होमBiharनालंदा में लालू यादव की बड़ी घोषणा: तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री बनाने...

नालंदा में लालू यादव की बड़ी घोषणा: तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री बनाने का संकल्प, RJD ने चुनावी मोर्चा संभाला

Published on

KKN  गुरुग्राम डेस्क | बिहार में विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही सभी राजनीतिक दल अपनी तैयारियों में जुट गए हैं। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) भी इस बार पूरी मजबूती के साथ मैदान में उतरने की तैयारी कर रहा है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव लगातार बिहार के विभिन्न जिलों में यात्राएं कर रहे हैं और जनता से सीधा संवाद कर रहे हैं।

इसी क्रम में RJD सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने बुधवार को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के गृह जिले नालंदा में एक बड़ी जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री पद के लिए तेजस्वी यादव के नाम की घोषणा करते हुए कहा कि हर हाल में तेजस्वी को मुख्यमंत्री बनाएंगे।

लालू यादव का बड़ा ऐलान: “तेजस्वी हर हाल में मुख्यमंत्री बनेंगे”

नालंदा में आयोजित इस विशाल जनसभा में लालू प्रसाद यादव ने अपने समर्थकों से एकजुट होने की अपील की। उन्होंने कहा कि “हम लोगों को मिलकर इस देश में अपनी सरकार बनानी है। आप लोग किसी के सामने सिर मत झुकाइए, ना हमने कभी झुकाया और ना ही आप लोगों को झुकने की जरूरत है।”

उन्होंने बिहार की जनता से अपील करते हुए कहा कि अगर RJD सत्ता में आती है, तो वे कई महत्वपूर्ण योजनाओं को लागू करेंगे, जिनमें शामिल हैं:

✔ महिलाओं के खाते में ₹2500 प्रति माह (झारखंड की तर्ज पर)
✔ हर घर को मुफ्त बिजली
✔ नौजवानों को रोजगार और सरकारी नौकरियां

लालू यादव ने जनता को भरोसा दिलाया कि “हम जो कहते हैं, वह करके दिखाते हैं। RJD की सरकार बनेगी, तो लोगों को बेहतरी महसूस होगी।”

नालंदा में लालू यादव की जनसभा क्यों अहम?

नालंदा बिहार का राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण जिला है क्योंकि यह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का गृह जिला है। इस जिले में RJD की सभा राजनीतिक रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है।

✔ नीतीश कुमार के गढ़ में RJD का शक्ति प्रदर्शन
✔ कुर्मी और अन्य पिछड़ा वर्ग के वोटरों को लुभाने की कोशिश
✔ RJD का संदेश कि वे नीतीश को सीधी टक्कर देंगे

लालू प्रसाद यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उनकी सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि बिहार की जनता परिवर्तन चाहती है। उन्होंने कहा कि “अब समय आ गया है कि बिहार में नई सरकार बने, जो जनता की भलाई के लिए काम करे।“

RJD की चुनावी रणनीति और बिहार की राजनीति

विधानसभा चुनाव के करीब आते ही RJD ने अपनी रणनीति तेज कर दी है। तेजस्वी यादव लगातार जनता के बीच जा रहे हैं, ताकि RJD को मजबूत किया जा सके।

✔ बिहार के हर जिले में तेजस्वी की जनसभाएं और रैलियां
✔ युवा और बेरोजगारों को लुभाने के लिए रोजगार और मुफ्त बिजली के वादे
✔ महिलाओं के लिए ₹2500 प्रतिमाह योजना का ऐलान

RJD ने इस चुनाव में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की नीतियों को कमजोर बताते हुए सीधी टक्कर देने की योजना बनाई है। लालू यादव की इस जनसभा ने राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है।

क्या RJD को जनता का समर्थन मिलेगा?

बिहार की राजनीति में RJD हमेशा से एक मजबूत पार्टी रही है, खासकर यादव और मुस्लिम वोटरों के बीच इसकी पकड़ मजबूत रही है। लेकिन इस बार चुनावी मुकाबला कठिन होगा क्योंकि:

✔ BJP और JDU का गठबंधन मजबूत है
✔ कई क्षेत्रीय दल भी मैदान में हैं
✔ युवा और नए वोटरों की भूमिका अहम होगी

फिर भी, लालू यादव और तेजस्वी यादव की सक्रियता ने RJD को एक मजबूत दावेदार बना दिया है। अब देखना होगा कि क्या RJD अपने वादों और रणनीति से बिहार की जनता का समर्थन हासिल कर पाएगी।

बिहार में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो चुकी हैं। लालू प्रसाद यादव का नालंदा में चुनावी बिगुल फूंकना इस बात का संकेत है कि RJD इस बार पूरी ताकत के साथ मैदान में है।

✔ नीतीश कुमार के गढ़ में RJD की एंट्री एक बड़ा राजनीतिक संदेश है।
✔ तेजस्वी यादव को CM बनाने की घोषणा से समर्थकों में जोश बढ़ा है।
✔ RJD ने महिलाओं और युवाओं को लुभाने के लिए बड़े वादे किए हैं।

अब देखना यह है कि क्या जनता RJD के इन वादों पर भरोसा करेगी या फिर नीतीश कुमार और BJP के गठबंधन को दोबारा मौका मिलेगा। आने वाले चुनावी महीनों में बिहार की राजनीति और भी दिलचस्प होने वाली है।

Read this article in

KKN लाइव WhatsApp पर भी उपलब्ध है, खबरों की खबर के लिए यहां क्लिक करके आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं।

KKN Public Correspondent Initiative


Discover more from

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Latest articles

हिंद केसरी यादव: मीनापुर की राजनीति में वह नाम, जिसने आंदोलन को सड़क से सदन तक पहुंचाया

पांचवीं पुण्यतिथि पर दरहीपट्टी में श्रद्धांजलि सभा, वक्ताओं ने कहा—अधूरे कार्यों को आगे बढ़ाना...

