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बिहार विधानसभा शीतकालीन सत्र : चौथे दिन की कार्यवाही और महत्वपूर्ण घटनाएँ

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बिहार विधानसभा का शीतकालीन सत्र आज अपने चौथे दिन में प्रवेश कर चुका है। इस दिन, नरेन्द्र नारायण यादव को बिहार विधानसभा का उपाध्यक्ष चुना गया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की उपस्थिति में उनका निर्विरोध निर्वाचन हुआ। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने उनके नाम का प्रस्ताव किया, जबकि जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने अनुमोदन किया। इस पद के लिए केवल एक नामांकन हुआ था। नरेन्द्र नारायण यादव बिहार विधानसभा के 19वें उपाध्यक्ष होंगे। यह उनका दूसरा कार्यकाल होगा, और वे लगातार दो बार इस पद पर चुने जाने वाले दूसरे उपाध्यक्ष हैं।

बिहार विधानसभा में राजनीतिक घटनाएँ और प्रमुख घोषणाएँ

बुधवार को, बिहार विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को सदन के नेता के रूप में मान्यता दी। इसके अलावा, उन्होंने राजद के वरिष्ठ नेता तेजस्वी प्रसाद यादव को विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष का दर्जा दिया। यह घोषणा राज्यपाल के अभिभाषण के बाद की गई। इन निर्णयों से विधानसभा की कार्यवाही को संरचित किया गया और सदन में राजनीतिक स्थिति को स्पष्ट किया गया।

विधान परिषद के संचालन के लिए नई नियुक्तियाँ

विधान परिषद में संचालन के लिए सभापति अवधेश नारायण सिंह ने चार नए अध्यासीन सदस्य मनोनीत किए हैं। डॉ. संजीव कुमार सिंह, प्रो. नवल किशोर यादव, डॉ. मदन मोहन झा, और महेश्वर सिंह को यह जिम्मेदारी दी गई है। यह सदस्य सभापति और उपसभापति की अनुपस्थिति में सदन की कार्यवाही को चलाएंगे।

बिहार में कृषि और अवसंरचना के क्षेत्र में प्रगति

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार विधानसभा में अपने संबोधन के दौरान राज्य की कृषि क्षेत्र में हुई प्रगति पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि 2008 में कृषि रोडमैप को लागू करने के बाद से राज्य में कृषि उत्पादन में महत्वपूर्ण वृद्धि हुई है। अनाज, फल, सब्ज़ी, अंडे, मांस और मछली के उत्पादन में वृद्धि हुई है, और बिहार अब मछली उत्पादन में आत्मनिर्भर हो गया है। किसान की आय भी बढ़ी है। वर्तमान में चौथे कृषि रोडमैप के तहत योजनाओं पर तेज़ी से काम हो रहा है।

साथ ही, उन्होंने बिहार में सड़क, पुलों, और अन्य अवसंरचना विकास की बात की। राज्य में सड़कों का निर्माण तेज़ी से हो रहा है, जिससे बिहार के दूर-दराज़ क्षेत्रों से पटना तक की यात्रा में लगभग 6 घंटे का समय लगता है। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि 5 नए एक्सप्रेसवे का निर्माण किया जाएगा, जिससे और बेहतर सड़क नेटवर्क तैयार होगा।

शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में सुधार

सीएम नीतीश कुमार ने शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में किए गए सुधारों का उल्लेख किया। वर्तमान में राज्य में सरकारी शिक्षकों की संख्या 5 लाख 20 हजार से अधिक हो गई है। राज्य सरकार ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए कई कदम उठाए हैं, जिनमें स्कूलों का निर्माण और नए शिक्षकों की भर्ती शामिल है। इसके अलावा, बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) के माध्यम से 2 लाख 58 हजार सरकारी शिक्षकों की भर्ती की गई है।

