आमिर खान ने बताया – बच्चों के मुस्लिम नामों के पीछे क्या है असली वजह? जानिए उनके जवाब की पूरी कहानी

Aamir Khan Explains Why His Children Have Muslim-Sounding Names

KKN गुरुग्राम डेस्क |  बॉलीवुड के मिस्टर परफेक्शनिस्ट आमिर खान एक बार फिर चर्चा में हैं। इस बार वजह है उनके बच्चों के नाम। हाल ही में एक टॉक शो में आमिर खान से सवाल किया गया कि जब उनकी तीनों पत्नियां (पहली पत्नी रीना दत्ता, दूसरी किरण राव और तीसरी प्रेमिका गौरी) हिंदू हैं, तो उनके बच्चों के नाम जुनैद खानआइरा खान, और आज़ाद खान मुस्लिम परंपरा से क्यों जुड़े हैं? इस सवाल पर आमिर ने बेहद सधा हुआ, लेकिन भावुक जवाब दिया।

 सवाल: क्यों मुस्लिम नाम, जब मां हिंदू हैं?

टॉक शो “आपकी अदालत” में रजत शर्मा ने आमिर से पूछा:

“आपकी पहली पत्नी रीना, दूसरी किरण और तीसरी प्रेमिका गौरी—all हिंदू हैं। लेकिन बच्चों के नाम जुनैद, आइरा और आज़ाद क्यों रखे गए हैं?”

आमिर खान ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया:

“मेरे बच्चों के नाम मैंने नहीं, मेरी पत्नियों ने चुने हैं। और आप जानते हैं, शादी में पतियों की नहीं, पत्नियों की चलती है।”

 आइरा नाम की खासियत – हिंदू देवी का रूप

आमिर ने बताया कि आइरा (Ira) नाम वास्तव में सरस्वती देवी का एक नाम है। उन्होंने कहा:

“रीना ने ‘Book of Hindu Names’ पढ़ी थी, जो मेनका गांधी की किताब है। वहीं से आइरा नाम चुना गया। आइरा, इरावती का शॉर्ट फॉर्म है, जो सरस्वती का ही एक रूप है।”

जुनैद खान – एक पारंपरिक, लेकिन सहज चयन

आमिर ने बताया कि उनकी पहली पत्नी रीना दत्ता ने बेटे का नाम जुनैद रखा। जुनैद एक आम मुस्लिम नाम है, लेकिन इसमें किसी विशेष धार्मिक एजेंडे की बात नहीं थी।

“यह एक सहज पसंद थी। किसी धर्म को दिखाने के लिए नहीं, बल्कि एक सुंदर और भावपूर्ण नाम होने के कारण चुना गया।”

आज़ाद – एक प्रेरणादायक नाम, न कि धार्मिक

तीसरे बेटे आज़ाद खान का नाम, आमिर की दूसरी पत्नी किरण राव ने रखा था। इस नाम के पीछे देशभक्ति और प्रेरणा की भावना छिपी है, न कि कोई धार्मिक पहचान।
आमिर ने बताया:

“हम मौलाना आज़ाद के वंश से हैं, जिन्होंने आज़ादी की लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। आज़ाद एक ‘न्यूट्रल’ नाम है। आपने चंद्रशेखर आज़ाद का नाम तो सुना ही होगा।”

आमिर का जवाब – एक पति, एक पिता, और एक भारतीय की सोच

आमिर ने बहुत स्पष्टता से कहा कि उन्होंने नाम नहीं चुने, लेकिन अपनी पत्नियों की पसंद का सम्मान किया। उन्होंने आगे कहा:

“अगर नाम पैसे या शोहरत के लिए रखे जाते, तो मैं अपने बच्चों के नाम ग्लैमर से जोड़ता। लेकिन हमारे लिए उनके नामों में भाव, इतिहास और सम्मान छिपा है।”

इस जवाब से आमिर ने यह भी साफ किया कि उनके बच्चों की पहचान धर्म नहीं, इंसानियत और प्रेरणा से तय होती है।

 आमिर खान का पारिवारिक विवरण (SEO के लिए टेबल फॉर्मेट में)

पत्नी/साथीधर्मबच्चों के नामनाम किसने रखानाम का आधार
रीना दत्ताहिंदूजुनैद, आइरारीनाजुनैद (मुस्लिम), आइरा (हिंदू)
किरण रावहिंदूआज़ादकिरणआज़ाद (देशभक्त, न्यूट्रल)
गौरी (प्रेमिका)हिंदू

 धार्मिक नाम या सांस्कृतिक प्रेरणा?

यह चर्चा इस ओर इशारा करती है कि आज के दौर में कई परिवार धर्म की सीमाओं से ऊपर उठकर, बच्चों के नामों में संस्कृति, इतिहास और भावना को तरजीह देते हैं। आमिर खान का उदाहरण इस ओर इशारा करता है कि नाम सिर्फ पहचान नहीं, विचार भी होते हैं।

 सोशल मीडिया पर चर्चा

इस इंटरव्यू के बाद सोशल मीडिया पर कई चर्चाएं देखने को मिलीं:

  • कुछ ने आमिर को सराहा कि उन्होंने धार्मिक मतभेद को नहीं आने दिया।

  • कुछ ने सवाल उठाया कि क्या यह “लव जिहाद” का उदाहरण है?

  • वहीं, एक बड़ा वर्ग आमिर के धर्मनिरपेक्ष सोच और संतुलन की तारीफ कर रहा है।

आमिर खान ने जिस शालीनता, स्पष्टता और समझदारी से अपने बच्चों के नामों के पीछे की कहानी बताई, वह आज के भारत में एक महत्वपूर्ण संदेश देता है – हमारे नाम धर्म से नहीं, हमारे मूल्यों से तय होते हैं।

KKNLive के लिए यह एक प्रेरणादायक खबर है, जो केवल एक सेलिब्रिटी की कहानी नहीं, बल्कि एक बदलते भारत की तस्वीर पेश करती है।

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