मीनापुर की महिलाएं घर चलाने में कितना योगदान देती हैं? गांव की छिपी अर्थव्यवस्था का सच

मीनापुर की अर्थव्यवस्था का आधा हिस्सा शायद दिखाई ही नहीं देता मीनापुर की अर्थव्यवस्था का...

क्या अमेरिका पर भरोसा करने का दौर खत्म हो रहा है? भारत की नई चुनौती

दुनिया की राजनीति में अमेरिका की ताकत पर शायद ही कोई सवाल उठाता है,...

बागमती की पुरानी धारा फिर जगी तो मीनापुर में क्या बदलेगा? बाढ़ से राहत या नई मुसीबत—बेलवा डैम से बूढ़ी गंडक तक

मीनापुर के लिए यह सिर्फ नदी की खुदाई नहीं है मीनापुर में बागमती की पुरानी...

More like this

हिंद केसरी यादव: मीनापुर की राजनीति में वह नाम, जिसने आंदोलन को सड़क से सदन तक पहुंचाया

पांचवीं पुण्यतिथि पर दरहीपट्टी में श्रद्धांजलि सभा, वक्ताओं ने कहा—अधूरे कार्यों को आगे बढ़ाना...

मीनापुर की महिलाएं घर चलाने में कितना योगदान देती हैं? गांव की छिपी अर्थव्यवस्था का सच

मीनापुर की अर्थव्यवस्था का आधा हिस्सा शायद दिखाई ही नहीं देता मीनापुर की अर्थव्यवस्था का...

विधानसभा में उठेगा ग्रामीण पत्रकारों की सुरक्षा और पेंशन का मुद्दा, पारू व लालगंज विधायकों ने दिया भरोसा

मीडिया फॉर बॉर्डर हार्मोनी के ‘हमारी आवाज’ कार्यक्रम में पत्रकारों ने सर्वसम्मति से पारित...

मीनापुर की असली कहानी क्या है? आजादी, राजनीति, बागमती और बदलते गांव का पूरा सच

मीनापुर को अगर सिर्फ मुजफ्फरपुर जिले का एक प्रखंड या बिहार की एक विधानसभा...

मीनापुर में परिणाम बदलने वाले मुद्दे: जाति से बाढ़ तक, सड़क से रोज़गार तक आखिर किस सवाल ने बदली बाजी?

मीनापुर में विकास की परिकथा सिर्फ कुछ आंकड़ों से नहीं बनता। उसके पीछे एक...

मीनापुर की राजनीति: 1951 से 2025 तक सत्ता बदलती रही, लेकिन क्या बदला राजनीति का मिजाज?

मीनापुर की राजनीति को अगर सिर्फ पिछले 10 या 15 वर्षों के चुनाव से...

बिहार का पलायन: क्या रोज़गार की तलाश में निकलती पीढ़ियां कभी लौटेंगी?

बिहार के किसी छोटे से गांव में शाम ढलते ही अगर आप बस अड्डे,...

कहां गुम हो रही हैं बिहार की बेटियां?

गुमशुदगी का आंकड़ा गंभीर है एक लड़की घर से निकलती है। परिवार समझता है कि...

बिहार में बारिश और तेज हवा ने फिर बदला मौसम का मिजाज, 26 जिलों में अलर्ट; आखिर कब थमेगा यह सिलसिला?

आसमान में बादल हैं। रुक-रुक कर बारिश लगातार हो रही है, अचानक तेज बौछार...

चुनाव आयोग पर क्यों मचा है हंगामा? 14 आपत्तियों से उठे सवाल, ज्ञानेश कुमार की भूमिका और सत्ता पक्ष की असहजता की पूरी पड़ताल

भारत में चुनाव केवल सरकार चुनने की प्रक्रिया नहीं हैं। चुनाव वह बुनियादी व्यवस्था...

क्या एक विधायक पांच साल में अपने क्षेत्र की तस्वीर बदल सकता है?

KKN ब्यूरो। विधायक के पास अपने विधानसभा क्षेत्र के लिए 5 वर्षों में 20...

मीनापुर में जदयू का ‘संवाद’ या संगठन के भीतर उठती बेचैनी?

मनीष वर्मा के सामने खुली कार्यकर्ताओं की परत-दर-परत पीड़ा KKN ब्यूरो। मीनापुर में रविवार का...

ट्रंप के दौर में क्या अमेरिका की वैश्विक साख घटी? आंकड़े क्या कहते हैं

KKN ब्यूरो। एक समय था जब दुनिया के किसी संकट पर एक सवाल लगभग...

मीनापुर की जुड़वा बहनों ने CSIR-NET में लहराया परचम, शनाया को ऑल इंडिया 92वीं रैंक

मुजफ्फरपुर के मीनापुर प्रखंड की जुड़वा बहनों शनाया निशांत और शोनाया निशांत ने CSIR-NET...

बिहार की सड़कें बन गईं मौत की सड़क? 5 साल में 34% बढ़े हादसे, 9,347 लोगों की गई जान

आंकड़ों का एक्स-रे: दुर्घटनाएं बढ़ीं, मौतें उससे भी तेज बढ़ीं KKN ब्यूरो। एक सड़क। एक...