स्वास्थ्य सेवाओं में भी सुधार हुआ है। पहले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में औसतन 29 मरीज आते थे, लेकिन अब ये संख्या बढ़कर 11,600 प्रतिदिन हो गई है। 2006 से अस्पतालों में मुफ्त इलाज और दवाइयाँ उपलब्ध कराई जा रही हैं।

समाज कल्याण योजनाओं और बजटीय आवंटन पर चर्चा

मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की विभिन्न समाज कल्याण योजनाओं का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत 21 हजार करोड़ रुपये की राशि आवंटित की गई है। इसके अलावा, राज्य सरकार ने बिजली उपभोक्ताओं को 125 यूनिट बिजली मुफ्त देने के लिए 6462 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रस्ताव रखा है। वृद्धों के लिए पेंशन योजना में 1886 करोड़ रुपये और छात्र क्रेडिट कार्ड योजना में 800 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

शिक्षा के क्षेत्र में कुल 1548 करोड़ रुपये का केंद्रीय आवंटन और 4197 करोड़ रुपये का राज्य आवंटन रखा गया है। ये सभी योजनाएँ बिहार के विकास में महत्वपूर्ण योगदान करेंगी।

सड़क और अवसंरचना परियोजनाओं में महत्वपूर्ण निवेश

मुख्यमंत्री ने बिहार की सड़क और अवसंरचना के विकास की दिशा में उठाए गए कदमों को भी उजागर किया। उन्होंने कहा कि राज्य में बड़ी संख्या में पुल, सड़क, और एलिवेटेड रोड का निर्माण किया गया है, जिससे बिहार के विभिन्न हिस्सों से पटना की यात्रा में लगभग 5 घंटे का समय लगता है। सरकार की योजना है कि इस सुविधा को और बेहतर किया जाए, इसके लिए 5 नए एक्सप्रेसवे का निर्माण किया जाएगा।

बिहार विधानसभा में बजट पेशी

बुधवार को बिहार विधानसभा में 91,717.1135 करोड़ रुपये का द्वितीय अनुपूरक बजट पेश किया गया। इसमें महिलाओं के रोजगार, बिजली उपभोक्ताओं को मुफ्त बिजली देने, वृद्धों को पेंशन देने, और शिक्षा क्षेत्र में सुधार के लिए विशेष आवंटन किए गए हैं।

इसके अलावा, बिहार में विभिन्न विधेयकों को भी राज्यपाल की मंजूरी प्राप्त हुई है। इनमें बिहार हिंदू धार्मिक न्यास विधेयक, बिहार कृषि भूमि (गैर कृषि प्रयोजनों के लिए परिवर्तन) (संशोधन) विधेयक, और बिहार विशेष सर्वेक्षण और बंदोबस्त (संशोधन) विधेयक शामिल हैं।

विधानसभा उपाध्यक्ष के चुनाव की समीक्षा

नरेन्द्र नारायण यादव ने दूसरी बार विधानसभा के उपाध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभाला है। वे पहले भी 18वीं विधानसभा में प्रोटेम स्पीकर के रूप में कार्य कर चुके हैं। यादव के नेतृत्व में ही विधानसभा अध्यक्ष का चुनाव भी संपन्न हुआ था।

बिहार विधानसभा का शीतकालीन सत्र राज्य के विकास और कल्याण के लिए महत्वपूर्ण साबित हो रहा है। सदन की बैठक में कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, और सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में किए गए प्रयासों की समीक्षा की गई है। इसके अलावा, महत्वपूर्ण विधायी फैसले और योजनाएं भी तय की गई हैं, जिनका असर बिहार के नागरिकों की जिंदगी पर पड़ेगा।

राज्य सरकार ने जो बजटीय प्रावधान किए हैं, वे राज्य की विभिन्न जरूरतों को पूरा करने में मदद करेंगे। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार ने शिक्षा, स्वास्थ्य, और अवसंरचना क्षेत्रों में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं, और आने वाले समय में इन क्षेत्रों में और भी सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।

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