बुधवार, मार्च 18, 2026 5:55 अपराह्न IST
होमBiharआरजेडी से टिकट मिलने के बावजूद चंदा देवी के नामांकन में बाधा

आरजेडी से टिकट मिलने के बावजूद चंदा देवी के नामांकन में बाधा

Published on

भोजपुरी फिल्मों के सुपरस्टार खेसारी लाल यादव की पत्नी चंदा देवी को राजद (राष्ट्रीय जनता दल) ने छपरा विधानसभा सीट से टिकट दिया है। हालांकि, अब उनके नामांकन में एक नई समस्या सामने आ रही है। चंदा देवी के नाम की मौजूदगी चुनावी क्षेत्र की मतदाता सूची में नहीं पाई जा रही है, जिससे उनकी उम्मीदवारी पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं।

नामांकन में आ रही समस्या

चंदा देवी के नामांकन की स्क्रूटनी के दौरान यह खुलासा हुआ कि उनका नाम छपरा विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में नहीं है। इससे उनके चुनाव लड़ने की प्रक्रिया में रुकावट आ सकती है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, यह समस्या गंभीर हो सकती है, क्योंकि बिना नाम के उम्मीदवार का चुनाव लड़ना संभव नहीं होता। इसके बाद, कई सवाल उठने लगे हैं कि क्या चंदा देवी का नाम इस क्षेत्र की मतदाता सूची में मौजूद था या नहीं।

मुंबई में पंजीकरण होने का दावा

स्थानीय लोग दावा कर रहे हैं कि चंदा देवी का नाम मुंबई में मतदाता सूची में दर्ज है, क्योंकि वहां उनके नाम से फ्लैट और अन्य संपत्तियां भी हैं। मुंबई में उनके नाम से संपत्ति होने के कारण, यह संभावना जताई जा रही है कि उनका नाम वहां के मतदाता सूची में पंजीकृत हो सकता है। हालांकि, छपरा के स्थानीय क्षेत्र में उनका नाम न होना यह दर्शाता है कि उनके नाम का सही तरीके से पंजीकरण नहीं किया गया है।

चंदा देवी की पृष्ठभूमि और चुनावी प्रक्रिया

चंदा देवी का मूल घर बिहार के एकमा विधानसभा क्षेत्र के धानाडीह गांव में है, लेकिन यहां के मतदाता सूची में उनका नाम नहीं मिला है। इसके बावजूद, गांव के बीएलओ (बूथ लेवल अधिकारी) का कहना है कि चंदा देवी के नाम का सत्यापन किया जा रहा है। अधिकारी का कहना है कि जल्द ही इस मामले की पूरी जानकारी सामने आ जाएगी। चंदा देवी का नाम इस सूची में न होना एक बड़ा मुद्दा बन सकता है, जो उनके चुनावी सफर को प्रभावित कर सकता है।

राजद और खेसारी के विरोधियों का आरोप

चंदा देवी के नामांकन पर उठ रही इस नई समस्या ने खेसारी लाल यादव के विरोधियों को आलोचना का मौका दे दिया है। उनका कहना है कि राजद ने बिना नामांकन की सही जांच किए ही चंदा देवी को टिकट दे दिया। विरोधियों का कहना है कि खेसारी लाल यादव ने पंचायत चुनाव में अपनी भाभी को उम्मीदवार बनाया था और खुद चुनावी एजेंट बने थे। वे इस चुनावी प्रक्रिया में भी सक्रिय थे। हालांकि, अब यह स्पष्ट हो गया है कि चंदा देवी का नाम महाराष्ट्र राज्य की मतदाता सूची में पंजीकृत है।

राजद का फैसला और टिकट की घोषणा

बता दें कि भोजपुरी सिनेमा के सुपरस्टार खेसारी लाल यादव की राजनीति में एंट्री लगभग तय मानी जा रही थी। कहा जा रहा है कि राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद ने खुद उनकी पत्नी चंदा देवी को इस सीट से उम्मीदवार बनाने का फैसला किया था। यह फैसला खेसारी की लोकप्रियता को देखते हुए लिया गया, क्योंकि उनकी छवि एक लोकप्रिया और प्रभावशाली नेता के रूप में स्थापित हो चुकी है।

