होमBiharबिहार सरकार और होमी भाभा कैंसर संस्थान की साझेदारी: राज्य में कैंसर...

बिहार सरकार और होमी भाभा कैंसर संस्थान की साझेदारी: राज्य में कैंसर देखभाल सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम

Published on

KKN गुरुग्राम डेस्क | बिहार सरकार ने होमी भाभा कैंसर संस्थान, मुजफ्फरपुर के साथ मिलकर राज्य में कैंसर देखभाल सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की है। इस पहल की औपचारिक शुरुआत स्वास्थ्य विभाग के सभागार में हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में हुई, जिसकी अध्यक्षता बिहार के स्वास्थ्य मंत्री श्री मंगल पांडेय ने की।

कैंसर उपचार और रोकथाम पर विशेष ध्यान

भारत में कैंसर एक प्रमुख स्वास्थ्य चिंता का विषय बना हुआ है। बिहार सरकार ने इस चुनौती को गंभीरता से लेते हुए कैंसर देखभाल सेवाओं के विस्तार और सुदृढ़ीकरण की दिशा में कई कार्यक्रम शुरू किए हैं। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य कैंसर के प्रारंभिक निदान, रोकथाम, उपचार और पैलिएटिव केयर को सुनिश्चित करना है।

सभी 38 जिलों में व्यापक कैंसर स्क्रीनिंग

स्वास्थ्य मंत्री श्री मंगल पांडेय ने बताया कि राज्य के सभी 38 जिलों में कैंसर स्क्रीनिंग कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य गर्भाशय ग्रीवा, स्तन और मुख के कैंसर का प्रारंभिक चरण में पता लगाना है, ताकि समय पर उपचार सुनिश्चित किया जा सके।

17 जिलों में डे-केयर कीमोथेरेपी इकाइयों की स्थापना

कैंसर उपचार को अधिक सुलभ बनाने के लिए 17 जिलों में डे-केयर कीमोथेरेपी कार्यक्रम शुरू किए गए हैं। इन इकाइयों के माध्यम से मरीजों को अपने घर के पास ही कीमोथेरेपी की सुविधा मिल रही है, जिससे उन्हें लंबी अस्पताल में भर्ती की आवश्यकता नहीं होती।

23 जिलों में पैलिएटिव केयर सेवाओं का विस्तार

गंभीर रूप से बीमार कैंसर मरीजों के लिए 23 जिलों में पैलिएटिव केयर सेवाएं शुरू की गई हैं। इन सेवाओं के माध्यम से मरीजों और उनके परिवारों को मानसिक, शारीरिक और भावनात्मक समर्थन प्रदान किया जाता है, जिससे उनकी जीवन गुणवत्ता में सुधार होता है।

जिला अस्पतालों के माध्यम से मुफ्त कैंसर दवाओं की उपलब्धता

बिहार सरकार ने कैंसर मरीजों के लिए मुफ्त दवाओं की व्यवस्था की है। राज्य के सभी जिला अस्पतालों के माध्यम से मरीजों को आवश्यक दवाएं नि:शुल्क प्रदान की जा रही हैं, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के मरीजों को भी उचित उपचार मिल सके।

किशोरियों के लिए एचपीवी टीकाकरण कार्यक्रम

गर्भाशय ग्रीवा कैंसर की रोकथाम के लिए बिहार सरकार ने 9 से 14 वर्ष की आयु की लड़कियों के लिए मुफ्त एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमावायरस) टीकाकरण अभियान शुरू किया है। इस पहल का उद्देश्य भविष्य में गर्भाशय ग्रीवा कैंसर के मामलों में कमी लाना है।

बिहार कैंसर केयर एंड रिसर्च सोसाइटी की स्थापना

कैंसर देखभाल सेवाओं के केंद्रीकरण और विस्तार के लिए बिहार सरकार ने ‘बिहार कैंसर केयर एंड रिसर्च सोसाइटी’ की स्थापना की है। यह सोसाइटी कैंसर की रोकथाम, स्क्रीनिंग, उपचार, पैलिएटिव केयर, अनुसंधान और बुनियादी ढांचे के विकास जैसे छह प्रमुख क्षेत्रों में कार्य करेगी। इसका कार्यालय पटना के शेखपुरा स्थित स्वास्थ्य भवन में होगा।

भविष्य की योजनाएं

स्वास्थ्य मंत्री श्री मंगल पांडेय ने बताया कि आने वाले वर्षों में बिहार के सभी नौ प्रमंडलों में कैंसर उपचार सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। इसके अलावा, बेगूसराय और नवादा जिलों में नए कैंसर अस्पतालों की स्थापना की योजना भी बनाई गई है, जिससे मरीजों को राज्य के बाहर इलाज के लिए नहीं जाना पड़ेगा।

बिहार सरकार और होमी भाभा कैंसर संस्थान की यह संयुक्त पहल राज्य में कैंसर देखभाल सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे न केवल मरीजों को बेहतर उपचार सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि राज्य में कैंसर के मामलों में भी कमी आएगी।

Read this article in

KKN लाइव WhatsApp पर भी उपलब्ध है, खबरों की खबर के लिए यहां क्लिक करके आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं।

KKN Public Correspondent Initiative


Discover more from

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Latest articles

बिहार की सड़कें समय से पहले क्यों टूट जाती हैं?

