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बिहार मौसम : पटना में तापमान में गिरावट और हवा की खराब गुणवत्ता

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बिहार में पिछले कुछ दिनों से मौसम में काफी बदलाव देखने को मिला है। पटना का न्यूनतम तापमान लगातार गिरता जा रहा है और इसके साथ ही ठंड बढ़ती जा रही है। पछुआ हवाओं के कारण यह ठंड और भी ज्यादा महसूस हो रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह ठंडी लहर अगले कुछ दिनों तक जारी रह सकती है, और कोहरे के कारण वातावरण और भी अधिक ठंडा होगा।

पटना का तापमान गिरा, ठंडी की लहर जारी रहेगी

बिहार में पिछले पांच दिनों के दौरान तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। 5 नवंबर को पटना का न्यूनतम तापमान 20.9 डिग्री सेल्सियस था, लेकिन 9 नवंबर को यह गिरकर 18.0 डिग्री पर आ गया। कई जिलों में तो यह और भी कम हो गया है। यह गिरावट पछुआ हवाओं के प्रभाव से हो रही है, जो सुबह और शाम को ठंड का एहसास बढ़ा रही हैं। मौसम विभाग के अनुसार, अगले तीन से चार दिन तक कोहरा बना रहेगा, जिससे लोगों को अपनी सुरक्षा का खास ख्याल रखना होगा।

बिहार में प्रदूषण बढ़ा, हवा की गुणवत्ता खराब

ठंड के साथ-साथ बिहार में प्रदूषण का स्तर भी बढ़ गया है। रविवार को पटना के समनपुरा इलाके में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 246 तक पहुंच गया, जो कि खतरनाक श्रेणी में आता है। PM 2.5 का स्तर मानक से काफी अधिक था। पटना का औसत AQI 159 दर्ज किया गया, जबकि पटना सिटी का AQI 101, तारामंडल का 125 और दानापुर का AQI 178 था। इस खराब वायु गुणवत्ता का मुख्य कारण निर्माण कार्यों और सड़कों की सफाई में लापरवाही बताया जा रहा है, जिससे धूल उड़कर प्रदूषण का कारण बन रही है।

पटना में दृश्यता कम, धुंध की समस्या बनी

पटना और आसपास के क्षेत्रों में कोहरे के कारण दृश्यता कम हो गई है। रविवार को पूर्णिया में दृश्यता मात्र 1,000 मीटर तक रही, जिससे वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। घना कोहरा सुबह के समय अधिक देखने को मिला, जिससे यात्रियों के लिए सुरक्षा एक बड़ा मुद्दा बन गया। आने वाले दिनों में यह स्थिति और खराब हो सकती है। इसलिए, वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है।

बिहार में मौसम रहेगा शुष्क, बारिश की संभावना नहीं

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले दिनों में बिहार में शुष्क मौसम बना रहेगा और बारिश की कोई संभावना नहीं है। इससे धूल और प्रदूषण की समस्या और बढ़ सकती है। शुष्क मौसम के चलते वातावरण में धूल का स्तर ऊंचा रहेगा, जो हवा की गुणवत्ता को और भी खराब कर देगा। इस स्थिति को देखते हुए, लोगों को बाहर निकलते समय मास्क पहनने और सुरक्षा के अन्य उपायों को अपनाने की सलाह दी जा रही है।

स्वास्थ्य पर असर, प्रदूषण से समस्या बढ़ी

बिहार में बढ़ते प्रदूषण का असर सीधे तौर पर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। PM 2.5 का स्तर बढ़ने से श्वसन संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। विशेष रूप से बच्चों, वृद्धों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे व्यक्तियों को ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए। लगातार खराब हवा में सांस लेने से अस्थमा, श्वसन संक्रमण, और दिल से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं।

प्रदूषण से निपटने के उपाय

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) ने यह स्पष्ट किया है कि नवंबर से फरवरी तक प्रदूषण का असर बना रहेगा। इस दौरान कोहरा और शुष्क मौसम धूल के जमाव को बढ़ावा देंगे। हालांकि, अगर नगर निगम सड़क पर पानी का छिड़काव बढ़ाए और सफाई कार्यों को बेहतर तरीके से किया जाए, तो प्रदूषण में कुछ हद तक कमी आ सकती है। फिलहाल, पटना का औसत AQI सामान्य श्रेणी में है, लेकिन अगर यह 200 के पार चला गया, तो यह स्थिति और भी गंभीर हो सकती है।

किसी भी आपात स्थिति से बचने के लिए उठाएं यह कदम

  • लोग ठंडी से बचने के लिए गर्म कपड़े पहनें और चेहरे को ढक कर रखें।

  • प्रदूषण से बचने के लिए बाहर निकलने से पहले मास्क पहनें और खासतौर पर सुबह के समय घर से बाहर जाने से बचें।

  • वाहन चलाते समय अधिक सतर्क रहें और धीमी गति से चलने की कोशिश करें।

  • हवादार स्थानों में न रहें और हवा की गुणवत्ता पर नजर रखें।

बिहार में पिछले कुछ दिनों से ठंड का असर बढ़ गया है और तापमान में गिरावट हो रही है। इस ठंडी लहर के साथ-साथ प्रदूषण का स्तर भी चिंताजनक तरीके से बढ़ गया है। समनपुरा और आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता सूचकांक खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है, जो स्वास्थ्य के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। अगले कुछ दिनों में कोहरा और प्रदूषण का असर बना रहेगा, और इसकी वजह से लोग ठंड और प्रदूषण दोनों से प्रभावित होंगे। ऐसे में नागरिकों को सावधानी बरतने और स्वास्थ्य सुरक्षा उपायों को अपनाने की सख्त जरूरत है।

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