KKN गुरुग्राम डेस्क | बिहार में गर्मी का प्रकोप तेजी से बढ़ता जा रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, राज्य के कई जिलों में आगामी दिनों में तापमान में भारी बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी। पछुआ हवाओं के प्रभाव से वातावरण शुष्क हो गया है और अगले पांच से सात दिनों तक पारा 40 से 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। इसके मद्देनज़र मौसम विभाग ने राज्यभर में येलो अलर्ट (Yellow Alert) जारी किया है।
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पछुआ हवाएं बढ़ा रही हैं तापमान
मौसम विभाग के वैज्ञानिकों के अनुसार, इस समय मध्य भारत और समीपवर्ती ओडिशा क्षेत्र में एक चक्रवातीय परिसंचरण (Cyclonic Circulation) बना हुआ है। इसका असर बिहार में भी देखने को मिल रहा है, जहां पूर्वी हवाओं की जगह अब पछुआ हवाएं बह रही हैं। यह हवाएं शुष्क और गर्म होती हैं, जिससे तापमान में लगातार वृद्धि हो रही है।
पटना समेत कई जिलों में गर्मी का असर
राजधानी पटना समेत राज्य के लगभग सभी जिलों में दिन और रात दोनों समय का तापमान सामान्य से ज्यादा दर्ज किया जा रहा है। मौसम विभाग ने बताया कि 10 से 16 मई तक प्रदेश के अधिकतर हिस्सों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री से ऊपर रहने की संभावना है।
बुधवार को पटना में अधिकतम तापमान 35.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 4.2 डिग्री अधिक था। वहीं, डेहरी ऑन सोन में 38.8 डिग्री के साथ सबसे अधिक तापमान रिकॉर्ड किया गया।
किन इलाकों में जारी हुआ है येलो अलर्ट?
मौसम विभाग ने 9 मई से 13 मई के बीच बिहार के उत्तर-पश्चिम, उत्तर-मध्य, दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-पूर्व क्षेत्रों में शुष्क और गर्म दिन को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। यह चेतावनी उन लोगों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है जो खेतों में काम करते हैं या बाहर लंबा समय बिताते हैं।
प्रमुख प्रभावित जिले: पटना, गया, औरंगाबाद, भोजपुर, वैशाली, बक्सर, रोहतास, नालंदा, दरभंगा, समस्तीपुर, सीवान, सारण, मधुबनी, सुपौल और सहरसा।
हल्की वर्षा से भी नहीं मिली राहत
हालांकि बुधवार को कुछ इलाकों में हल्की बारिश हुई, लेकिन यह गर्मी से राहत देने में नाकाफी साबित हुई। बिहारशरीफ में 7.0 मिमी, बेगूसराय में 2.0 मिमी और शेखपुरा में 0.5 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई।
पटना और इसके आसपास के क्षेत्रों में हल्के बादल छाए रहे, लेकिन इससे तापमान में कोई विशेष गिरावट नहीं आई। सुपौल में 15 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं, जो मौसम को और शुष्क बना रही हैं।
स्वास्थ्य के लिए खतरा: बचाव के उपाय
गर्मी में तापमान का लगातार बढ़ना स्वास्थ्य के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। लू लगना, डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक जैसे जोखिम बढ़ जाते हैं। खासकर बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों के लिए यह मौसम विशेष सावधानी की मांग करता है।
क्या करें:
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खूब पानी पिएं, शरीर को हाइड्रेट रखें।
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दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक धूप में निकलने से बचें।
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हल्के रंग के ढीले और सूती कपड़े पहनें।
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बाहर निकलते समय टोपी या छाता अवश्य लें।
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शरीर को ठंडा रखने के लिए घर में पंखे या कूलर का उपयोग करें।
प्रशासन की तैयारी
राज्य प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग और जिला अधिकारियों को अलर्ट पर रखा है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) में ओआरएस, ठंडा पानी और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था की जा रही है। साथ ही, स्कूली बच्चों और श्रमिक वर्ग को दोपहर के समय आराम देने की सलाह दी गई है।
अगले सप्ताह तक राहत की उम्मीद नहीं
मौसम विभाग के अनुसार, अभी राज्य में किसी ठंडी लहर या बारिश की संभावना नहीं है। अगले सप्ताह तक मौसम शुष्क और गर्म बना रहेगा। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि तापमान में राहत तभी मिलेगी जब कोई नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा या बारिश की स्थिति बनेगी।
बिहार में फिलहाल गर्मी का दौर अपने चरम पर है। पछुआ हवाओं के कारण तापमान तेजी से बढ़ रहा है और आने वाले दिनों में और अधिक गर्मी पड़ने की संभावना है। मौसम विभाग और स्वास्थ्य विभाग की ओर से लगातार अलर्ट जारी किए जा रहे हैं। ऐसे में आम लोगों को चाहिए कि वे सजग रहें और सभी जरूरी एहतियात बरतें।