भाजपा ने दी छोटी कुमारी को टिकट

इस बीच, भाजपा ने भी इस सीट पर अपनी उम्मीदवार घोषित कर दी है। भाजपा ने इस बार छोटी कुमारी को टिकट दिया है, जो एक सशक्त उम्मीदवार के रूप में चुनावी मैदान में उतरने वाली हैं। यह कदम भाजपा के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसे राजद के खिलाफ एक मजबूत चुनौती मानी जा रही है।

चंदा देवी का पारिवारिक संबंध

चंदा देवी का एक और अहम संबंध यह है कि वे तेज प्रताप यादव की पत्नी ऐश्वर्या राय की चचेरी बहन हैं। इस पारिवारिक संबंध ने उनके राजनीतिक सफर को और भी रोचक बना दिया है, क्योंकि यह रिश्ता उनके समर्थकों के बीच एक अलग पहचान बनाने में मदद करता है।

बिहार के छपरा क्षेत्र में चुनावी जंग

छपरा विधानसभा सीट पर इस बार राजद और भाजपा दोनों के बीच मुकाबला तेज हो गया है। भाजपा ने छोटी कुमारी को उम्मीदवार बनाया है, जबकि राजद ने चंदा देवी को टिकट दिया है। दोनों पार्टियों के बीच चुनावी मुकाबला काफी दिलचस्प होने वाला है।

राजद और भाजपा के बीच राजनीतिक खींचतान

राजद और भाजपा के बीच इस सीट पर होने वाली राजनीतिक खींचतान ने क्षेत्रीय राजनीति में नया मोड़ दिया है। राजद के लिए यह सीट खास महत्व रखती है, क्योंकि यहां की जमीनी राजनीति में उनका असर है। वहीं भाजपा भी इस सीट को अपने पक्ष में करने के लिए पूरी ताकत लगा रही है।

खेसारी लाल यादव की राजनीति में एंट्री

खेसारी लाल यादव की राजनीति में एंट्री का अनुमान पहले से ही लगाया जा रहा था। उनका बॉलीवुड और भोजपुरी फिल्म उद्योग में बड़ा नाम है, और उनके फैंस की तादाद भी काफी ज्यादा है। ऐसे में, उनके परिवार की चुनावी राजनीति में शामिल होना समझ में आता है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि चंदा देवी की उम्मीदवारी इस चुनाव में किस दिशा में जाती है और क्या वे इस कठिन परिस्थिति से पार पा सकती हैं।

चंदा देवी की उम्मीदवारी का भविष्य अब अनिश्चित बना हुआ है। मतदाता सूची में उनका नाम न होने से उनकी स्थिति कमजोर हुई है, लेकिन जांच प्रक्रिया जारी है। यदि यह समस्या जल्द हल नहीं होती, तो उनकी उम्मीदवारी पर गंभीर असर पड़ सकता है। हालांकि, अगर उनका नाम जल्द ही पंजीकरण प्रक्रिया में जुड़ जाता है, तो वे चुनावी मैदान में मजबूत उम्मीदवार के रूप में नजर आ सकती हैं।

इस पूरे घटनाक्रम से यह स्पष्ट है कि आगामी विधानसभा चुनावों में राजनीतिक दलों के बीच की जंग और भी तेज हो सकती है। बिहार की छपरा सीट पर अब भाजपा और राजद के बीच एक दिलचस्प मुकाबला होगा, जहां चंदा देवी की उम्मीदवारी भी अहम भूमिका निभा सकती है।

Read this article in

KKN लाइव WhatsApp पर भी उपलब्ध है, खबरों की खबर के लिए यहां क्लिक करके आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं।

KKN Public Correspondent Initiative

Latest articles

कर्ज में डूबे राज्य, फिर भी मुफ्त योजनाएं क्यों?

क्या आपने कभी सोचा है कि चुनाव आते ही अचानक मुफ्त योजनाओं की बाढ़...

अफगानिस्तान का नूर खान एयरबेस पर हमला: पाकिस्तान को दिया गया एक रणनीतिक संदेश

KKN ब्यूरो। दक्षिण एशिया की भू-राजनीति में कभी-कभी ऐसी घटनाएँ घटती हैं जो केवल...

