लोगों को ठंड से राहत मिलेगी। आकाश साफ होने पर धूप निकलने की संभावना बढ़ेगी जिससे अधिकतम तापमान में सुधार होगा। यह बदलाव खेती और आम लोगों के स्वास्थ्य के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। तब तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में ठिठुरन बरकरार रहने की बात कही गई है।

यातायात और जनजीवन पर प्रभाव

घने कोहरे के कारण राज्य में सड़क और रेल यातायात पर व्यापक असर पड़ा है। सुबह के समय लंबी दूरी की बसें और ट्रेनें अपने निर्धारित समय से देरी से चल रही हैं। बाजार में भी लोगों की आवाजाही सुबह के समय कम देखी जा रही है। विशेष रूप से पश्चिम चंपारण और मधुबनी जैसे जिलों में जहां कोहरा अधिक है वहां जनजीवन की गति धीमी हो गई है। किसानों को भी सलाह दी गई है कि वे पाले और कोहरे से अपनी रबी फसलों का बचाव करें।

बिहार में इस समय सर्दी का सितम अपने चरम पर पहुंचने की ओर है। भले ही तकनीकी तौर पर इसे शीत दिवस नहीं कहा जा रहा है लेकिन व्यावहारिक रूप से स्थिति वैसी ही बनी हुई है। आगामी कुछ दिनों तक राज्यवासियों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। कोहरे के दौरान यात्रा करने से बचें और गर्म कपड़ों का पर्याप्त प्रयोग करें। मौसम विभाग के अगले अपडेट पर नजर रखना जरूरी है क्योंकि 23 दिसंबर के बाद ही वास्तविक सुधार की उम्मीद की जा सकती है।

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