जब सड़क टूटती है, तो केवल डगर नहीं बिखरता... KKN ब्यूरो। बारिश की पहली फुहार...

पेपर लीक का काला कारोबार: किसने चुराए करोड़ों युवाओं के सपने, कौन है इस संगठित अपराध का असली सरगना? (भाग–2)

क्या पेपर लीक केवल आज की समस्या है? KKN ब्यूरो। यदि कोई यह मानता...

पेपर लीक का काला कारोबार: किसने चुराए करोड़ों युवाओं के सपने, कौन है इस संगठित अपराध का असली सरगना?

जब प्रश्नपत्र नहीं, भविष्य लीक होने लगे... KKN ब्यूरो। किसी राष्ट्र का भविष्य उसकी सीमाओं...

तीन दशक की राजनीति जिसने बांकीपुर की पहचान बदल दी

कौशलेन्द्र झा KKN। आज बांकीपुर का नाम आते ही सबसे पहले भारतीय जनता पार्टी का...

More like this

बिहार की सड़कें समय से पहले क्यों टूट जाती हैं?

जब सड़क टूटती है, तो केवल डगर नहीं बिखरता... KKN ब्यूरो। बारिश की पहली फुहार...

तीन दशक की राजनीति जिसने बांकीपुर की पहचान बदल दी

कौशलेन्द्र झा KKN। आज बांकीपुर का नाम आते ही सबसे पहले भारतीय जनता पार्टी का...

एक सीट… कई संदेश: आखिर क्यों पूरे बिहार की नजर बांकीपुर पर है?

क्या बांकीपुर का फैसला सिर्फ एक विधायक चुनेगा या बिहार की राजनीति की नई...

बांकीपुर की जंग: भाजपा का अभेद्य किला या प्रशांत किशोर की पहली राजनीतिक परीक्षा?

**KKN Live Special | Election Report KKN ब्यूरो। बिहार की राजनीति में कई चुनाव ऐसे...

बंटी यादव हत्याकांड: आखिर सच क्या है? पुलिस की कहानी और परिवार के आरोपों के बीच उलझी जांच

KKN ब्यूरो। पटना के बंटी यादव हत्याकांड ने बिहार की कानून-व्यवस्था के साथ-साथ पुलिस...

मामुली बारिश… और अंधेरे में डूब जाता है बिहार का गांव

ट्री कटिंग पर हर साल करोड़ों के टेंडर, फिर भी पेड़ की टहनी से...

बांकीपुर उपचुनाव: क्या बीजेपी का अभेद्य किला दरकेगा या बदलेगी बिहार की राजनीति?

KKN ब्यूरो। पटना का बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र केवल एक सीट नहीं है। यह बिहार...

कोल्ड ड्रिंक: ताजगी या धीमा ज़हर? क्या कहती है वैज्ञानिक रिसर्च?

KKN ब्यूरो। गर्मी हो, पार्टी हो या सफर, कोल्ड ड्रिंक आज हमारी जीवनशैली का...

ग्रामीण सड़कों के ‘जानलेवा’ स्पीड ब्रेकर: सुरक्षा के नाम पर जनता की जेब और सेहत पर हमला?

KKN ब्यूरो। ग्रामीण भारत में पक्की सड़कों का जाल तेजी से बिछा है। प्रधानमंत्री...

बिहार के किसान और बेरोजगार: आखिर क्या है असली समाधान?

बिहार की सबसे बड़ी समस्या बेरोजगारी नहीं, आय की कमी है KKN ब्यूरो। बिहार की...

भरत तिवारी एनकाउंटर: कानून का सवाल, जाति की बहस और सच की तलाश

KKN ब्यूरो। भोजपुर के बिलौटी गांव का एक युवक...। फेसबुक लाइव...। पुलिस पर पिस्टल...

बिहार में शराबबंदी: सामाजिक सुधार या भ्रष्टाचार की नई अर्थव्यवस्था?

क्या शराबबंदी सफल हुई या उसने भ्रष्टाचार को नया ईंधन दिया? KKN ब्यूरो। एक  अप्रैल...

श्रेष्ठता का भ्रम: जब गाली, दोषारोपण और अपमान बन जाते हैं सामाजिक फैशन

क्या दूसरों को नीचा दिखाकर कोई वास्तव में बड़ा बन सकता है? KKN ब्यूरो। आज...

हिन्दी पत्रकारिता: मिशन से बाज़ार तक का सफर

क्या हिन्दी पत्रकारिता आज भी जनता की आवाज़ है? हिन्दी पत्रकारिता दिवस विशेष KKN ब्यूरो। क्या...

“हाँ इश्क है” के लोकार्पण समारोह में जुटे कवि और साहित्य प्रेमी, पटना में दिखा साहित्य का रंग

पटना में रविवार को साहित्य, कविता और रचनात्मक अभिव्यक्ति का एक यादगार आयोजन देखने...