क्या दुनिया एक और हिरोशिमा मोमेंट की ओर बढ़ रही है?

KKN ब्यूरो। क्या दुनिया को पता भी है कि मिडिल ईस्ट में चल रही...

प्लासी का युद्ध या साजिश? जानिए तीन गुप्त समझौता जिसने भारत को गुलाम बना दिया

क्या सचमुच मीर जाफर भारत का सबसे बड़ा गद्दार था… या वह भी अंग्रेजों...

More like this

क्या मिडिल ईस्ट में फिर शुरू हुई अमेरिका की दादागिरी?

KKN ब्यूरो। क्या दुनिया एक बार फिर उसी खतरनाक मोड़ पर खड़ी है, जहां...

क्या नीतीश कुमार का दौर खत्म होने वाला है और क्या बीजेपी लिख रही है नई सत्ता की पटकथा?

पटना की राजनीति में अचानक क्यों तेज हुई फुसफुसाहट? KKN ब्यूरो। क्या बिहार में फिर...

मिडिल ईस्ट: महायुद्ध की दहलीज़ पर विभाजन और तड़पता हुआ क्षेत्र

KKN ब्यूरो। संयुक्त रूप से अमेरिका और इज़रायल ने अपने सबसे बड़े सैन्य अभियान...

मिट्टी की खुशबू से मोबाइल की रिंगटोन तक: पांच दशक में बदलता ग्रामीण समाज

जब शाम ढलती थी और पूरा गांव एक आंगन में सिमट आता था KKN ब्यूरो।...

INDIA गठबंधन में ‘साइलेंट क्राइसिस? 2026 से पहले बदलते सियासी समीकरण क्या है

KKN ब्यूरो। भारत की राजनीति एक बार फिर संक्रमण काल में है। लोकसभा चुनाव 2024...

Everything Apple Sale में बड़ी छूट: iPhone 17 रुपये 45,000 से कम में उपलब्ध

रिटेल चेन Croma ने अपनी ‘Everything Apple Sale’ के तहत iPhone मॉडल्स पर भारी...

महिला रोजगार योजना बिहार : होली के बाद दूसरी किस्त के रूप में 20 हजार रुपये जारी होंगे

Mahila Rojgar Yojana Bihar के तहत राज्य सरकार ने दूसरी किस्त जारी करने की...

Army Agniveer Vacancy 2026 आवेदन शुरू, आयु सीमा में एक वर्ष की छूट

Army Agniveer Vacancy 2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 13 फरवरी 2026 से शुरू...

BRABU मुजफ्फरपुर में छात्राओं की फीस माफ, SC/ST छात्रों को भी राहत

बाबासाहेब भीवराव अंबेडकर बिहार यूनिवर्सिटी मुजफ्फरपुर (BRABU) ने छात्राओं के लिए बड़ी राहत की...

बिहार मौसम अपडेट : शुष्क रहेगा मौसम, सुबह-रात हल्की ठंड बरकरार

फरवरी का महीना आगे बढ़ने के साथ ही बिहार में मौसम का मिजाज धीरे-धीरे...

बिहार के इंजीनियरिंग कॉलेजों को नहीं मिली NBA मान्यता, छात्रों के भविष्य पर असर

बिहार का एक भी इंजीनियरिंग कॉलेज अभी तक NBA यानी National Board of Accreditation...

₹10,000 से कम में Samsung के दमदार स्मार्टफोन, 50MP कैमरा और 5000mAh बैटरी के साथ

अगर आप budget segment में Samsung का स्मार्टफोन खरीदने की planning कर रहे हैं,...

मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना : महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ी पहल

Mukhyamantri Mahila Rozgar Yojana के तहत राज्य सरकार महिलाओं को रोजगार और स्वरोजगार के...

आज का राशिफल, सभी 12 राशियों का दैनिक भविष्यफल

Horoscope 10 February 2026 Aaj Ka Rashifal ग्रहों और नक्षत्रों की चाल के आधार...

Bank of Baroda Recruitment 2026 : बैंकिंग सेक्टर में करियर बनाने का सुनहरा मौका, ऑनलाइन आवेदन शुरू

बैंकिंग सेक्टर में नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर सामने...