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पटना में BPSC TRE 4 को लेकर हंगामा, पुलिस लाठीचार्ज में कई अभ्यर्थी घायल

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बिहार की राजधानी पटना मंगलवार को एक बार फिर शिक्षक अभ्यर्थियों के विरोध-प्रदर्शन का गवाह बनी। BPSC TRE 4 नोटिफिकेशन की मांग कर रहे हजारों उम्मीदवारों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया। प्रदर्शनकारियों को खदेड़ते समय कई अभ्यर्थी घायल हो गए। यह पूरा मामला तब सामने आया जब अभ्यर्थियों ने 1.20 लाख पदों के लिए बहाली की प्रक्रिया शुरू करने की मांग तेज कर दी।

अभ्यर्थियों की मांगें और विरोध का कारण

मंगलवार को बिहार के अलग-अलग जिलों से बड़ी संख्या में शिक्षक अभ्यर्थी पटना पहुंचे। उनका मुख्य आग्रह था कि BPSC TRE 4 का नोटिफिकेशन 15 सितंबर से पहले जारी किया जाए और रिक्तियों की संख्या बढ़ाकर 1 लाख 20 हजार की जाए। उनका कहना था कि बिहार विधानसभा चुनाव की घोषणा से पहले भर्ती की प्रक्रिया शुरू होनी चाहिए, ताकि भर्ती राजनीतिक कारणों से अटक न जाए।

पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई

प्रदर्शनकारियों ने जेपी गोलंबर और डाक बंगला चौराहा की ओर मार्च करना शुरू किया। इस दौरान सड़क पर भारी जाम की स्थिति बन गई। पुलिस ने पहले बैरिकेडिंग करके अभ्यर्थियों को रोकने की कोशिश की, लेकिन भीड़ ने आगे बढ़ने की कोशिश की। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने लाठियां चला दीं और अभ्यर्थियों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। इस दौरान कई छात्र-छात्राएं घायल हो गए।

सरकार का रुख और STET का आयोजन

नीतीश सरकार पहले ही यह साफ कर चुकी है कि BPSC TRE 4 से पहले STET परीक्षा कराई जाएगी। सितंबर में आवेदन प्रक्रिया शुरू होगी और अक्टूबर में STET एग्जाम होगा। इसके बाद ही BPSC TRE 4 की प्रक्रिया शुरू होगी। फिलहाल TRE 4 परीक्षा दिसंबर में प्रस्तावित है। यही वजह है कि आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों का दबाव बढ़ रहा है कि भर्ती चुनाव से पहले कराई जाए।

पटना की सड़कों पर अफरा-तफरी

प्रदर्शन के चलते पटना की कई सड़कें घंटों जाम रहीं। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की हुई और स्थिति तनावपूर्ण हो गई। लाठीचार्ज के बाद भी अभ्यर्थी सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते रहे और BPSC पर भर्ती प्रक्रिया को टालने का आरोप लगाया।

BPSC TRE 4 को लेकर अभ्यर्थियों का गुस्सा अब सड़कों पर खुलकर सामने आ चुका है। जहां एक तरफ सरकार STET के जरिए प्रक्रिया आगे बढ़ाने की बात कर रही है, वहीं उम्मीदवार TRE 4 को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग कर रहे हैं। पुलिस लाठीचार्ज से स्थिति और बिगड़ गई है और अब देखना होगा कि बिहार सरकार और BPSC इस विवाद को कैसे संभालते हैं।

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