होमBiharबिहार में बारिश का मिजाज बदला, पटना में बादल छाए, किशनगंज में...

बिहार में बारिश का मिजाज बदला, पटना में बादल छाए, किशनगंज में येलो अलर्ट

Published on

बिहार में बीते सप्ताहभर से जारी लगातार बारिश अब थमती नजर आ रही है। मौसम विभाग की मानें तो राज्य में अगले तीन दिनों तक बारिश की गतिविधियों में कमी आएगी। इस बदलाव के कारण तापमान में दो से चार डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि, मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि 8 अगस्त से एक बार फिर से बारिश तेज हो सकती है और मॉनसून एक्टिव हो जाएगा।

इस दौरान उत्तर बिहार के अधिकांश हिस्सों में मंगलवार को बारिश होने की संभावना बनी हुई है। खासकर सीमावर्ती जिलों में मौसम अधिक सक्रिय रहने का अनुमान है।

किशनगंज में भारी बारिश का अलर्ट, कई जिलों में भारी से मध्यम वर्षा

उत्तर बिहार के किशनगंज जिले में मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है। जिले के कुछ इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। लगातार बारिश के बावजूद, बिहार में सामान्य से 28 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। यह कमी अब भी बनी हुई है, जो कृषि गतिविधियों पर प्रतिकूल असर डाल सकती है।

बीते 24 घंटे में पूर्णिया में सबसे अधिक 270.6 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जिसे बहुत भारी बारिश की श्रेणी में रखा गया है। इसके अलावा दरभंगा, सीतामढ़ी, शिवहर, सीवान, पटना, सहरसा और जमुई में भी अच्छी बारिश हुई है, जिससे जनजीवन थोड़ा प्रभावित हुआ है।

पटना में मंगलवार को रहेगा बादलों का डेरा, हल्की बारिश की संभावना

राजधानी पटना में मंगलवार को आसमान में बादल छाए रहेंगे। कुछ इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है। सोमवार को भी शहर के विभिन्न हिस्सों में रुक-रुक कर बारिश होती रही। इस दौरान तापमान में हल्का उतार-चढ़ाव देखने को मिला।

सोमवार को अधिकतम तापमान 28.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो रविवार की तुलना में 0.2 डिग्री अधिक था। वहीं न्यूनतम तापमान 25 डिग्री रहा, जिसमें 1.4 डिग्री की गिरावट देखी गई। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, बादलों की मौजूदगी के कारण दिन में धूप नहीं निकल सकी, जिससे गर्मी अपेक्षाकृत कम महसूस हुई।

रुक-रुक कर हो रही बारिश से ट्रैफिक और ड्रेनेज सिस्टम प्रभावित

राजधानी में रुक-रुक कर हो रही बारिश के कारण कई इलाकों में जलजमाव की स्थिति बनी रही। सड़कों पर फिसलन और पानी भरने से यातायात बाधित हुआ। स्थानीय प्रशासन की ओर से ड्रेनेज सिस्टम को सुचारु रखने के लिए टीमों को सक्रिय किया गया है, लेकिन लगातार बारिश से काम में बाधा आई।

कुछ इलाकों में गड्ढों से भरी सड़कों के कारण लोगों को आवाजाही में दिक्कतें हुईं। स्थानीय निवासियों ने नगर निगम से जल्द सुधार कार्य की मांग की है।

खेती पर असर, बारिश की कमी से किसान चिंतित

मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, भले ही बिहार के कई हिस्सों में बारिश हो रही है, लेकिन राज्य अब भी सामान्य मानसून से पीछे है। अब तक की कुल बारिश सामान्य से 28 प्रतिशत कम है। इससे खरीफ फसलें, खासकर धान की बुवाई प्रभावित हो रही है।

कई जिलों में किसान पंपसेट और नलकूपों की मदद से सिंचाई कर रहे हैं, जिससे खेती की लागत बढ़ रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि 8 अगस्त से मॉनसून दोबारा सक्रिय नहीं हुआ, तो फसल उत्पादन पर व्यापक असर पड़ सकता है।

8 अगस्त के बाद फिर से सक्रिय हो सकता है मॉनसून

मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि 8 अगस्त के आसपास बंगाल की खाड़ी में एक नया लो प्रेशर सिस्टम बन सकता है। इसके प्रभाव से बिहार सहित पूर्वी भारत के कई हिस्सों में एक बार फिर से अच्छी बारिश हो सकती है।

यदि यह सिस्टम मजबूत होता है, तो इससे राज्य के ज्यादातर इलाकों में फिर से व्यापक वर्षा होने के आसार हैं। इससे खेती और जलस्तर को फायदा पहुंचेगा, साथ ही मौसम भी फिर से राहत देगा।

Read this article in

KKN लाइव WhatsApp पर भी उपलब्ध है, खबरों की खबर के लिए यहां क्लिक करके आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं।

KKN Public Correspondent Initiative


Discover more from

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Latest articles

मीनापुर के युवा बाहर क्यों जा रहे हैं? गांव से महानगर तक जानिए पलायन की पूरी दास्तान

सवाल सिर्फ नौकरी का नहीं, घर छोड़ने की मजबूरी का है मीनापुर के किसी गांव...

