3 मार्च 2025 को बिहार विधानसभा में नव निर्वाचित विधान पार्षद बंशीधर ब्रजवासी का पहला भाषण सत्ता के गलियारों में गूंज उठा। जन्मदिन की बधाई के बाद, अपने शालीन अंदाज और तीखे शब्दों से उन्होंने वित्त रहित शिक्षकों और गांव की समस्याओं को पुरजोर तरीके से उठाया। उनका भाषण सत्ता के नर्व्स में चुभन और शिक्षकों के हक के लिए एक बुलंद आवाज बन गया। जानें, कैसे उनके शब्दों की तरंग लंबे समय तक सत्ता में गूंजती रहेगी।
पहले ही भाषण में बंशीधर ब्रजवासी का सधा वार, सत्ता के गलियारे में गूंजा शिक्षकों का दर्द
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