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ग्रेजुएट छात्राओं के लिए नीतीश कुमार का बड़ा ऐलान, CM बालिका प्रोत्साहन योजना में 700 करोड़ जारी

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 बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने चुनाव से पहले Graduate Girls को बड़ा तोहफ़ा दिया है। शिक्षा विभाग ने CM Balika Protsahan Yojana के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 700 करोड़ रुपये जारी किए हैं। इस राशि से 1.40 लाख स्नातक छात्राओं को प्रोत्साहन राशि मिलेगी। प्रत्येक छात्रा को सीधे 50 हजार रुपये उसके आधार से जुड़े बैंक खाते में भेजे जाएंगे।

यह फैसला चुनावी मौसम में सरकार की एक अहम रणनीति माना जा रहा है, क्योंकि महिला मतदाता लंबे समय से नीतीश कुमार की राजनीति का मजबूत आधार रही हैं।

पांच लाख से अधिक छात्राएं पात्र

राज्य में पांच लाख से अधिक Graduate Girls इस योजना का लाभ उठाने के लिए पात्र हैं। इसके लिए सरकार ने Online Portal शुरू किया है। अब तक साढ़े चार लाख से अधिक छात्राएं आवेदन कर चुकी हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 14 सितंबर तय की गई है।

अंतिम तिथि के बाद सभी आवेदनों की Aadhaar Verification होगी और उसके बाद प्रोत्साहन राशि सीधे DBT के ज़रिए भेज दी जाएगी। शिक्षा विभाग ने इस संबंध में महालेखाकार को भी ज़रूरी जानकारी दे दी है ताकि भुगतान में किसी तरह की देरी न हो।

कुल आवश्यकता और अब तक की व्यवस्था

सभी पांच लाख छात्राओं को राशि देने के लिए कुल 2500 करोड़ रुपये की ज़रूरत है। फिलहाल केवल 700 करोड़ रुपये जारी हुए हैं। हालांकि शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि फंड की कमी नहीं होगी। वित्त विभाग को अतिरिक्त प्रस्ताव भेजा गया है और चरणबद्ध तरीके से राशि जारी की जाएगी।

इस योजना का फायदा किसी भी संकाय से स्नातक उत्तीर्ण छात्राएं ले सकती हैं। चाहे वह Arts, Science या Commerce से हों या किसी भी मान्यता प्राप्त संस्थान से।

योजना की पृष्ठभूमि

Mukhyamantri Balika Protsahan Yojana की शुरुआत अप्रैल 2018 में हुई थी। उस समय स्नातक उत्तीर्ण छात्राओं को 25-25 हजार रुपये प्रोत्साहन के तौर पर दिए जाते थे।

बाद में अप्रैल 2021 से इस राशि को बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दिया गया। तब से अब तक लगभग 3.75 लाख Graduate Girls इस योजना का लाभ उठा चुकी हैं।

योजना का मकसद महिलाओं को उच्च शिक्षा पूरी करने के लिए प्रोत्साहित करना और परिवारों को पढ़ाई जारी रखने के लिए आर्थिक सहयोग देना है।

DBT से पारदर्शिता

इस योजना की सबसे बड़ी ताक़त इसका Direct Benefit Transfer सिस्टम है। आधार से जुड़े बैंक खातों में सीधी राशि भेजने से बिचौलियों की भूमिका खत्म हो जाती है।

पिछले कुछ वर्षों में बिहार सरकार ने Pension, Scholarship और कई अन्य योजनाओं में DBT को अपनाया है। हाल ही में 1.13 करोड़ लोगों के बैंक खातों में पेंशन की राशि सीधे DBT से भेजी गई थी।

इसी तरह CM Balika Protsahan Yojana भी पूरी तरह पारदर्शी और भरोसेमंद मानी जा रही है।

शिक्षा विभाग का दृष्टिकोण

शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि इस योजना को समय पर पूरा करना उनकी प्राथमिकता है। उनका लक्ष्य है कि सितंबर के अंत तक सभी पात्र छात्राओं के खातों में राशि भेज दी जाए।

अधिकारियों का मानना है कि यह योजना राज्य में Higher Education के लिए Game Changer साबित हो रही है। खासकर ग्रामीण इलाकों में, जहां पहले बेटियों की पढ़ाई अक्सर अधूरी रह जाती थी।

महिला सशक्तिकरण की दिशा में कदम

CM Balika Protsahan Yojana केवल आर्थिक मदद नहीं है बल्कि यह महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम है। स्नातक की पढ़ाई पूरी करना कई परिवारों के लिए गर्व का विषय होता है।

जब सरकार इसके लिए प्रोत्साहन राशि देती है तो परिवारों को भी बेटियों की पढ़ाई जारी रखने का उत्साह मिलता है। इससे Early Marriage जैसी समस्याओं पर भी रोक लगती है।

चुनावी असर

इस योजना का ऐलान बिहार Election से ठीक पहले हुआ है, इसलिए इसका राजनीतिक महत्व भी है। नीतीश कुमार सरकार लंबे समय से महिला मतदाताओं को साधने के लिए Bicycle Yojana, Poshak Yojana और Scholarship जैसी योजनाएँ चलाती रही है।

700 करोड़ रुपये जारी करना उसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। यह कदम विपक्ष के आलोचनाओं का जवाब भी है, जो सरकार पर बेरोज़गारी और विकास की कमी के आरोप लगाते रहे हैं।

भविष्य की संभावनाएँ

योजना के तहत इस बार बड़ी संख्या में आवेदन आए हैं। आगे चलकर सरकार इसे Postgraduate Level या Skill Development Programs से भी जोड़ सकती है।

यदि ऐसा होता है तो यह Bihar Education System के लिए और भी प्रभावी पहल साबित हो सकती है। फिलहाल सरकार का ध्यान केवल यह सुनिश्चित करने पर है कि राशि समय पर सभी पात्र छात्राओं तक पहुँच जाए।

नीतीश कुमार द्वारा Graduate Girls के लिए 700 करोड़ रुपये जारी करना एक बड़ा सामाजिक और राजनीतिक कदम है। Mukhyamantri Balika Protsahan Yojana की सफलता ने इसे बिहार की प्रमुख योजनाओं में शामिल कर दिया है।

यह योजना महिलाओं को Higher Education की ओर बढ़ने का आत्मविश्वास देती है और राज्य में महिला सशक्तिकरण की नई तस्वीर गढ़ती है।

जैसे-जैसे और फंड जारी होंगे, यह योजना भारत में महिलाओं के लिए सबसे बड़ी Cash Incentive Schemes में से एक बन सकती है। बिहार की राजनीति और समाज दोनों पर इसका असर स्पष्ट रूप से दिखने वाला है।

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