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पटना मेट्रो का ट्रायल रन सफल, बोगियों पर दिखी बिहार की कला और संस्कृति

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पटना में लंबे समय से इंतजार कर रहे लोगों के लिए बुधवार का दिन ऐतिहासिक रहा। पटना मेट्रो का डिपो में ट्रायल रन शुरू हुआ और पहले ही दिन यह पूरी तरह सफल रहा। इस मौके पर नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री जिवेश कुमार ने कहा कि पटनावासी इस महीने के अंत तक मेट्रो रेल में सफर कर सकेंगे। मंत्री ने पटना मेट्रो के एमडी अभय कुमार सिंह के साथ रेड लाइन स्टेशनों का निरीक्षण किया और निर्माण कार्यों की समीक्षा की।

मेट्रो संचालन की तैयारियां लगभग पूरी

मंत्री जिवेश कुमार ने बताया कि एडमिन बिल्डिंग, ट्रैक और पूरा सिस्टम तैयार हो चुका है। रेलवे बोर्ड ने जो सुरक्षा मानक तय किए हैं, उनके हिसाब से जांच चल रही है और जो कमियां मिली हैं उन्हें जल्द पूरा किया जाएगा। निर्माण एजेंसी और अधिकारियों को शेष काम 15 दिनों के भीतर खत्म करने का निर्देश दिया गया है।

निरीक्षण के दौरान मंत्री ने जीरो माइल स्टेशन का भी दौरा किया। यहां उन्होंने डिजाइन की समीक्षा की और डिपो में खड़ी मेट्रो ट्रेन का जायजा लेते हुए संचालन एवं रखरखाव की जानकारी ली। पहले चरण में डिपो परिसर के भीतर ही 800 मीटर ट्रैक पर ट्रायल रन किया गया।

रेड लाइन पर होगा पहला संचालन

ट्रायल रन एक सप्ताह तक डिपो के भीतर जारी रहेगा। इसके बाद रेड लाइन के न्यू पाटलिपुत्र बस टर्मिनल से भूतनाथ के बीच मेट्रो का ट्रायल रन शुरू होगा। रेड लाइन में कुल पांच स्टेशन शामिल हैं, लेकिन शुरुआती उद्घाटन केवल तीन स्टेशनों—आईएसबीटी से भूतनाथ तक—के बीच होगा।

डिपो में 66 ट्रेनों की मेंटेनेंस क्षमता है। यहां लगभग 30.5 हेक्टेयर जमीन पर निर्माण किया गया है। इसमें 19.2 हेक्टेयर पर वर्कशॉप और ट्रैक बनाए गए हैं, जबकि 11.3 हेक्टेयर क्षेत्र को व्यावसायिक केंद्र के लिए सुरक्षित रखा गया है।

बोगियों पर बिहार की झलक

पटना मेट्रो की सबसे खास बात यह है कि इसके कोच पर बिहार की कला, ज्ञान और संस्कृति की झलक साफ दिखाई देती है। ट्रेन की बोगियों पर पटना का प्रसिद्ध गोलघर, महावीर मंदिर और भगवान महावीर से जुड़ी आकृतियां उकेरी गई हैं। ये चित्रण न केवल यात्रियों के लिए आकर्षण का केंद्र होंगे बल्कि उन्हें बिहार की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर से भी जोड़ेंगे।

तीन कोच वाली मेट्रो के हर कोच में लगभग 300 यात्री सवारी कर सकेंगे। आधुनिक सुविधाओं के साथ-साथ यह सांस्कृतिक डिजाइन इसे अन्य मेट्रो परियोजनाओं से अलग बनाती है।

पटनावासियों में उत्साह

जैसे-जैसे पटना मेट्रो का संचालन नजदीक आ रहा है, पटनावासियों का उत्साह भी बढ़ता जा रहा है। शहर के लोगों को उम्मीद है कि मेट्रो उनके रोज़मर्रा के सफर को आसान बनाएगी और ट्रैफिक जाम की समस्या से राहत दिलाएगी। साथ ही बोगियों पर बिहार की संस्कृति को देखकर उन्हें गर्व का अहसास होगा।

पटना मेट्रो का सफल ट्रायल रन यह संकेत है कि राजधानी अब आधुनिक ट्रांसपोर्ट व्यवस्था के नए युग में प्रवेश करने वाली है। मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर, 66 ट्रेनों की मेंटेनेंस क्षमता और रेड लाइन की शुरुआती सेवाओं के साथ यह प्रोजेक्ट शहर की रफ्तार बदलने के लिए तैयार है।

सबसे बड़ी बात यह है कि मेट्रो केवल एक परिवहन साधन नहीं होगी बल्कि बिहार की संस्कृति और पहचान की चलती-फिरती तस्वीर भी बनेगी। आने वाले हफ्तों में जब मेट्रो सेवा शुरू होगी, तो यह न केवल यात्रा का साधन होगी बल्कि पटनावासियों के लिए गर्व का प्रतीक भी बनेगी।

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