देश के नए उपराष्ट्रपति CP Radhakrishnan ने पद और गोपनीयता की शपथ ली। इस मौके को खास बना दिया पूर्व उपराष्ट्रपति Jagdeep Dhankhar ने, जो इस्तीफे के बाद पहली बार सार्वजनिक तौर पर नजर आए। 22 जुलाई को उनके अचानक इस्तीफे के बाद उपराष्ट्रपति का पद खाली हो गया था और फिर 9 सितंबर को हुए चुनाव में CP Radhakrishnan ने जीत दर्ज की।
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शपथ समारोह में Jagdeep Dhankhar की मौजूदगी
धनखड़ इस्तीफे के बाद से सार्वजनिक जीवन से दूर थे। विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा था कि वह कहां हैं और किस स्थिति में हैं। शपथ समारोह में उनकी मौजूदगी ने सभी कयासों पर विराम लगा दिया। वह अतिथि की तरह पहुंचे और पूर्व राष्ट्रपति M. Venkaiah Naidu और Hamid Ansari के साथ बैठे नजर आए। उनकी उपस्थिति ने यह संदेश दिया कि वह पूरी तरह स्वस्थ हैं और राजनीतिक हलकों में फैली अटकलें निराधार हैं।
CP Radhakrishnan बने देश के 15वें उपराष्ट्रपति
9 सितंबर को हुए चुनाव में CP Radhakrishnan को कुल 452 वोट मिले, जबकि विपक्षी उम्मीदवार B. Sudarshan Reddy को केवल 300 वोट मिले। इस तरह Radhakrishnan देश के 15वें Vice President बने।
उपराष्ट्रपति बनने से पहले वह महाराष्ट्र के राज्यपाल थे। अब महाराष्ट्र का अतिरिक्त प्रभार गुजरात के राज्यपाल Acharya Devvrat को दिया गया है। राजनीतिक करियर में Radhakrishnan को “Modi of Tamil Nadu” कहा जाता है। उन्होंने कोयंबटूर लोकसभा सीट से दो बार जीत हासिल की थी और तमिलनाडु BJP के प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं।
शपथ समारोह में दिग्गज नेताओं की मौजूदगी
शपथ समारोह में राजनीति के कई बड़े चेहरे मौजूद रहे। प्रधानमंत्री Narendra Modi, गृह मंत्री Amit Shah, BJP अध्यक्ष JP Nadda, रक्षा मंत्री Rajnath Singh और केंद्रीय मंत्री Nitin Gadkari समारोह का हिस्सा बने।
मुख्यमंत्रियों में Madhya Pradesh के Mohan Yadav, Haryana के Nayab Singh Saini और Uttarakhand के Pushkar Singh Dhami भी मौजूद रहे। Odisha के मुख्यमंत्री Mohan Majhi, Karnataka के राज्यपाल Thawar Chand Gehlot, Jharkhand से Santosh Gangwar और Chandigarh के प्रशासक Gulab Chand Kataria ने भी समारोह में शिरकत की।
NDA सूत्रों का संकेत और शुभ मुहूर्त
NDA सूत्रों का कहना है कि शपथ समारोह शुभ मुहूर्त देखकर आयोजित किया गया। इस मौके पर कई वरिष्ठ नेताओं और संवैधानिक पदाधिकारियों की उपस्थिति ने इसे और ऐतिहासिक बना दिया।
राजनीतिक सफर और नई जिम्मेदारी
CP Radhakrishnan का लंबा राजनीतिक अनुभव उन्हें इस जिम्मेदारी के लिए उपयुक्त बनाता है। तमिलनाडु में उनका जनाधार मजबूत रहा है और कोयंबटूर से उनकी जीत ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई।
अब उपराष्ट्रपति के रूप में उनकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी राज्यसभा के सभापति के रूप में सदन की कार्यवाही को संतुलित और व्यवस्थित तरीके से चलाना होगा। यह भूमिका भारतीय राजनीति में बेहद अहम मानी जाती है।
Jagdeep Dhankhar के इस्तीफे के बाद पैदा हुई अटकलों पर उनकी उपस्थिति ने विराम लगा दिया। वहीं CP Radhakrishnan की शपथ ने देश को नया उपराष्ट्रपति दिया, जिनका राजनीतिक अनुभव और नेतृत्व क्षमता आने वाले दिनों में अहम साबित होगी।
NDA के लिए यह आयोजन एकता और शक्ति का संदेश था, जबकि विपक्ष के लिए यह अवसर नए राजनीतिक संकेत पढ़ने का रहा। आने वाले समय में Radhakrishnan का कार्यकाल राज्यसभा और भारतीय राजनीति की दिशा तय करने में अहम होगा।