मीनापुर का किसान फसल बेचकर कितना कमाता है? खेत से बाजार तक पूरा हिसाब

मीनापुर में धान की फसल जब खेत में लहलहाती है, तो दूर से वह...

विधानसभा में उठेगा ग्रामीण पत्रकारों की सुरक्षा और पेंशन का मुद्दा, पारू व लालगंज विधायकों ने दिया भरोसा

मीडिया फॉर बॉर्डर हार्मोनी के ‘हमारी आवाज’ कार्यक्रम में पत्रकारों ने सर्वसम्मति से पारित...

मीनापुर की असली कहानी क्या है? आजादी, राजनीति, बागमती और बदलते गांव का पूरा सच

मीनापुर को अगर सिर्फ मुजफ्फरपुर जिले का एक प्रखंड या बिहार की एक विधानसभा...

More like this

मीनापुर के युवा बाहर क्यों जा रहे हैं? गांव से महानगर तक जानिए पलायन की पूरी दास्तान

सवाल सिर्फ नौकरी का नहीं, घर छोड़ने की मजबूरी का है मीनापुर के किसी गांव...

विधानसभा में उठेगा ग्रामीण पत्रकारों की सुरक्षा और पेंशन का मुद्दा, पारू व लालगंज विधायकों ने दिया भरोसा

मीडिया फॉर बॉर्डर हार्मोनी के ‘हमारी आवाज’ कार्यक्रम में पत्रकारों ने सर्वसम्मति से पारित...

बिहार का पलायन: क्या रोज़गार की तलाश में निकलती पीढ़ियां कभी लौटेंगी?

बिहार के किसी छोटे से गांव में शाम ढलते ही अगर आप बस अड्डे,...

कहां गुम हो रही हैं बिहार की बेटियां?

गुमशुदगी का आंकड़ा गंभीर है एक लड़की घर से निकलती है। परिवार समझता है कि...

बिहार में बारिश और तेज हवा ने फिर बदला मौसम का मिजाज, 26 जिलों में अलर्ट; आखिर कब थमेगा यह सिलसिला?

आसमान में बादल हैं। रुक-रुक कर बारिश लगातार हो रही है, अचानक तेज बौछार...

क्या एक विधायक पांच साल में अपने क्षेत्र की तस्वीर बदल सकता है?

KKN ब्यूरो। विधायक के पास अपने विधानसभा क्षेत्र के लिए 5 वर्षों में 20...

एक सच, दो नज़रिया: दिमाग की गलती, समाज का असर या सोच का खेल?

क्यों एक ही तथ्य किसी को अवसर लगता है, तो किसी को खतरा? क्या...

मीनापुर की जुड़वा बहनों ने CSIR-NET में लहराया परचम, शनाया को ऑल इंडिया 92वीं रैंक

मुजफ्फरपुर के मीनापुर प्रखंड की जुड़वा बहनों शनाया निशांत और शोनाया निशांत ने CSIR-NET...

बिहार की सड़कें बन गईं मौत की सड़क? 5 साल में 34% बढ़े हादसे, 9,347 लोगों की गई जान

आंकड़ों का एक्स-रे: दुर्घटनाएं बढ़ीं, मौतें उससे भी तेज बढ़ीं KKN ब्यूरो। एक सड़क। एक...

लग गया ट्रांसफार्मर; किसानों की लड़ाई रंग लाई

जिस समस्या के समाधान की उम्मीद किसानों ने लगभग छोड़ दी थी, आखिरकार उसी...

बिहार की बाढ़: पानी उतर जाएगा, लेकिन कब तक पटरी पर लौटेंगी लोगों की जिंदगी?

क्या बाढ़ आने के बाद नाव भेज देना, राहत शिविर खोल देना और कुछ...

ध्वनि प्रदूषण: जुलूस आगे बढ़ता रहा… लेकिन, कानों में पड़ने वाला शोर वहीं रह गया

डीजे की धुन पर नाचते बच्चों को देखकर भीड़ तालियां बजाती है। किसी को...

क्या नकारात्मक सोच इंसान को उसी अंधेरे में धकेल देती है, जिसे वह दुनिया में खोज रहा होता है?

हर घटना में षड्यंत्र, हर परंपरा में खामी, हर व्यक्ति में स्वार्थ और हर...

डैम, मानव सभ्यता की प्यास बुझाने वाला वरदान या आने वाली पीढ़ियों के लिए खड़ा किया जा रहा जल-खतरा?

नदियों को बांधकर इंसान ने पानी, बिजली और खेती पर नियंत्रण हासिल किया। लेकिन...

बिहार की जेन-जी के सामने सबसे बड़ा सवाल: नौकरी मिलेगी या भविष्य बदलेगा?

सम्राट चौधरी सरकार ने युवाओं के लिए रोजगार, कौशल, शिक्षा, इंटर्नशिप और परीक्षा सुधार...