टिकटपुर का दरबार सज चुका है! यहां बायोडेटा से ज्यादा वायरल डाटा चलता है। जातीय संतुलन, भजन मंडली की मेहरबानी, सोशल मीडिया फॉलोअर्स और भोज की व्यवस्था—सब कुछ चाहिए गठबंधन सिंह को! राजनीति अब घोषणापत्र नहीं, जिंगल डांस और मीम से लड़ी जा रही है। देखिए इस व्यंग्यात्मक वीडियो में—कैसे इच्छाधारी उम्मीदवार, टिकट की दौड़ में नाच-गा कर, रील बना कर और फॉलोअर्स गिनवा कर बाजी मारने की कोशिश कर रहे हैं। यह कहानी पूरी तरह काल्पनिक है।

