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India US Relations : जयशंकर ने ट्रंप की पॉलिसी पर की टिप्पणी, बताया भारत की Red Lines

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विदेश मंत्री S Jaishankar ने साफ किया कि India US Trade Talks 2025 अब भी जारी हैं और इन्हें किसी बच्चों की दोस्ती टूटने जैसा ‘कट्टी’ नहीं माना जा सकता। उन्होंने कहा कि बातचीत लगातार चल रही है और यह धारणा गलत है कि वार्ता रुक गई है।

जयशंकर ने स्पष्ट किया कि भारत ने इन वार्ताओं में कुछ Red Lines तय कर रखी हैं। इनमें किसानों और छोटे उत्पादकों के हित सबसे ऊपर हैं। उन्होंने कहा – “हमारे लिए किसानों और छोटे उत्पादकों का हित सर्वोच्च है, इसमें कोई समझौता नहीं होगा।”

ट्रंप की टैरिफ धमकी से बढ़ी चिंता

कुछ हफ्ते पहले अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने भारतीय आयात पर 25% Tariffs लगाने की घोषणा की थी और 27 अगस्त से इसे दोगुना करने की धमकी भी दी थी। इस कदम ने भारतीय उद्योगों और वैश्विक बाजारों में चिंता पैदा कर दी।

हालांकि जयशंकर ने दोहराया कि वार्ता पूरी तरह टूटी नहीं है और भारत अपने हितों की रक्षा करते हुए संवाद जारी रखेगा।

US Delegation की यात्रा पर सस्पेंस

हाल ही में यह खबर आई थी कि अमेरिका का एक प्रतिनिधिमंडल, जो भारत आने वाला था, अपनी यात्रा टाल सकता है। इससे दोनों देशों के रिश्तों को लेकर और अटकलें तेज हो गईं। लेकिन जयशंकर के बयान से संकेत मिला कि दोनों पक्ष संपर्क में हैं और बातचीत को जारी रखने के इच्छुक हैं।

ट्रंप की विदेश नीति पर टिप्पणी

फोरम में बातचीत के दौरान जयशंकर ने ट्रंप की डिप्लोमैसी की स्टाइल पर भी खुलकर राय रखी। उन्होंने कहा – “मैंने अब तक किसी अमेरिकी राष्ट्रपति को इतनी सार्वजनिक तरीके से विदेश नीति चलाते नहीं देखा। यह सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि दुनिया से निपटने का उनका तरीका पारंपरिक नेताओं से बिल्कुल अलग है।”

उनकी यह टिप्पणी बताती है कि भारत भी ट्रंप की कार्यशैली को ध्यान से देख रहा है और उसे समझने की कोशिश कर रहा है।

रूस से तेल खरीद पर चर्चा नहीं

जयशंकर ने यह भी संकेत दिया कि अमेरिकी प्रशासन ने भारत पर Tariffs लगाने से पहले भारत की Russia से तेल खरीद के मुद्दे पर कोई औपचारिक बातचीत नहीं की थी। इससे यह साफ हुआ कि कई अहम फैसले बिना पूर्व चर्चा के ही लिए गए।

भारत की प्राथमिकता : किसानों और छोटे उत्पादकों का हित

भारत सरकार का रुख स्पष्ट है कि किसी भी Trade Deal में किसानों और छोटे उत्पादकों की सुरक्षा सर्वोपरि रहेगी। कृषि भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और राजनीतिक दृष्टि से भी यह सबसे संवेदनशील क्षेत्र है।

इसी वजह से जयशंकर ने बार-बार यह दोहराया कि इन Red Lines से पीछे हटने का सवाल ही नहीं है।

India US Relations 2025 में तनाव जरूर बढ़ा है, लेकिन जयशंकर के बयान ने साफ किया कि संवाद के रास्ते खुले हैं। ट्रंप के Tariff निर्णय और उनकी Unconventional Policy Style ने अनिश्चितता जरूर पैदा की है, लेकिन भारत ने अपने हितों पर समझौता न करने का स्पष्ट संदेश दे दिया है।

आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि India US Trade Talks 2025 इन चुनौतियों से पार पाकर आगे बढ़ती हैं या फिर Tariffs का संकट दोनों देशों के रिश्तों पर और दबाव डालेगा।

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