3 अक्टूबर 2025 को बिहार के पूर्णिया जिले में वंदे भारत एक्सप्रेस से एक दुखद हादसा हुआ, जिसमें तीन लोगों की जान चली गई और दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा शुक्रवार की सुबह हुआ जब ये लोग दशहरे के मेले से लौट रहे थे और उन्हें वंदे भारत एक्सप्रेस ने कुचल दिया। यह घटना पिछले एक सप्ताह में राज्य में वंदे भारत एक्सप्रेस से जुड़ा दूसरा ऐसा घातक हादसा है।
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हादसे का विवरण और मृतकों की संख्या
इस दुर्घटना में तीन लोग मारे गए, जबकि दो अन्य को गंभीर चोटें आईं। हादसा पूर्णिया जिले के जबनपुर क्षेत्र के पास हुआ, जब यह लोग कटिहार-जोगबनी रेलवे लाइन पर चल रहे थे। जानकारी के मुताबिक, यह लोग दशहरे के मेले से लौट रहे थे जब वंदे भारत एक्सप्रेस ने उन्हें टक्कर मार दी।
टक्कर के बाद घटनास्थल पर भारी भीड़ जमा हो गई। पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और स्थिति को संभाला। मृतकों के शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया और दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है।
वंदे भारत एक्सप्रेस से जुड़ा दूसरा हादसा
यह हादसा बिहार में एक हफ्ते के भीतर वंदे भारत एक्सप्रेस से जुड़ी दूसरी मौत का मामला है। इससे पहले, 30 सितंबर को एक वृद्ध व्यक्ति की जान इसी ट्रेन के द्वारा हत्यागाछी रेलवे क्रॉसिंग, सहरसा में चली गई थी। यह दोनों घटनाएं इस बात को उजागर करती हैं कि उच्च गति वाली ट्रेनों के लिए सुरक्षा उपायों की सख्त आवश्यकता है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां रेलवे क्रॉसिंग और ट्रैक के पास लोग अक्सर जाते हैं।
वंदे भारत एक्सप्रेस, जो भारत की सबसे तेज ट्रेनों में से एक है, 160 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से चलने के लिए डिजाइन की गई है। हालांकि, इसके तेज गति के बावजूद, ट्रैक पर सुरक्षित यात्रियों के लिए उपयुक्त सुरक्षा उपायों की कमी इस तरह की घटनाओं को जन्म दे रही है।
जोगबनी–दानापुर वंदे भारत एक्सप्रेस का रूट
जोगबनी–दानापुर वंदे भारत एक्सप्रेस को 17 दिसंबर 2023 को शुरू किया गया था। यह ट्रेन जोगबनी से सुबह 3:25 बजे चलकर पूर्णिया 4:50 बजे पहुंचती है और फिर सहरसा, खगड़िया, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर होते हुए दानापुर, पटना तक पहुंचती है। यह ट्रेन पैसेंजर्स के लिए एक तेज यात्रा का विकल्प है, लेकिन इसका संचालन उन क्षेत्रों में जहां रेलवे ट्रैक की स्थिति और सुरक्षा मानक उच्च गति से मेल नहीं खाते, हादसों का कारण बन सकता है।
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल उठाया है कि क्या तेज गति वाली ट्रेनों के लिए रेलवे ट्रैक पर पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम हैं। जहां एक ओर इन ट्रेनों का संचालन यात्रा को तेज और सुविधाजनक बनाता है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय क्षेत्रों में सुरक्षा के उपायों को अधिक प्राथमिकता देने की जरूरत है।
दुर्घटना की जांच और सुरक्षा उपाय
पुलिस और रेलवे अधिकारियों ने इस हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। शुरूआत में माना जा रहा है कि ये लोग रेलवे ट्रैक को पार कर रहे थे और तेज रफ्तार ट्रेन की चपेट में आ गए। हालांकि, पूरी जांच के बाद ही यह पता चलेगा कि क्या ट्रेन चालक की लापरवाही रही या फिर ट्रैक के पास सुरक्षा उपायों की कमी कारण बनी।
रेलवे अधिकारियों ने यह सुनिश्चित करने का वादा किया है कि इस प्रकार की घटनाओं से बचने के लिए सुरक्षा उपायों को कड़ा किया जाएगा। इसमें प्रमुख रूप से ट्रैक के पास बेहतर बाड़ लगाना, लोगों को ट्रैक पार करने से रोकने के लिए और अधिक संकेत और चेतावनियां देना, और लोगों को रेलवे क्रॉसिंग पर सुरक्षित तरीके से चलने के बारे में जागरूक करना शामिल है।
घटना पर सार्वजनिक प्रतिक्रिया और कदम
पूर्णिया में हुई इस दुर्घटना ने स्थानीय समुदाय में भारी आक्रोश उत्पन्न किया है। लोगों ने सरकार और रेलवे अधिकारियों से अपील की है कि रेलवे ट्रैक के पास सुरक्षात्मक उपायों को और सख्त किया जाए। खासकर उन क्षेत्रों में जहां लोग ट्रैक पार करते हैं, वहां बेहतर फुट ओवरब्रिज या अंडरपास की जरूरत है।
वहीं, कुछ स्थानीय लोगों ने यह भी कहा कि इस तरह के हादसे स्थानीय प्रशासन की लापरवाही का परिणाम हैं, जहां सुरक्षा और जागरूकता की कमी है। उन्होंने सरकार से यह भी मांग की है कि रेलवे की इन तेज गति वाली ट्रेनों के संचालन से पहले, एक विस्तृत सुरक्षा समीक्षा की जाए।
भविष्य में वंदे भारत एक्सप्रेस के लिए दिशा
वंदे भारत एक्सप्रेस के बिहार में संचालन के दौरान इस प्रकार की घटनाएं भविष्य में भी हो सकती हैं, अगर रेलवे सुरक्षा मानकों को गंभीरता से नहीं लिया जाता। अधिकारियों को अब यह सुनिश्चित करना होगा कि रेलवे ट्रैक पर स्थित सभी स्टेशन और क्रॉसिंग सुरक्षित हों। इसके साथ ही, यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए इस तरह के तेज रफ्तार ट्रेन के संचालन के लिए उपयुक्त सुरक्षा उपाय किए जाएं।
बिहार जैसे राज्य में जहां रेलवे ट्रैक अक्सर घनी बस्तियों से गुजरते हैं, वहां सुरक्षा उपायों को बढ़ाना जरूरी है। इससे न सिर्फ दुर्घटनाओं की संख्या घटेगी, बल्कि लोगों को रेलवे ट्रैक से सुरक्षित रहने के लिए जागरूक भी किया जा सकेगा।
पूर्णिया में वंदे भारत एक्सप्रेस से हुई इस दुखद दुर्घटना ने एक बार फिर रेलवे सुरक्षा के महत्व को उजागर किया है। यह हादसा उस खतरे को स्पष्ट करता है जो तेज गति वाली ट्रेनों के संचालन से उत्पन्न हो सकता है, खासकर जब सुरक्षा उपायों का पालन नहीं किया जाता है। इस दुर्घटना से यह संदेश मिलता है कि उच्च गति वाली ट्रेनों के साथ रेलवे ट्रैक पर सुरक्षा उपायों को और सख्त किया जाना चाहिए।
रेलवे अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए उचित कदम उठाए जाएं और स्थानीय प्रशासन को भी लोगों के बीच सुरक्षा जागरूकता फैलाने की जिम्मेदारी निभानी होगी।
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